Bay of Bengal: चक्रवाती तूफान का खतरा- IMD का इन राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट- अचानक बाढ़ आने का भी खतरा
punjabkesari.in Wednesday, Sep 23, 2026 - 11:09 AM (IST)
नई दिल्ली: भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने बड़ी चेतावनी देते हुए कहा है कि बंगाल की खाड़ी के ऊपर बना एक गहरा डिप्रेशन बुधवार रात उत्तरी आंध्र प्रदेश-दक्षिणी ओडिशा तट को पार करेगा। इससे पूर्वी और मध्य भारत के कुछ हिस्सों में बहुत भारी बारिश, तेज़ हवाएं चलने और अचानक बाढ़ (flash floods) आने का खतरा है।
23 सितंबर को सुबह 8.37 बजे जारी अपने बुलेटिन में, IMD ने कहा कि पश्चिम-मध्य और उससे सटे उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी के ऊपर बना गहरा डिप्रेशन पिछले छह घंटों के दौरान 12 किमी प्रति घंटे की गति से पश्चिम की ओर बढ़ा है और सुबह 5.30 बजे 18.0°N अक्षांश और 84.7°E देशांतर के पास केंद्रित था।
यह सिस्टम आंध्र प्रदेश में कलिंगपट्टनम से लगभग 70 किमी पूर्व-दक्षिण-पूर्व, ओडिशा में गोपालपुर से 150 किमी दक्षिण, पुरी से 230 किमी दक्षिण-दक्षिण-पश्चिम और विशाखापत्तनम से 150 किमी पूर्व-उत्तर-पूर्व में स्थित था।
IMD के अनुसार, इसके पश्चिम-उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ने और 23 सितंबर की रात तक कलिंगपट्टनम के पास, विशाखापत्तनम और गोपालपुर के बीच उत्तरी आंध्र प्रदेश-दक्षिणी ओडिशा तटों को एक गहरे डिप्रेशन के रूप में पार करने की बहुत संभावना है। IMD के नवीनतम तटीय बुलेटिन में भी इसी अनुमानित क्रॉसिंग क्षेत्र और समय की बात कही गई है।
The Depression over Westcentral & adjoining Northwest Bay of Bengal, moved west-northwestwards with speed 07 kmph during past 06 hours, intensified into a deep Depression and lay centred at 1730 hrs IST of today, the 22nd September, 2026, over the same region near latitude 18.0°N… pic.twitter.com/2LcWQWe4jD
— India Meteorological Department (@Indiametdept) September 22, 2026
मौसम विभाग ने बुधवार को छत्तीसगढ़, तटीय आंध्र प्रदेश, ओडिशा और तेलंगाना में भारी से बहुत भारी बारिश और कुछ जगहों पर बहुत ज़्यादा बारिश (extremely heavy rainfall) की चेतावनी दी है। अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय, बिहार, कर्नाटक के अंदरूनी इलाकों, झारखंड, केरल और माहे, कोंकण और गोवा, महाराष्ट्र और पश्चिम बंगाल और सिक्किम में भी कुछ जगहों पर भारी बारिश की संभावना है।
IMD ने तटीय आंध्र प्रदेश, ओडिशा और तेलंगाना में कुछ जगहों पर 50-60 किमी प्रति घंटे की गति वाली हवाओं के साथ आंधी-तूफान का अनुमान लगाया है। पूर्वी और मध्य भारत के कई हिस्सों में भी कुछ जगहों पर बिजली कड़कने और 40-50 किमी प्रति घंटे की तेज़ हवाओं के साथ आंधी-तूफान की संभावना है। पश्चिम-मध्य और उससे सटे उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में तेज़ हवाएँ 55-65 किमी/घंटा की रफ़्तार से चल सकती हैं, जिनकी गति झोंकों के साथ 75 किमी/घंटा तक पहुंच सकती है। दक्षिण ओडिशा-उत्तर आंध्र प्रदेश तट के पास हवाएँ तेज़ होकर 50-60 किमी/घंटा की रफ़्तार पकड़ सकती हैं और झोंकों के साथ 70 किमी/घंटा तक पहुँच सकती हैं। 24 सितंबर की शाम तक पश्चिम-मध्य और उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी तथा उत्तर आंध्र प्रदेश-ओडिशा-पश्चिम बंगाल तटों के पास समुद्र की स्थिति खराब से बहुत खराब रहने की आशंका है।
