CBSE Board Exam 2026: कॉपियों की जांच पर संकट! दिल्ली में टीचर्स नहीं मिलने से अटक सकता है रिजल्ट

punjabkesari.in Thursday, Mar 12, 2026 - 05:43 PM (IST)

नेशनल डेस्क: Central Board of Secondary Education (CBSE) की 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षाएं 2026 लगभग समाप्ति की ओर हैं। जहां 10वीं की परीक्षाएं मार्च में पूरी हो चुकी हैं, वहीं 12वीं कक्षा के कई विषयों के पेपर आयोजित किए जा चुके हैं और शेष परीक्षाएं 9 अप्रैल 2026 तक खत्म हो जाएंगी।

इसी बीच उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन को लेकर एक नई समस्या सामने आ गई है, खासकर दिल्ली में। जानकारी के मुताबिक, बोर्ड ने कॉपियों की जांच की प्रक्रिया शुरू कर दी है, लेकिन पर्याप्त संख्या में शिक्षक उपलब्ध नहीं हो पाने के कारण मूल्यांकन कार्य प्रभावित हो रहा है।

दिल्ली में क्यों अटक गया मूल्यांकन कार्य

सूत्रों के अनुसार, दिल्ली में CBSE द्वारा नियुक्त कई शिक्षक और गेस्ट टीचर अभी तक मूल्यांकन केंद्रों पर नहीं पहुंच पाए हैं। इसका मुख्य कारण यह बताया जा रहा है कि दिल्ली सरकार के स्कूलों के प्रिंसिपल उन्हें इस ड्यूटी के लिए रिलीव नहीं कर रहे हैं।

दरअसल, शिक्षक अभी भी स्कूलों में नियमित पढ़ाई और अन्य प्रशासनिक कार्यों में व्यस्त हैं। ऐसे में कई स्कूलों से नामित शिक्षकों को बोर्ड के मूल्यांकन कार्य के लिए भेजा नहीं जा रहा, जिससे प्रक्रिया धीमी पड़ गई है।

गेस्ट टीचर्स को लेकर भी बना विवाद

पिछले वर्षों में दिल्ली के गेस्ट टीचर्स बोर्ड की कॉपी जांच में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते रहे हैं। लेकिन इस बार स्थिति अलग दिखाई दे रही है। बताया जा रहा है कि कई स्कूल प्रशासन 2024 में जारी एक सर्कुलर का हवाला दे रहे हैं, जिसमें गेस्ट टीचर्स को बोर्ड से जुड़े कार्यों के लिए रिलीव न करने का निर्देश दिया गया था। इसी वजह से कई स्कूल शिक्षक और गेस्ट फैकल्टी को मूल्यांकन केंद्रों पर भेजने से बच रहे हैं।

CBSE ने शिक्षा निदेशालय से मांगा हस्तक्षेप

मामले को गंभीर मानते हुए CBSE के दिल्ली पश्चिमी क्षेत्रीय कार्यालय की गोपनीय शाखा ने Directorate of Education Delhi को पत्र लिखकर तुरंत हस्तक्षेप करने की मांग की है। बोर्ड की ओर से भेजे गए पत्र में कहा गया है कि लगातार शिकायतें मिल रही हैं कि दिल्ली सरकार के स्कूलों से शिक्षक और गेस्ट टीचर्स को मूल्यांकन ड्यूटी के लिए रिलीव नहीं किया जा रहा। इससे उत्तर पुस्तिकाओं की जांच प्रक्रिया प्रभावित हो रही है। कई स्कूल प्रिंसिपल 2024 के सर्कुलर का हवाला देकर शिक्षकों को भेजने से इनकार कर रहे हैं। CBSE ने निदेशालय से अनुरोध किया है कि जल्द नया निर्देश जारी किया जाए, ताकि योग्य शिक्षकों और गेस्ट टीचर्स को मूल्यांकन कार्य के लिए भेजा जा सके।

रिजल्ट टाइमलाइन पर पड़ सकता है असर

बोर्ड का कहना है कि कॉपियों की जांच समय पर पूरी होना बेहद जरूरी है, क्योंकि इसी पर बोर्ड रिजल्ट जारी होने की समयसीमा निर्भर करती है। यदि मूल्यांकन कार्य में देरी होती है, तो इसका असर 10वीं और 12वीं के परिणामों की घोषणा पर भी पड़ सकता है। ऐसे में अब सभी की नजर दिल्ली शिक्षा निदेशालय के अगले फैसले पर टिकी है।


सबसे ज्यादा पढ़े गए

Content Writer

SHUKDEV PRASAD

Related News