LPG, पेट्रोल-डीजल के बाद बिजली को लेकर आई बड़ी खबर, केंद्र सरकार करने जा रही ये काम

punjabkesari.in Monday, Mar 30, 2026 - 07:08 PM (IST)

नेशनल डेस्क : भारत में बढ़ती बिजली मांग और प्राकृतिक गैस की कमी को देखते हुए सरकार ने कई अहम कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा राज्य मंत्री श्रीपद नाइक ने संसद में जानकारी दी कि अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच जारी तनाव के कारण गैस की सप्लाई प्रभावित हुई है। इससे देश में गैस की उपलब्धता और कीमत दोनों पर असर पड़ा है।

पीक डिमांड में गैस की अहम भूमिका

भारत के कुल बिजली उत्पादन में गैस की हिस्सेदारी करीब 2% है, लेकिन गर्मियों और ज्यादा मांग के समय लगभग 8 गीगावाट गैस आधारित बिजली का इस्तेमाल किया जाता है। ऐसे में गैस की कमी से बिजली आपूर्ति पर दबाव बढ़ सकता है। इस स्थिति से निपटने के लिए सरकार पवन ऊर्जा और बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम को तेजी से मंजूरी दे रही है, ताकि बिजली की कमी को पूरा किया जा सके।

कोयला और हाइड्रो प्रोजेक्ट्स पर फोकस

सरकार कोयला और हाइड्रो पावर परियोजनाओं की प्रगति पर भी नजर बनाए हुए है। इन परियोजनाओं को जून 2026 तक शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है। मंत्री ने भरोसा दिलाया कि देश की बिजली व्यवस्था गर्मियों की बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए तैयार है। साथ ही, टाटा पावर के गुजरात स्थित 4 गीगावाट के आयातित कोयला आधारित प्लांट को 1 अप्रैल से 30 जून तक पूरी क्षमता पर चलाने के निर्देश दिए गए हैं।

कोयला आधारित बिजली पर बढ़ेगी निर्भरता

रिपोर्ट्स के अनुसार, इस गर्मी में भारत बिजली की मांग पूरी करने के लिए कोयला आधारित उत्पादन पर ज्यादा निर्भर रहेगा। फिलहाल देश में करीब 75% बिजली उत्पादन कोयले से होता है। इसलिए कोयला प्लांट्स को पूरी क्षमता पर चलाने और शटडाउन से बचने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा, उद्योगों को अपने कैप्टिव पावर प्लांट के जरिए बिजली उत्पादन करने के लिए भी प्रोत्साहित किया जा रहा है, ताकि मुख्य ग्रिड पर दबाव कम किया जा सके।


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News Editor

Parveen Kumar

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