बिहार का सबसे अमीर और सबसे गरीब जिला कौन? नीतीश सरकार की रिपोर्ट ने सब चौंका दिया

punjabkesari.in Monday, Feb 02, 2026 - 11:36 PM (IST)

नेशनल डेस्क: बिहार आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 ने राज्य के विकास की एक चौंकाने वाली तस्वीर सामने रख दी है। सोमवार को विधानसभा में पेश की गई इस रिपोर्ट के मुताबिक, राजधानी पटना बिहार का सबसे समृद्ध जिला बनकर उभरा है, जबकि शिवहर राज्य का सबसे गरीब जिला घोषित किया गया है। रिपोर्ट बताती है कि पटना की प्रति व्यक्ति आय शिवहर की तुलना में लगभग छह गुना अधिक है, जो बिहार में गहरी आर्थिक असमानता को दर्शाती है।

आर्थिक सर्वेक्षण के अनुसार, बिहार की औसत प्रति व्यक्ति आय 76,490 रुपये तक पहुंच गई है। जिलावार आंकड़ों पर नजर डालें तो पटना शीर्ष पर है, जहां प्रति व्यक्ति आय 1,31,332 रुपये दर्ज की गई। इसके बाद बेगूसराय (61,566 रुपये) और मुंगेर (54,469 रुपये) का स्थान आता है। वहीं, आर्थिक रूप से सबसे कमजोर जिलों की सूची में शिवहर (18,980 रुपये) सबसे नीचे है। इसके बाद अररिया (19,795 रुपये) और सीतामढ़ी (21,448 रुपये) जैसे जिले शामिल हैं।

रिपोर्ट में जिलों की आर्थिक स्थिति का आकलन पेट्रोल-डीजल और एलपीजी की प्रति व्यक्ति खपत, साथ ही लघु बचत के आंकड़ों के आधार पर किया गया है। पेट्रोल खपत के मामले में पटना पहले, मुजफ्फरपुर दूसरे और पूर्णिया तीसरे स्थान पर है। डीजल खपत में पटना, शेखपुरा और औरंगाबाद आगे हैं। इसके उलट, सबसे कम पेट्रोल खपत वाले जिलों में लखीसराय, बांका और शिवहर शामिल हैं, जबकि डीजल खपत में शिवहर, सीवान और कैमूर सबसे पीछे हैं। एलपीजी उपभोग के आंकड़े भी यही कहानी बयां करते हैं। इसमें पटना, बेगूसराय और गोपालगंज शीर्ष पर हैं, जबकि अररिया, बांका और मधेपुरा सबसे निचले पायदान पर हैं।

आर्थिक सर्वेक्षण के ये आंकड़े साफ तौर पर दिखाते हैं कि बिहार में विकास समान रूप से नहीं हुआ है। राजधानी और कुछ चुनिंदा जिलों में तेजी से आर्थिक गतिविधियां बढ़ी हैं, जबकि सीमावर्ती और उत्तरी जिलों में पिछड़ापन अब भी एक बड़ी चुनौती बना हुआ है। रिपोर्ट यह संकेत जरूर देती है कि राज्य की अर्थव्यवस्था आगे बढ़ रही है, लेकिन क्षेत्रीय असमानता कम करने के लिए ठोस और लक्षित नीतियों की जरूरत बनी हुई है।


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Ramanjot

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