Agniveer Rules: अग्निवीर भर्ती में बड़ा फेरबदल, सेना ने जारी किए नए नियम, आवेदन से पहले जान लें वरना ट्रेनिंग पर हुआ सारा खर्च वसूला जाएगा
punjabkesari.in Wednesday, Feb 11, 2026 - 07:42 PM (IST)
नेशनल डेस्क: शादी को लेकर सेना का सख्त रुख अग्निवीर योजना को शुरू हुए लगभग 4 साल होने को हैं, और अब सेना ने भर्ती की शर्तों को और ज्यादा कड़ा कर दिया है। नए नियमों के मुताबिक, सेना में शामिल होने के इच्छुक युवाओं को अविवाहित होना अनिवार्य है। भर्ती के आवेदन फॉर्म में ही यह स्पष्ट कर दिया गया है कि उम्मीदवार न केवल भर्ती के समय कुंवारा होना चाहिए, बल्कि पूरी ट्रेनिंग के दौरान भी वह शादी नहीं कर सकता। यदि कोई इन नियमों का उल्लंघन करता है या अपनी शादी की बात छिपाता है, तो उसे सेना से बाहर का रास्ता दिखा दिया जाएगा।
बेगूसराय की घटना के बाद बढ़ा कड़ा पहरा
नियमों में इस सख्ती की मुख्य वजह हाल ही में सामने आई एक घटना है। बिहार के बेगूसराय के एक युवक ने अग्निवीर ट्रेनिंग के दौरान गुपचुप तरीके से शादी कर ली थी। जब सेना को इस बारे में पता चला, तो विभाग में हड़कंप मच गया। इसी के बाद 2026 की आगामी भर्तियों के लिए जारी नोटिफिकेशन में यह साफ कर दिया गया है कि झूठ बोलने वाले उम्मीदवारों से ट्रेनिंग पर हुआ सारा खर्च वसूला जाएगा। साथ ही, सच्चाई छिपाने पर अब एफआईआर (FIR) भी दर्ज की जा सकती है, जिससे उम्मीदवार को जेल तक जाना पड़ सकता है।
अब आवेदन के समय ही चुन सकेंगे
अपना विभाग सेना ने भर्ती प्रक्रिया को पहले से ज्यादा पारदर्शी और आसान बनाने के लिए एक और महत्वपूर्ण बदलाव किया है। पहले की व्यवस्था में युवाओं को भर्ती होने के बाद उनके विभाग या 'ट्रेड' दिए जाते थे। लेकिन अब नई प्रक्रिया के तहत उम्मीदवारों को आवेदन भरते समय ही अपनी पसंद का ट्रेड चुनने का मौका मिलेगा। इससे युवा अपनी रुचि और काबिलियत के हिसाब से सेना के अलग-अलग विभागों के लिए दावेदारी पेश कर सकेंगे।
परमानेंट होने की चुनौती और भविष्य का रास्ता
अग्निवीर स्कीम के तहत सबसे बड़ी चर्चा 25 फीसदी युवाओं को सेना में स्थायी (Permanent) करने को लेकर है। वर्तमान में सेना इस प्रक्रिया को सही ढंग से लागू करने के लिए मंथन कर रही है। सेना यह सुनिश्चित करना चाहती है कि केवल सबसे योग्य और अनुशासित जवान ही स्थायी सैनिक के रूप में आगे बढ़ें। अनुशासन के इन्हीं कड़े पैमानों में अविवाहित रहने की शर्त को भी सबसे ऊपर रखा गया है ताकि ट्रेनिंग और सेवा के दौरान जवानों का पूरा ध्यान केवल देश की सुरक्षा पर केंद्रित रहे।
