राजस्थान के छात्र को सलाम! 12वीं बोर्ड में गाड़े झंडे, दोनों हाथ न होने के बावजूद भी हासिल किए 100% अंक
punjabkesari.in Tuesday, Apr 07, 2026 - 02:48 PM (IST)
RBSE 12th Board Results Topper : कहते हैं कि मंज़िलें उन्हीं को मिलती हैं जिनके सपनों में जान होती है पंखों से कुछ नहीं होता हौसलों से उड़ान होती है। इस कहावत को सच कर दिखाया है राजस्थान के होनहार छात्र भागीरथ सिंह ने। शारीरिक अक्षमता को अपनी ढाल बनाकर भागीरथ ने 12वीं बोर्ड की परीक्षा में जो कर दिखाया है उसकी गूंज पूरे देश में सुनाई दे रही है। भागीरथ सिंह जन्म से ही अपने दोनों हाथों से दिव्यांग हैं लेकिन उन्होंने कभी अपनी इस कमी को अपनी पढ़ाई के आड़े नहीं आने दिया। साइंस स्ट्रीम (विज्ञान संकाय) के छात्र भागीरथ ने परीक्षा में न केवल सफलता पाई बल्कि 100 प्रतिशत अंक प्राप्त करके सबको हैरान कर दिया।
12वीं बोर्ड में 100% अंक हासिल करना किसी भी सामान्य छात्र के लिए चुनौतीपूर्ण होता है लेकिन भागीरथ ने अपनी मेहनत से इसे मुमकिन कर दिखाया। इस असाधारण उपलब्धि पर राजस्थान के शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने व्यक्तिगत रूप से भागीरथ को बधाई दी और उन्हें प्रदेश का गौरव बताया।
जयपुर
— Madan Dilawar (@madandilawar) April 5, 2026
बीकानेर के होनहार छात्र भागीरथ सिंह (पुत्र श्री रामनारायण सिंह) ने 12वीं बोर्ड परीक्षा के विज्ञान संकाय में 100% अंक प्राप्त कर अद्भुत उपलब्धि हासिल की है। दोनों हाथों से दिव्यांग होने के बावजूद उन्होंने अपने अदम्य साहस, आत्मविश्वास और कठिन परिश्रम के बल पर pic.twitter.com/cwgzMSsjau
पिता बने बेटे के हाथ और सहारा
भागीरथ की इस लंबी और कठिन यात्रा में उनके पिता रामनारायण सिंह सबसे बड़ी ताकत रहे। पिता ने न केवल भागीरथ को भावनात्मक रूप से मजबूत रखा बल्कि हर कदम पर उनका हौसला बढ़ाया। बिना हाथों के लिखना और तकनीकी विषयों (साइंस) को समझना बेहद मुश्किल था लेकिन भागीरथ ने अपनी सकारात्मक सोच और एकाग्रता को भंग नहीं होने दिया।
RBSE 12वीं बोर्ड के नतीजे: एक नजर में
राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (RBSE) ने 31 मार्च को कक्षा 12वीं के तीनों संकायों (विज्ञान, वाणिज्य और कला) के परिणाम घोषित किए थे। इस साल विज्ञान संकाय का कुल पासिंग प्रतिशत 96.23% रहा है। वहीं भागीरथ के अनुसार, "अगर आप लगातार मेहनत करते हैं और आपकी सोच सकारात्मक है तो दुनिया की कोई भी बाधा आपको आगे बढ़ने से नहीं रोक सकती।"
