CBOSE के माध्यम से शिक्षा का विस्तार: ओपन स्कूलिंग के ज़रिए लाखों विद्यार्थियों को मिल रहा नया अवसर

punjabkesari.in Friday, Jan 02, 2026 - 05:38 PM (IST)

नई दिल्ली: देश में शिक्षा को अधिक सुलभ, समावेशी और लचीला बनाने की दिशा में Central Board of Open Schooling and Examination (CBOSE) एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। CBOSE एक ऐसा शैक्षणिक संगठन है, जो उन विद्यार्थियों के लिए शिक्षा का द्वार खोलता है, जो किसी कारणवश पारंपरिक स्कूल प्रणाली से जुड़ नहीं पाए या बीच में अपनी पढ़ाई छोड़ने को मजबूर हुए।

CBOSE का उद्देश्य “शिक्षा सबके लिए” की भावना को साकार करना है, ताकि समाज का कोई भी वर्ग शिक्षा से वंचित न रहे। यह संगठन ओपन स्कूलिंग मॉडल के अंतर्गत माध्यमिक (10वीं) और वरिष्ठ माध्यमिक (12वीं) स्तर की शिक्षा प्रदान करता है, जिससे छात्र अपने समय, सुविधा और गति के अनुसार अध्ययन कर सकें।

ओपन स्कूलिंग की आवश्यकता और CBOSE की भूमिका

आज के बदलते सामाजिक और आर्थिक परिवेश में यह आवश्यक हो गया है कि शिक्षा केवल कक्षा और स्कूल भवन तक सीमित न रहे। कामकाजी युवा, ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थी, महिलाएँ, खेल या कला से जुड़े छात्र, तथा वे लोग जो किसी व्यक्तिगत या आर्थिक कारण से नियमित स्कूल नहीं जा पाए — सभी के लिए ओपन स्कूलिंग एक प्रभावी विकल्प बनकर उभरी है।

CBOSE इसी आवश्यकता को समझते हुए एक ऐसा मंच प्रदान करता है, जहाँ विद्यार्थी बिना किसी उम्र की बाध्यता के अपनी अधूरी शिक्षा को पूरा कर सकते हैं। यह पहल शिक्षा के लोकतंत्रीकरण की दिशा में एक मजबूत कदम मानी जा रही है।

CBOSE द्वारा प्रदान की जा रही प्रमुख सेवाएँ

CBOSE अपनी आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से कई महत्वपूर्ण शैक्षणिक सेवाएँ प्रदान करता है:

 माध्यमिक एवं वरिष्ठ माध्यमिक पाठ्यक्रम:
  कक्षा 10वीं और 12वीं के लिए विभिन्न विषयों में नामांकन की सुविधा।

 लचीली अध्ययन प्रणाली:
  विद्यार्थी अपनी सुविधा के अनुसार पढ़ाई कर सकते हैं, जिससे उन पर अनावश्यक दबाव नहीं पड़ता।

परीक्षा और मूल्यांकन व्यवस्था:
  निर्धारित सत्रों में परीक्षाएँ आयोजित की जाती हैं तथा सफल विद्यार्थियों को प्रमाणपत्र प्रदान किए जाते हैं।

ऑनलाइन पोर्टल सुविधाएँ:
  छात्र लॉगिन, स्कूल/कॉलेज लॉगिन, मॉडल पेपर, प्रश्न बैंक, परीक्षा सूचना और मार्कशीट सत्यापन जैसी सुविधाएँ वेबसाइट पर उपलब्ध हैं।

विविध विषय विकल्प:
  अकादमिक विषयों के साथ-साथ व्यावसायिक और कौशल-आधारित विषयों को भी पाठ्यक्रम में शामिल किया गया है।

मान्यता और विश्वसनीयता की दिशा में कदम

CBOSE स्वयं को एक शिक्षा-उन्मुख, गैर-लाभकारी संगठन के रूप में प्रस्तुत करता है, जो भारतीय संविधान के तहत शिक्षा के अधिकार की भावना के अनुरूप कार्य करता है। संस्था का दावा है कि वह राष्ट्रीय शिक्षा नीति के मूल सिद्धांतों — समान अवसर, गुणवत्ता, लचीलापन और कौशल विकास — को ध्यान में रखते हुए अपने कार्यक्रम संचालित करती है।

हाल ही में Council of Boards of School Education in India (COBSE) से जुड़ाव ने CBOSE की विश्वसनीयता को और अधिक मजबूती दी है। इस सदस्यता से यह संकेत मिलता है कि CBOSE शिक्षा के राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप स्वयं को निरंतर विकसित करने के प्रयास में है।

छात्रों के लिए नया आत्मविश्वास

CBOSE से जुड़े कई विद्यार्थियों का मानना है कि ओपन स्कूलिंग ने उन्हें दोबारा अपने सपनों को पूरा करने का अवसर दिया है। जो छात्र कभी ड्रॉप-आउट की श्रेणी में आ गए थे, वे अब उच्च शिक्षा और करियर की ओर कदम बढ़ा पा रहे हैं। यह पहल खास तौर पर उन लोगों के लिए प्रेरणास्रोत बन रही है, जो यह मान चुके थे कि उनकी पढ़ाई का सफर अब खत्म हो गया है।
भविष्य की दिशा

शिक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, आने वाले समय में ओपन स्कूलिंग की भूमिका और भी महत्वपूर्ण होने वाली है। डिजिटल प्लेटफॉर्म, ऑनलाइन संसाधन और लचीली परीक्षा प्रणालियाँ शिक्षा को नई दिशा दे रही हैं। CBOSE इसी बदलाव के साथ कदम मिलाते हुए अपनी सेवाओं को और अधिक पारदर्शी, तकनीक-सक्षम और छात्र-केंद्रित बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।


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Content Editor

Sahil Kumar