मछुआरों को सलाह दी गई है कि वे 24 सितंबर तक पश्चिम-मध्य और उससे सटे उत्तर-पश्चिम और दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी तथा आंध्र प्रदेश, ओडिशा और पश्चिम बंगाल के तटों के पास समुद्र में न जाएं। IMD की तटीय चेतावनियों में भी मछुआरों को प्रभावित समुद्री इलाकों में न जाने की सलाह दी गई है।
गुरुवार को भी ज़ोरदार बारिश जारी रहने की उम्मीद है। IMD ने 24 सितंबर को छत्तीसगढ़, ओडिशा और तेलंगाना में भारी से बहुत भारी बारिश और कहीं-कहीं बहुत ज़्यादा भारी बारिश का अनुमान लगाया है, जबकि बिहार, तटीय आंध्र प्रदेश, गंगा के मैदानी इलाकों वाले पश्चिम बंगाल, झारखंड और विदर्भ में भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है।
मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों के दौरान ओडिशा, तटीय आंध्र प्रदेश और यनम, छत्तीसगढ़ और तेलंगाना के कुछ जल-ग्रहण क्षेत्रों (watersheds) और आस-पास के इलाकों में अचानक बाढ़ (flash-flood) के कम से मध्यम जोखिम की चेतावनी भी दी है। विभाग ने कहा कि पानी से संतृप्त मिट्टी और निचले इलाकों में सतह पर पानी का बहाव और जल-जमाव हो सकता है।
IMD ने कहा कि खराब मौसम से बागानों और खड़ी फ़सलों को नुकसान पहुँच सकता है, कमज़ोर ढाँचों और कच्चे घरों को आंशिक रूप से नुकसान हो सकता है, और सड़क व रेल यातायात बाधित हो सकता है। स्थानीय स्तर पर भूस्खलन, मडस्लाइड (कीचड़ का बहाव), जल-जमाव और निचले इलाकों में बाढ़ की स्थिति भी बन सकती है।
इस बीच, उत्तर-पश्चिम भारत से दक्षिण-पश्चिम मॉनसून की वापसी जारी है और इसकी वापसी की रेखा जैसलमेर, नागौर, सीकर, रोहतक, पटियाला और गुरदासपुर से होकर गुज़र रही है।
IMD ने कहा कि अगले दो दिनों के दौरान पंजाब और हरियाणा-चंडीगढ़-दिल्ली के बाकी हिस्सों, राजस्थान के कुछ और हिस्सों, सौराष्ट्र और कच्छ के कुछ हिस्सों, जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और पश्चिमी उत्तर प्रदेश से मॉनसून की और वापसी के लिए स्थितियाँ अनुकूल हैं। IMD के सात दिनों के अनुमान के मुताबिक, 23-25 सितंबर के दौरान हरियाणा-चंडीगढ़-दिल्ली में मौसम शुष्क रहेगा और 26 सितंबर को कहीं-कहीं बारिश हो सकती है। पंजाब में 23-24 सितंबर को मौसम शुष्क रहने और 25-26 सितंबर को कहीं-कहीं बारिश होने का अनुमान है।बंगाल की खाड़ी से उठा मौसमी दबाव अब और ताकतवर होकर 'डीप डिप्रेशन' में बदल चुका है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने बताया कि मंगलवार को बंगाल की खाड़ी के ऊपर बना डिप्रेशन और तेज़ हो गया है और इसके उत्तरी आंध्र प्रदेश-दक्षिणी ओडिशा तट को पार करने से पहले 'डीप डिप्रेशन' में बदलने की संभावना है। उम्मीद है कि यह सिस्टम 23 सितंबर की रात तक विशाखापत्तनम और गोपालपुर के बीच से गुज़रेगा। इस मौसम प्रणाली के कारण ओडिशा और पश्चिम बंगाल के कई हिस्सों में भारी बारिश हुई है, जबकि ओडिशा के कई ज़िलों में अधिकारियों ने एहतियाती कदम उठाए हैं, जैसे स्कूल बंद करना और आपातकालीन टीमों को तैनात करना।
