Air India plan Crash: पायलट ने जानबूझकर बंद किए फ्यूल स्विच: इतालवी अखबार के दावे ने मचाया हड़कंप, कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डिंग आई सामने

punjabkesari.in Thursday, Feb 12, 2026 - 12:09 PM (IST)

नेशनल डेस्क: अहमदाबाद से लंदन जा रहे एयर इंडिया के विमान AI171 के साथ हुए दर्दनाक हादसे में एक ऐसी सच्चाई सामने आ रही है, जो रोंगटे खड़े कर देने वाली है। इटली के प्रतिष्ठित अखबार 'कोरिएरे डेला सेरा' ने सनसनीखेज दावा किया है कि इस तबाही के पीछे कोई तकनीकी खराबी नहीं, बल्कि कॉकपिट के भीतर की गई एक जानबूझकर की गई मानवीय हरकत हो सकती है। जांच रिपोर्ट के हवाले से कहा जा रहा है कि एक पायलट ने उड़ान के दौरान जानबूझकर विमान के फ्यूल स्विच बंद कर दिए थे।

कॉकपिट में मौत का खेल: 'तुमने इंजन क्यों बंद किया?' 
हादसे की जांच के दौरान जो ब्लैक बॉक्स और वॉयस रिकॉर्डिंग मिली है, वह किसी डरावनी फिल्म के सीन जैसी है। रिपोर्ट के मुताबिक, रिकॉर्डिंग में एक पायलट दूसरे से हैरान होकर पूछता है, "तुमने इंजन क्यों बंद कर दिए?" जिस पर दूसरा पायलट साफ़ इनकार कर देता है। जांच एजेंसियों का कहना है कि विमान का बायां इंजन सबसे पहले बंद हुआ था। चूंकि विमान के कैप्टन हमेशा बाईं ओर की सीट पर बैठते हैं, इसलिए शक की सुई मुख्य रूप से कैप्टन सुमीत सभरवाल की ओर घूम रही है।

उड़ान के चंद सेकेंड और 260 मौतें 
पिछले साल 12 जून को हुए इस हादसे की यादें आज भी ताजा हैं। बोइंग 787-8 ड्रीमलाइनर ने जैसे ही रनवे से उड़ान भरी, कुछ ही पलों में वह आसमान से सीधे जमीन की ओर आ गिरा। विमान एक मेडिकल कॉलेज की बिल्डिंग से जा टकराया। इस भयावह टक्कर में 241 यात्रियों और क्रू मेंबर्स की जान चली गई, जबकि 19 अन्य लोग बिल्डिंग में दबकर मारे गए। मरने वालों में 53 ब्रिटिश नागरिक भी शामिल थे। किस्मत के धनी रहे विश्वास कुमार रमेश इकलौते ऐसे शख्स थे, जो इस मौत के तांडव के बीच जिंदा बच निकले।

जिम्मेदारी की 'कुर्बानी' और अंतरराष्ट्रीय साख का सवाल 
सूत्रों का कहना है कि भारतीय जांच एजेंसियां अपनी अंतिम रिपोर्ट में कैप्टन सुमीत सभरवाल को हादसे का जिम्मेदार ठहरा सकती हैं। रिपोर्ट में यह भी पाया गया है कि हादसे के वक्त को-पायलट क्लाइव कुंदर विमान को बचाने के लिए कंट्रोल स्टिक को ऊपर खींचने की पूरी कोशिश कर रहे थे, जबकि कैप्टन की ओर से कोई हलचल नहीं हो रही थी। विशेषज्ञ मान रहे हैं कि किसी एक को दोषी बताकर मामले को रफा-दफा करने की कोशिश भी हो सकती है, ताकि देश की एविएशन रेटिंग पर आंच न आए।

मानसिक सेहत और PMO की नजर 
इस रिपोर्ट में केवल तकनीकी पहलुओं पर ही नहीं, बल्कि पायलटों की मानसिक और शारीरिक स्थिति पर भी बड़े सवाल उठाए गए हैं। जांच रिपोर्ट को सार्वजनिक करने से पहले नागरिक उड्डयन मंत्रालय और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच चर्चा होने की संभावना है। भारत के एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट्स इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (AAIB) के साथ अमेरिका की एजेंसियां और बोइंग कंपनी भी इस सच को खंगालने में जुटी हैं। अगर यह दावा सच साबित होता है, तो भारतीय विमानन क्षेत्र की सुरक्षा और पायलटों की ट्रेनिंग को लेकर दुनिया भर में बहस छिड़ सकती है।


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Content Editor

Anu Malhotra

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