छात्रों की नाराजगी दूर करने की तैयारी में BJP, भरोसा बहाल करने के लिए एक्शन प्लान पर फोकस
punjabkesari.in Wednesday, Jul 22, 2026 - 01:20 PM (IST)
नेशनल डेस्क: पेपर लीक को लेकर आंदोलन कर छात्रों को विपक्ष जहां राजनीतक मुद्दा बनाने की कोशिश में जुटा तो वहीं सरकार आंदोलनकारियों के तेवरों को देखकर बातचीत के जरिए इस मुद्दे को हल करने की जुगत में हैं। भारतीय जनता पार्टी के राजनीतक चाणक्य कहे जाने वाले एवं केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह इस पर नजर बनाएं हुए हैं। प्रधानमंत्री ने एनडीए संसदीय दल की बैठक में दो टूक कहा कि सरकार छात्रों के भविष्य से किसी को खिलवाड़ नहीं करने देगी और दोषियों को कड़ी सजा सुनिश्चित करेगी। स्वास्थ मंत्री जेपी नड्डा ने अस्पताल पहुंचकर घायल आंदोलनकारियों से मुलाकात की और बेहतर इलाज सुनिश्चित करने को कहा। देर शाम को जब कांग्रेस नेता प्रधानमंत्री आवास तक पहुंचे, तब भी सरकार हालात संभालती नजर आई।
गृहमंत्री अमित शाह रख रहे कड़ी नजर
सूत्रों के अनुसार, गृह मंत्री अमित शाह पूरे हालात पर कड़ी नजर रखे हैं और सभी कोणों से स्थिति को समझ रहे हैं। इसमें विपक्ष की भूमिका भी शामिल है। जिस तरह से आंदोलन में आम आदमी पार्टी, सपा, आजाद समाज पार्टी (कांसीराम) और कांग्रेस ने अपने-अपने ढंग से आंदोलन को लिया है, उसे भी देखा जा रहा है। सरकार में स्पष्ट मानना है कि इस पूरे मामले में बल प्रयोग नहीं किया जाएगा, बल्कि बातचीत से मामले को हल किया जाएगा। अगर इसमें कुछ असामाजिक तत्व सामने आए तब उसी तरह की कार्रवाई की जाएगी।
युवाओं के मुद्दों को ध्यान में रख कर आंदोलन से निपटने की तैयारी
बिना किसी स्पष्ट नेतृत्व को लेकर चल रहे आंदोलन से निपटने के लिए सरकार ने छात्रों और युवाओं के मुद्दों को ध्यान में रखा। साथ ही सुनिश्चित किया कि उनको सिर्फ रोका जाए। हालांकि, कुछ राजनीतिक दलों ने अपने-अपने ढंग से इसे उठाने की कोशिश की। दरअसल, बीते तीन दिनों में जंतर-मंतर, संसद और प्रधानमंत्री आवास तक जिस तरह से विरोध हुआ उसे भी सरकार ने गंभीरता से लिया है। इस दौरान सरकार आंदोलन को लेकर लगातार नजर रखे रही। रविवार को जब जंतर-मंतर पर भीड़ उमड़ी, उसे भी देखा गया, सोमवार को संसद भवन तक आंदोलनकारी पहुंचे और कुछ राजनीतिक दल भी इससे जुड़े, उस पर भी नजर रही।
संसद में हंगामे के आसार
सूत्रों के अनुसार, सरकार का मानना है कि तीन दिनों में विपक्षी दलों ने अपने-अपने ढंग से आंदोलन में खुद को जोड़ने की कोशिश की और श्रेय को लेने की होड़ भी रही। सरकार के एक नेता ने कहा कि जहां सरकार प्रभावी ढंग से छात्रों के मुद्दों को हल कर रही है, वहीं विपक्ष के लिए यह आंदोलन राजनीति करने का माध्यम बन कर रह गया है। आवास तक पहुंचे तो सरकार को भी पलटवार करने का मौका मिला।
छात्रों के मुद्दे पर राजनीति कर रहे राहुल गांधी
सरकार के सबसे ज्यादा निशाने पर कांग्रेस और उसके नेता राहुल गांधी हैं, जिनसे बात करने खुद मंत्री जितेंद्र सिंह और गृह सचिव गए थे। इसके बाद सरकार ने राहुल गांधी पर अपनी बात से पलटने और संसद में चर्चा के लिए तैयार होने से मना करने का आरोप भी लगाया, लेकिन अब सत्तापक्ष सांसत के बजाय पलटवार के तेवरों के साथ नजर आ सकता है।
चर्चा से समाधान की कोशिश
सूत्रों के अनुसार, स्थिति को देखते हुए संसद की सुरक्षा में तैनात केंद्रीय बलों, बाहर तैनात दिल्ली पुलिस को भी उनकी भूमिका को लेकर खास निर्देश और नसीहत दी गई है। सरकार इस मुद्दे पर सतर्कता के साथ आगे बढ़ रही है। सरकार इस पर संसद में चर्चा के लिए जोर दे रही है। सूत्रों के अनुसार, उसने राहुल गांधी की मांग पर संसद में आंदोलनकारियों पर पुलिस कार्रवाई पर गृह मंत्री के बयान और चर्चा की बात भी रखी, लेकिन जब राहुल गांधी तैयार नहीं हुए तो सरकार भी अब जवाबी मूड में है। ऐसे में अगर संसद एक दो दिन न चले तो भी समस्या नहीं है, लेकिन सरकार इसे चर्चा के जरिए ही सुलझाना चाहती है।
