हिंदू-मुस्लिम एकता का प्रतीक था गणपति विसर्जन हादसे में जान गंवाने वाला परवेज

2019-09-14T16:37:15.513

भोपाल: भोपाल में गणपति विसर्जन के दौरान शुक्रवार को हुए हादसे में जाने गंवाने वाले 11 लोगों में शामिल 12 वर्षीय परवेज शेख हिंदू..मुस्लिम एकता का प्रतीक था। परवेज पिछले करीब सात साल से भोपाल के पिपलानी इलाके में नवरात्रि गणेश उत्सव समिति 100 क्वार्टर बस्ती में गणपति स्थापना में सक्रिय रूप से शामिल होता था। परवेज की मां शफीका शेख ने रोते हुए कहा,च्च्परवेज को मैंने गणपति प्रतिमा विसर्जित करने के लिए जाने से रोका था, लेकिन उसने कहा था...अम्मी बप्पा की पूजा के लिए अगरबत्ती खरीदने के लिए 10 रुपये दे दो। इसके बाद हम झांकी नहीं बिठा रहे हैं। 

बस आखिरी झांकी है, इसके बाद नहीं जाऊंगा। उन्होंने कहा, इसके बाद मैंने उसे 10 रुपये दे दिये थे। वह चला गया और उसने जाते-जाते कहा था कि वह गणपति बप्पा की प्रतिमा का विसर्जन करके जल्दी लौट आएगा। लेकिन वह जिंदा लौटकर नहीं आया। वहीं, परवेज के बड़े भाई अश्फाक शेख उर्फ शाहरूख ने बताया कि परवेज चार-पांच वर्ष की आयु से ही हर साल गणेश की झांकी में शामिल होता था। गणेश पूजा के दौरान वह दिन में बस्ती में बने पंडाल में ही रुकता और वहीं भोजन भी करता था। घर पर वह केवल नहाने और सोने आता था।

उन्होंने कहा कि परवेज गणपति समिति का सदस्य भी था और इससे जुड़े हर आयोजन में शामिल होता था। उल्लेखनीय है कि भोपाल स्थित छोटे तालाब के खटलापुरा घाट पर शुक्रवार तड़के भगवान गणेश की एक विशाल प्रतिमा के विसर्जन के दौरान दो नावों के पलटने से 11 लोगों की डूबने से मौत हो गई। ये सभी सौ क्वार्टर बस्ती के रहने वाले थे। 


Edited By

Anil dev

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