बलूच नेता अल्लाह नजर का खुला ऐलान: पाकिस्तान से आजादी ही एकमात्र रास्ता, भारत से सीधे तौर पर मांगी मदद

punjabkesari.in Sunday, Aug 23, 2026 - 02:35 PM (IST)

Islamabad: पाकिस्तान के बलूचिस्तान में अलगाववादी आंदोलन एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय चर्चा के केंद्र में है। बलूचिस्तान लिबरेशन फ्रंट (BLF) के प्रमुख डॉक्टर अल्लाह नजर बलूच ने पाकिस्तान से पूरी आजादी को ही एकमात्र समाधान बताया है। एक इंटरव्यू में उन्होंने भारत और अंतरराष्ट्रीय समुदाय से बलूच आंदोलन को राजनीतिक, कूटनीतिक और नैतिक समर्थन देने की अपील की। साथ ही उन्होंने संकेत दिया कि बलूचिस्तान के खनिज संसाधनों में निवेश करने वाली विदेशी कंपनियां भविष्य में हमलों के निशाने पर आ सकती हैं। द संडे गार्जियन को दिए इंटरव्यू में अल्लाह नजर ने कहा कि बलूचिस्तान के लिए अब स्वायत्तता या राजनीतिक रियायतें पर्याप्त नहीं हैं, बल्कि पाकिस्तान से पूरी स्वतंत्रता ही समाधान है। उन्होंने दावा किया कि बलूच आंदोलन में शामिल युवा पीढ़ी नई रणनीतियां अपना रही है और आने वाले समय में संघर्ष का स्वरूप बदल सकता है।  हालांकि अल्लाह नजर के संगठन BLF को पाकिस्तान सरकार एक सशस्त्र अलगाववादी संगठन मानती है, इसलिए उनके दावों को उसी राजनीतिक और सैन्य संदर्भ में देखा जाना चाहिए।

 

भारत से सीधे तौर पर मांगा समर्थन
भारत को लेकर अल्लाह नजर ने सीधे तौर पर समर्थन की अपील की। उन्होंने कहा कि भारत बलूच आंदोलन को राजनीतिक, कूटनीतिक और नैतिक समर्थन दे सकता है। उन्होंने संयुक्त राष्ट्र जैसे अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भी बलूच मुद्दे को उठाने की उम्मीद जताई। अल्लाह नजर ने भारत को क्षेत्र की एक बड़ी ताकत और दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र बताते हुए कहा कि बलूच स्वतंत्रता आंदोलन का समर्थन करना भारत का नैतिक दायित्व है। पाकिस्तान लंबे समय से बलूच सशस्त्र संगठनों पर भारत से मदद मिलने के आरोप लगाता रहा है। भारत इन आरोपों से इनकार करता रहा है। इस सवाल पर अल्लाह नजर ने पाकिस्तानी आरोपों को प्रचार बताते हुए कहा कि उन्हें उम्मीद है कि भारत हर संभव तरीके से बलूच आंदोलन की मदद कर सकता है। उन्होंने हालांकि भारत से किसी विशेष सैन्य सहायता की सार्वजनिक मांग नहीं की, बल्कि मुख्य रूप से राजनीतिक, कूटनीतिक और नैतिक समर्थन की बात कही।

 

अल्लाह नजर ने बलूचिस्तान में मौजूद खनिज संसाधनों और विदेशी निवेश को लेकर भी चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि बलूच आंदोलन की युवा पीढ़ी नई रणनीतियां अपना रही है और खनिज संसाधनों में निवेश करने वाली बहुराष्ट्रीय कंपनियां संभावित निशाना बन सकती हैं। यह बयान इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि बलूचिस्तान प्राकृतिक संसाधनों से समृद्ध क्षेत्र है और वहां खनन, ऊर्जा तथा बुनियादी ढांचा परियोजनाओं को लेकर लंबे समय से सुरक्षा चिंताएं बनी हुई हैं। अल्लाह नजर ने दावा किया कि उनका संगठन आम नागरिकों की हत्या को सही नहीं मानता।  उन्होंने पाकिस्तान की सेना पर बलूचिस्तान में नागरिक इलाकों पर हवाई हमले करने के आरोप लगाए और कहा कि महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों की मौत हुई है। वहीं, BLF समेत बलूच सशस्त्र संगठनों पर भी पाकिस्तान में हिंसक हमलों और सुरक्षा बलों तथा अन्य लक्ष्यों को निशाना बनाने के आरोप लगते रहे हैं। इसलिए दोनों पक्षों के दावों को स्वतंत्र रूप से सत्यापित किए बिना तथ्य मानना उचित नहीं होगा।

 

अल्लाह नजर ने अमेरिका द्वारा बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी (BLA) और उसकी मजीद ब्रिगेड को विदेशी आतंकवादी संगठन घोषित किए जाने पर भी प्रतिक्रिया दी।
उन्होंने कहा कि अमेरिका और अन्य बड़ी शक्तियों के पाकिस्तान में अपने रणनीतिक हित हैं। साथ ही उन्होंने उम्मीद जताई कि वॉशिंगटन भविष्य में BLA को लेकर अपना फैसला बदल सकता है। उन्होंने सीरिया का उदाहरण देते हुए दावा किया कि अमेरिका परिस्थितियों के अनुसार अपने फैसलों पर पुनर्विचार करता रहा है।अल्लाह नजर के बयान से संकेत मिलता है कि बलूच अलगाववादी आंदोलन पाकिस्तान के खिलाफ अपनी राजनीतिक और कूटनीतिक अपील को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर और तेज करना चाहता है। भारत से समर्थन की अपील और विदेशी निवेशकों को लेकर चेतावनी-दोनों ही संकेत पाकिस्तान के लिए संवेदनशील हैं। लेकिन भारत की ओर से BLF या अल्लाह नजर की इस अपील पर कोई समर्थन घोषित नहीं किया गया है। फिलहाल यह बयान बलूच नेतृत्व की मांग और रणनीति को दर्शाता है, न कि भारत की आधिकारिक नीति में किसी बदलाव को।
 


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Content Writer

Tanuja