इस बीमारी की खौफनाक वापसी! दहशत में आई दुनिया, अमेरिका से लेकर भारत तक मचा हड़कंप

punjabkesari.in Saturday, Jan 24, 2026 - 11:52 AM (IST)

Measles Outbreak : दुनियाभर में जिस बीमारी को हम खत्म मान चुके थे वह अब एक खौफनाक वापसी कर रही है। अमेरिका और मैक्सिको जैसे संपन्न देशों से लेकर भारत के कई राज्यों तक खसरा (Measles) का वायरस एक बार फिर बच्चों की सेहत पर हमला बोल रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर समय रहते टीकाकरण पर ध्यान नहीं दिया गया तो कई देश अपना खसरा-मुक्त दर्जा खो सकते हैं। आइए समझते हैं कि यह बीमारी अचानक क्यों लौट रही है और यह आपके बच्चे के लिए कितनी खतरनाक हो सकती है।

क्यों फिर से पैर पसार रहा है खसरा?

खसरे की वापसी का सबसे बड़ा कारण टीकाकरण में आई कमी है। कोविड-19 महामारी के दौरान पूरी दुनिया का ध्यान एक ही वायरस पर था। इस वजह से लाखों बच्चों का नियमित टीकाकरण (Routine Vaccination) छूट गया। अकेले भारत में करीब 30 लाख बच्चे महामारी के दौरान खसरे का टीका नहीं लगवा पाए। महाराष्ट्र, गुजरात और केरल जैसे राज्यों में इसके हजारों मामले सामने आ चुके हैं। जब समाज के एक बड़े हिस्से को टीका नहीं लगता, तो वायरस को फैलने का रास्ता मिल जाता है।

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खसरा: सिर्फ लाल दाने नहीं, इम्यूनिटी चोर भी है

अक्सर लोग इसे मामूली बुखार और शरीर पर निकलने वाले लाल चकत्ते समझते हैं लेकिन डॉक्टर इसे इम्यून एमनीशिया (Immune Amnesia) कहते हैं।

खतरा: खसरा वायरस शरीर की उस याददाश्त को मिटा देता है जो उसे दूसरी बीमारियों से लड़ना सिखाती है। यानी खसरे से ठीक होने के बाद भी बच्चा अगले 2-3 साल तक अन्य संक्रमणों के प्रति बेहद संवेदनशील हो जाता है।

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पहचानें खसरे के लक्षण (Symptoms)

खसरे की शुरुआत आम सर्दी-जुकाम जैसी लगती है इसलिए इसे पहचानना जरूरी है:

  1. शुरुआती लक्षण: तेज बुखार, सूखी खांसी, नाक बहना और आंखों का लाल होना।

  2. कोप्लिक स्पॉट्स: बुखार के 2-3 दिन बाद मुंह के अंदर सफेद रंग के छोटे दाने दिखना।

  3. लाल चकत्ते: चेहरे से शुरू होकर पूरे शरीर पर फैलने वाले गहरे लाल दाने।

बचाव ही एकमात्र इलाज है

खसरे का कोई सटीक इलाज नहीं है केवल बचाव संभव है। खसरा, कण्ठमाला (Mumps) और रूबेला (Rubella) से बचाने वाली यह वैक्सीन बेहद कारगर है। इसकी दो खुराकें जीवनभर के लिए सुरक्षा चक्र तैयार करती हैं।यदि आपको संदेह है कि बचपन में टीका लगा था या नहीं तो डॉक्टर से परामर्श लेकर इसे फिर से लगवाना सुरक्षित है।


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Content Editor

Rohini Oberoi

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