पंजाब में बदलाव की बयारः अब एक मौका भाजपा को दीजिए, पंजाब को नशों और गैंगस्टरों के चंगुल से मुक्त कराएंगे: तरुण चुघ

punjabkesari.in Friday, Apr 17, 2026 - 09:41 AM (IST)

फसल-नस्ल एवं खून-पानी खतरे में हैं
भारतीय जनता पार्टी पंजाब की धड़कन, दिल्ली में संगठन की ताकत, 2027 के चुनाव की रणनीति के सूत्रधार, पंजाब के लिए नए विकल्प की आवाज बनकर उभर रही है। भाजपा की आगामी चुनावों को लेकर भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री तरुण चुघ की 'पंजाब केसरी' के साथ खास बातचीत के अंश:

* प्र. आने वाले पंजाव विधानसभा चुनाव को लेकर आपकी पार्टी की सबसे बड़ी रणनीति क्या है ?
उ. देखिए, हमारी रणनीति बड़ी सीधी और साफ है पंजाब की जनता को एक सशक्त, ईमानदार और सुरक्षित विकल्प देना। आज पंजाब किस हालत में है, यह किसी से छिपा नहीं है। नशे ने एका पोड़ों को तबाह कर दिया है, गैंगस्टर सरपंचों और आम नागरिकों को धमकियां दे रहे हैं और उद्योगपति राज्य छोड़कर जा रहे हैं। ऐसे में हमारी रणनीति है-जमीन पर जाओ, लोगों से जुड़ी और एक स्पष्ट रोडमैप पेश करो। हम 2027 चुनाव अकेले दम पर लड़ने और पूर्ण बहुमत से सरकार बनाने के इरादे से मैदान में हैं।

हमारी पकड़ अब सिर्फ शहरों तक सीमित नहीं रही, गांव-गांव में भाजपा का संगठन मजबूत हो रहा है। 2024 के लोकसभा चुनाव में हमें 19 प्रतिशत वोट मिले। यह आंकड़ा बहुत मायने रखता है जहां भाजपा 19 प्रतिशत पर पहुंचती है, वहां अगली सरकार भाजपा की हो बनती है। ओडिशा, असम और त्रिपुरा में ऐसा ही हुआ। अब पंजाब में परिवर्तन होगा और डबल इंजन की सरकार बनेगी।

हमारी रणनीति का दूसरा स्तंभ है, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का नेतृत्व। पंजाब की मां-बहनें, किसान और युवा जानते हैं कि मोदी जी वादा करते हैं तो निभाते हैं। अब पंजाब से नशे का सफाया करने का हमारा वादा है। पंजाब की जनता का भाजपा पर भरोसा है और बदलाव होकर रहेगा।

प्र. पिछले चुनाव में अपेक्षित सफलता नहीं मली, इस बार क्या अलग करने जा रहे हैं?
2022 में पंजाब की जनता ने बदलाव के नाम पर आम आदमी पाट को मौका दिया था। वह मौका था एक प्रयोग और वह प्रयोग बुरी तरह विफल हो चुका है। अब पंजाब की जनता कांग्रेस, अकाली दल एवं 'आप' से समान घृणा करती है। पंजाब पंजाबियत के लिए अपना सब कुछ त्याग कर हम गठबंधन की राजनीति में फंसे रहे और अपनी स्वतंत्र पहचान पूरी तरह से साबित नहीं कर पाए। अब यह गलती नहीं दोहराएंगे, भाजपा अकेले पूरी तैयारी से लगी है। इस चार हम 3 स्तरों पर काम कर रहे हैं। पहला संगठन विस्तार, हर विधानसभा क्षेत्र में भाजपा का नैटवर्क तैयार हो रहा है, बूथ स्तर तक। दूसरा युवाओं और किसानों से सीधा संवाद। गांव-गांव जाकर केंद्र सरकार की योजनाओं की असलियत लोगों तक पहुंचाना, जो 'आप' सरकार दबाकर रखती है। तीसरा एक स्पष्ट और भरोसेमंद नैरेटिव, पंजाब की हर समस्या का एक ही समाधान 'डबल इंजन की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार'।

प्र. क्या भाजपा पंजाब में अकेले चुनाव लड़ेगी या किसी गठबंधन की संभावना है?
उ.
भाजपा पंजाब में अकेले चुनाव लड़ेगी और अकेले सरकार बनाएगी। यह हमारा स्पष्ट इरादा है। गठबंधन की राजनीति पंजाब के लोगों को बहुत अमित कर चुकी है। अकाली दल भाजपा गठबंधन की सरकार के दौर में जो कमियां थीं, उनका ठीकरा भी हम पर फोड़ा जाता रहा। अब हम खुद अपने दम पर जनता के सामने जाना चाहते हैं। हमें गठबंधन की वैसाखी की जरूरत नहीं है। मोदी जी का नाम, केंद्र सरकार की उपलब्धियां और पंजाब के प्रति हमारी प्रतिवद्धता, यही हमारी ताकत है। सुनील जाखड़ एवं अश्विनी शर्मा के नेतृत्व में पंजाब भाजपा पहले से कहीं ज्यादा संगठित और आत्मविश्वास से भरी है।

