honour killing की खौफनाक वारदात: शादी से नाराज परिवार ने बेटी का गला घोंट नदी किनारे ला/श जलाकर मिटाए सबूत
punjabkesari.in Saturday, Jun 20, 2026 - 06:21 PM (IST)
मुजफ्फरपुर: बिहार के मुजफ्फरपुर जिले से Honour Killing का एक ऐसा सनसनीखेज मामला सामने आया है जिसने सबको झकझोर कर रख दिया है। एक परिवार ने अपनी ही 19 साल की बेटी सुजाता कुमारी की सिर्फ इसलिए बेरहमी से हत्या कर दी, क्योंकि उसने अपनी जाति से बाहर (अंतरजातीय) लव मैरिज की थी। वारदात को छुपाने के लिए आरोपियों ने शव को बूढ़ी गंडक नदी के किनारे जलाकर सबूत भी मिटा दिए। इस खौफनाक मर्डर मिस्ट्री का खुलासा तब हुआ जब मृतका के पति गौरीशंकर कुमार ने हार नहीं मानी और सोशल मीडिया पर इंसाफ के लिए एक मुहिम छेड़ दी।
सोशल मीडिया पर वीडियो और सुसाइड की धमकी से हिला प्रशासन
सुजाता पिछले करीब दो महीनों से अचानक लापता थी। उसके पति गौरीशंकर लगातार अपनी पत्नी को ढूंढ रहे थे, लेकिन सुजाता के मायके वाले कुछ भी बताने को तैयार नहीं थे। आखिर में हताश होकर गौरीशंकर ने सोशल मीडिया पर एक भावुक वीडियो पोस्ट किया। उन्होंने रोते हुए अधिकारियों से गुहार लगाई और चेतावनी दी कि अगर उसकी पत्नी के कातिलों को नहीं पकड़ा गया तो वह अपनी जान दे देगा।
'मेरी पत्नी के कातिलों को ढूंढो, वरना मैं मर जाऊंगा।' - गौरीशंकर -मृतका का पति
इस वीडियो के वायरल होने और युवक की आत्महत्या की धमकी के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। मुजफ्फरपुर पुलिस ने तुरंत सीनियर अधिकारियों की देखरेख में एक स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) का गठन किया।
स्कूल के प्यार से कोर्ट मैरिज तक का सफर
सुजाता और गौरीशंकर पड़ोसी गांवों के रहने वाले थे और स्कूल के दिनों से एक-दूसरे को जानते थे। साल 2020 में दोनों का प्यार परवान चढ़ा। परिवार वालों के भारी विरोध के बावजूद उनका रिश्ता 6 साल तक चला। जनवरी 2026 को दोनों ने घर से भागकर समस्तीपुर में शादी कर ली और हरियाणा चले गए। फरवरी 2026 में लड़की के परिवार ने गौरीशंकर पर अपहरण का केस दर्ज कराया। पुलिस ने दोनों को ढूंढकर कोर्ट में पेश किया।
कोर्ट का फैसला: 19 साल की सुजाता ने कोर्ट में जज के सामने बहादुरी से बयान दिया कि वह बालिग है और अपनी मर्जी से पति के साथ रहना चाहती है। कोर्ट की कार्यवाही के बाद कुछ कानूनी वजहों से यह जोड़ा थोड़े समय के लिए अलग हुआ और सुजाता होली के त्योहार पर अपने मायके लौट आई। गौरीशंकर ने बताया कि उनकी सुजाता से आखिरी बार फोन पर 31 मार्च को बात हुई थी, जिसके बाद से उसका फोन बंद आने लगा।
भाई ने कबूला गुनाह: ऐसे रची गई हत्या की साजिश
जब पुलिस ने गौरीशंकर की शिकायत पर सुजाता के भाई अभिषेक कुमार को हिरासत में लेकर कड़ाई से पूछताछ की, तो उसने जो सच उगला उसे सुनकर पुलिस भी दंग रह गई। परिवार को डर था कि सुजाता फिर से भागकर अपने पति गौरीशंकर के पास चली जाएगी, जिससे समाज में उनकी बदनामी होगी। 8 मई को इसी डर के कारण परिवार के लोगों ने मिलकर सुजाता का गला घोंट दिया और उसकी जान ले ली। हत्या के बाद शव को चुपके से बूढ़ी गंडक नदी के किनारे ले जाया गया और वहां उसे पूरी तरह जला दिया गया ताकि कोई सबूत न बचे। पुलिस ने आरोपी भाई की निशानदेही पर नदी किनारे से फॉरेंसिक जांच के लिए सैंपल (राख और अवशेष) इकट्ठे कर लिए हैं। पुलिस के मुताबिक, इस ऑनर किलिंग में लड़की के परिवार के 5 से ज्यादा सदस्य शामिल हैं। मुख्य आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है और बाकी फरार संदिग्धों को पकड़ने के लिए पुलिस छापेमारी कर रही है।
