Indian Railways: रेल यात्रियों के लिए बड़ा बदलाव! 1 मार्च से बंद होगा UTS ऐप, अब RailOne से कटेगी जनरल टिकट
punjabkesari.in Monday, Feb 09, 2026 - 12:28 PM (IST)
नेशनल डेस्क: भारतीय रेलवे ने डिजिटल सेवाओं में एक बड़ा बदलाव करते हुए घोषणा की है कि 1 मार्च 2026 से 'अनारक्षित टिकटिंग प्रणाली' (UTS) मोबाइल ऐप को बंद कर दिया जाएगा। इसके बाद यात्रियों को जनरल और प्लेटफॉर्म टिकट बुक करने के लिए रेलवे के नए सुपर ऐप RailOne का उपयोग करना होगा। रेलवे का उद्देश्य अपनी सभी अलग-अलग डिजिटल सेवाओं को एक ही प्लेटफॉर्म पर लाकर यात्रियों को सहज और सुविधाजनक अनुभव प्रदान करना है।
अलग-अलग ऐप्स की जगह अब एक ही सुपर ऐप
RailOne ऐप पिछले साल के अंत में लॉन्च किया गया था और यह पुराने UTS ऐप तथा IRCTC Rail Connect जैसे अलग-अलग स्टैंडअलोन ऐप्स की जगह लेगा। रेलवे बोर्ड के कार्यकारी निदेशक (सूचना और प्रचार) दिलीप कुमार ने बताया कि यह बदलाव यात्रियों के लिए अधिक आसान और इंटरैक्टिव इंटरफेस प्रदान करने के लिए किया गया है। खास बात यह है कि RailOne ऐप में नए लॉगिन विवरण बनाने की आवश्यकता नहीं होगी। पुराने UTS और RailConnect क्रेडेंशियल्स का समर्थन होने के कारण यात्री आसानी से अपना पुराना डेटा माइग्रेट कर सकते हैं और नए ऐप का इस्तेमाल शुरू कर सकते हैं।
डिजिटल बुकिंग पर 3% की छूट का लाभ
रेल मंत्रालय ने नए प्लेटफॉर्म को बढ़ावा देने के लिए डिजिटल बुकिंग पर वित्तीय प्रोत्साहन की भी घोषणा की है। RailOne ऐप के माध्यम से UPI, डेबिट/क्रेडिट कार्ड या नेट बैंकिंग से भुगतान करने पर यात्रियों को 3% की छूट मिलेगी। यह योजना 14 जनवरी 2026 से 14 जुलाई 2026 तक यानी छह महीने के लिए लागू रहेगी। इसके अलावा जो यात्री R-Wallet का उपयोग करते हैं, उन्हें मिलने वाला 3% बोनस पहले की तरह जारी रहेगा।
RailOne ऐप में मिलेंगी ये सभी सुविधाएं
RailOne केवल टिकट बुकिंग तक सीमित नहीं है। यह ऐप यात्रियों के लिए एक व्यापक डिजिटल हब के रूप में कार्य करता है। इसके माध्यम से यात्री पीएनआर स्टेटस और ट्रेन की लाइव लोकेशन ट्रैक कर सकते हैं। साथ ही ट्रेन के डिब्बे की स्थिति और प्लेटफॉर्म नंबर की रीयल-टाइम जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। ई-कैटरिंग सुविधा के जरिए यात्री अपनी सीट पर सीधे भोजन मंगवा सकते हैं और 'रेल मदद' पोर्टल के माध्यम से शिकायत दर्ज करने या फीडबैक देने जैसी सेवाओं का भी लाभ ले सकते हैं।
UTS ऐप का सफर और RailOne की शुरुआत
UTS ऐप की शुरुआत दिसंबर 2014 में हुई थी और इसने रेलवे स्टेशनों पर टिकट काउंटरों की लंबी कतारों को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। अब RailOne के माध्यम से भारतीय रेलवे एक अधिक स्थिर, तेज और उच्च क्षमता वाला डिजिटल ढांचा तैयार कर रहा है, जो देश भर के करोड़ों दैनिक यात्रियों की जरूरतों को एक साथ पूरा कर सकेगा। इस बदलाव के साथ रेलवे डिजिटल सेवाओं को एकीकृत कर यात्रियों के अनुभव को और अधिक सरल और सुविधाजनक बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम आगे बढ़ा रहा है।