प्र. पंजाब में बेरोजगारी, नशा और कानून-व्यवस्था बड़े मुद्दे हैं, आपकी पार्टी का ठोस रोडमैप क्या है?
उ.
ये तीनों समस्याएं अलग-अलग नहीं हैं। ये एक ही जहरीले पेड़ की अलग-अलग शाखाएं हैं। जब बेरोजगारी होती है, युवा दिशाहीन होते हैं। दिशाहीन बेरोजगार युवा नशे की गिरफ्त में आते चलता है। इसलिए हमारा रोडमैप इन तीनों को एक साथ खत्म करने का है। हम दो साल के भीतर पंजाब को नशामुक्त बनाने का वादा करते हैं। जब कानून व्यवस्था ठीक होगी, तो उद्योग वापस मिलेंगे। पंजाब में केंद्र की स्किल इंडिया और पी. एम. के. वी. वाई, जैसी योजनाएं पहले से काम कर रही हैं, उनका लाभ पूरी केसरी आएंगे, निवेश बढ़ेगा रोजगार तरह जनता तक पहुंचाया जाएगा।

 * प्र. किसानों के मुद्दों पर अभी भी असंतोष है, आप इसे कैसे संबोधित करेंगे ?
. किसानों का दर्द हमारा दर्द है, यह सिर्फ नारा नहीं, हकीकत है। लेकिन मैं यह भी पूछना चाहता हूं कि किसानों के नाम पर राजनीति करने वाली 'आप' और कांग्रेस ने क्या दिया ?' आप' ने वादा किया था, सभी फसलों पर एम.एस.पी. पर आज तक पूरा नहीं किया। कांग्रेस ने 2013 में डब्ल्यू.टी.ओ. में वह समझौता किया था जो कि किसानों की एम. एस.पी. ही खत्म कर देता। 2014 में मोदी सरकार ने उस समझौते को रद्द किया और किसानों के हत्त की रक्षा की। आज मोदी सरकार के राज में किसानों के लिए कृषि बजट 22,000 करोड़ से 700 प्रतिशत बढ़कर 1 लाख 40 हजार करोड़ रुपए ही गया है। पंजाब के किसानों की गेहूं और धान की खरीद सबसे ज्यादा मोदी सरकार के समय हुई है, एम.एस.पी. का पैसा अब सीधे कसान के बैंक खाते में जाता है।

प्र. राज्य की आर्थिक स्थिति को सुधारने के लिए आपकी क्या योजना है?
उ.
पंजाब आज 4.7 लाख करोड़ के कर्ज में डूबा हुआ है और 'आप' सरकार उस कर्ज से न तो घबरा रही है, न ही उसे चुकाने की कोई योजना है। उलटा, जो पैस्त विकास में लगना चाहिए था, वह 785 करोड़ रुपए के विज्ञापनों में फूंक दिया गया। यह पंजाब के लिए हमारी सोच साफ है। पहला कानून व्यवस्था। जब तक गैंगस्टरों का डर रहेगा, कोई उद्योगपति पंजाब में निवेश नहीं करेगा। सुरक्षित माहौल बनते ही उद्योग खुद वापस आएंगे। दूसरा केंद्र की मोदी सरकार से मिल गो फंड का सही इस्तेमाल। आज अमरुत 2.0 के तहत पंजाब के लिए 3,600 करोड़ से ज्यादा के प्रोजैक्ट स्वीकृत हैं, लेकिन' आप 'सरकार उन्हें ठीक से लागू नहीं कर पा रही। तीसरा कृषि, उद्योग और सेवा क्षेत्र का संतुलित विकास। पंजाब में साफ खेती पर निर्भरता खत्म करनी होगी। खाद्य प्रसंस्करण उद्योग, आई.टी. सैक्टर और स्पैशल इकोनॉमक जोन से युवाओं को यहीं रोजगार मिलेगा।

* प्र. 'आप' और कांग्रेस की वर्तमान सरकारी नीतियों को कैसे देखते हैं?
उ.
आम आदमी पार्टी ने पंजाब को एक लूटतंत्र की प्रयोगशाला बना दिया है और वह प्रयोग पूरी तरह विफल हो चुका है। जब 'आप' सत्ता में आई थी तो कहा था कि नई राजनीति होगी, बदलाव होगा, ईमानदारी होगी। आज हकीकत क्या है? पंजाब 'आप' सरकार, केजरीवाल की ए.टी.एम. बन चुकी है। पंजाब का पैसा दिल्ली जा रहा है और मुख्यमंत्री कुछ बोल भी नहीं सकते। कई मामले कोर्ट में यह है आप की 'ईमानदार' सरकार का असली चेहरा है। 7 विधायकों पर आपराधिक मामले हैं। कांग्रेस की बात करें तो उनका इतिहास और भी शर्मनाक है। 1984 में सिखों का नरसंहार किया गया, अपने वर्करों से सिखों को जिंदा जलवाया गया, अकाल तख्त पर टैंक चढ़ाए गए। दशकों तक पंजाब को अपनी जागीर समझकर लूटते रहे। किसानों के खिलाफ डब्ल्यू टी. ओ. में समझौता किया गया न कांग्रेस पंजाब का भला कर सकती है, न 'आप' दोनों पंजाब की जड़ें खोखली कर रहे हैं।

प्र. क्या आपको लगता है कि पंजाब में तीसरे विकल्प की जगह बन रही है ?
उ.
तीसरा विकल्प नहीं पहला और एकमात्र विश्वसनीय वकल्प। पंजाब की जनता पहले कांग्रेस के कुशासन को देख चुकी है, अकाली दल की अनियमितताओं को देख चुकी है और अब 'आप' का भी असली भ्रष्टाचारी चेहरा सामने आ गया है।
 


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Content Editor

Anu Malhotra

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