कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) का आंदोलन खत्म, सरकार ने मानी तीनों मुख्य मांगें
punjabkesari.in Saturday, Jul 25, 2026 - 10:31 PM (IST)
नई दिल्ली: जंतर-मंतर पर पिछले कई दिनों से डटी कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) ने आखिरकार अपना आंदोलन वापस लेने का ऐलान कर दिया है। शनिवार को केंद्र सरकार के साथ हुई निर्णायक बैठक के बाद पार्टी ने यह बड़ा फैसला लिया। सीजेपी के अनुसार, सरकार ने उनकी तीनों प्रमुख मांगों को स्वीकार कर लिया है।
धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा और FIR वापसी पर बनी सहमति
सीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रांका ने बताया कि सरकारी प्रतिनिधिमंडल के साथ तीन दौर की बातचीत हुई। पार्टी की पहली बड़ी मांग केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा थी, जिसे लेकर दावा किया गया है कि उन्होंने पद छोड़ दिया है।
दूसरी महत्वपूर्ण मांग प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज सभी एफआईआर (FIR) वापस लेने की थी। सरकार ने न केवल दिल्ली, बल्कि भाजपा शासित और सहयोगी राज्यों में भी दर्ज मुकदमे वापस लेने का भरोसा दिया है। केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने स्पष्ट किया है कि छात्रों और आयोजकों पर भविष्य में भी कोई कानूनी कार्रवाई नहीं की जाएगी।
मुआवजे पर सरकार का सहानुभूतिपूर्ण रुख
नीट (NEET) पेपर विवाद के कारण जान गंवाने वालों के परिवारों के लिए 1 करोड़ रुपये के मुआवजे की मांग पर सरकार ने सहानुभूतिपूर्वक विचार करने का आश्वासन दिया है। सरकार ने कहा है कि वह रिफॉर्म चार्टर और मुआवजे के मुद्दे पर गहन चिंतन करेगी।
मंगलवार तक मिलेगी एफआईआर की कॉपी
सीजेपी के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास ने कहा कि हम 'अच्छी नीयत' के साथ यह आंदोलन खत्म कर रहे हैं। सरकार ने वादा किया है कि दिल्ली में दर्ज करीब 15-20 एफआईआर की कॉपियां मंगलवार तक साझा कर दी जाएंगी और तीन-चार दिनों के भीतर इन्हें वापस लेने की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी।
जेपी नड्डा के साथ हुई सफल वार्ता
सरकार की ओर से मोर्चा संभाल रहे केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने सीजेपी नेताओं के साथ लंबी चर्चा के बाद लिखित मसौदे पर सहमति जताई। उन्होंने आश्वस्त किया कि आंदोलनकारियों के खिलाफ किसी भी तरह का दंडात्मक एक्शन नहीं लिया जाएगा। इसी गारंटी के बाद सीजेपी ने जंतर-मंतर से अपना धरना खत्म करने की घोषणा की है।
