Air India Pilot : उड़ान से ठीक पहले पकड़ा गया एयर इंडिया का पायलट, शराब के नशे में था चूर
punjabkesari.in Friday, Sep 25, 2026 - 02:09 PM (IST)
नई दिल्ली: 'एयर इंडिया' एक बार फिर अपने क्रू मेंबर्स की लापरवाही को लेकर विवादों में है। स्विट्जरलैंड के ज़्यूरिख़ एयरपोर्ट से नई दिल्ली आने वाली फ़्लाइट से ठीक पहले एयर इंडिया के एक को-पायलट को शराब के नशे में होने के कारण ड्यूटी से हटा दिया गया और सस्पेंड कर दिया गया। यह घटना 6 सितंबर की है।
ज़्यूरिख़ एयरपोर्ट पर उड़ान भरने से ठीक पहले एयरपोर्ट अधिकारियों को फ़र्स्ट ऑफ़िसर पर शराब पीने का संदेह हुआ। जब उनका अल्कोहल टेस्ट कराया गया, तो वह शुरुआती जांच में फेल हो गए। इसके बाद उन्हें तुरंत विमान से उतार दिया गया और दूसरे मेडिकल टेस्ट की रिपोर्ट आने तक निलंबित कर दिया गया। बाद में उन्हें एक सामान्य यात्री के रूप में भारत वापस लाया गया। इस वजह से फ़्लाइट AI-151 अपने तय समय पर उड़ान नहीं भर सकी और इसे अगले दिन रवाना करना पड़ा।
फुकेत-दिल्ली फ़्लाइट में पायलट के खून में मिला था गांजा
ज़्यूरिख की इस घटना से कुछ ही हफ्ते पहले, 4 अगस्त को फुकेत से दिल्ली आ रही एयर इंडिया की फ़्लाइट (AI-2379) में एक बड़ा हादसा होते-होते बचा था। ओडिशा के ऊपर उड़ान भरते समय यह एयरबस A320neo विमान अचानक लगभग 300 फ़ीट नीचे आ गया, जिससे 20 से अधिक यात्रियों और 4 क्रू सदस्यों को चोटें आई थीं। हालांकि, विमान दिल्ली में सुरक्षित लैंड कर गया था।
बाद में जब इस फ़्लाइट के कमांडर पायलट (सुदीप वशिष्ठ) का ड्रग टेस्ट किया गया, तो दो बार उनके सैंपल में मारिजुआना (गांजा) की पुष्टि हुई। पायलट ने अपने बचाव में कहा कि वह पारिवारिक तनाव और अनिद्रा (नींद न आने की समस्या) की वजह से डॉक्टर द्वारा दी गई दवाएं ले रहे थे।
इन दो लगातार गंभीर घटनाओं के बाद एयर इंडिया ने अपने सभी पायलटों और क्रू मेंबर्स के लिए नशीले पदार्थों (साइकोएक्टिव सब्सटेंस) की जांच के लिए अनिवार्य 'डोप टेस्ट' लागू कर दिया है।
इस घटना के बाद, एयर इंडिया ने अपने सभी पायलटों के लिए एक नया अनिवार्य डोप टेस्ट कराने का आदेश दिया था। एयरलाइन ने कहा कि उसने कर्मचारियों के बीच नियमों का पालन सुनिश्चित करने के लिए अतिरिक्त उपाय भी किए हैं। इन उपायों में नशीले पदार्थों के लिए अनिवार्य टेस्ट, जागरूकता बढ़ाने वाले कार्यक्रम, रिपोर्टिंग की ज़िम्मेदारियों और रेगुलेटरी उम्मीदों को सख्ती से लागू करना, और नियमों के पालन के रुझानों व ऑपरेशनल व्यवहार की लगातार निगरानी करना शामिल है।
