‘हनुमान अंश’ का दिवाना हुआ ये अमेरिकी जियोलॉजिस्ट; खुद बनाया इकतारा फिर गाया ‘मैंने तेरे ही भरोसे' भजन, लाखों बार देखा गया ये वीडियो
punjabkesari.in Tuesday, Sep 29, 2026 - 02:04 PM (IST)
Washington: भारतीय भक्ति संगीत और हनुमान भक्ति की गूंज अब अमेरिका तक पहुंचती दिखाई दे रही है। अमेरिकी जियोलॉजिस्ट और वैदिक ध्यान शिक्षक एलेक सोडरबर्ग ने फिल्म ‘हनुमान अंश’ में शामिल भजन ‘मैंने तेरे ही भरोसे हनुमान, सागर में नैया डार दई’ अपनी आवाज में गाया है। खास बात यह है कि एलेक ने इसके लिए खुद इकतारा तैयार किया और उसी की धुन पर भजन प्रस्तुत किया। एलेक ने अपने इस भजन का वीडियो इंस्टाग्राम पर साझा किया, जिसे अब तक 15 लाख से ज्यादा बार देखा जा चुका है। वीडियो में वह पारंपरिक तार वाले वाद्य के साथ भजन गाते नजर आ रहे हैं। उनके गायन और भक्ति भाव की सोशल मीडिया पर काफी चर्चा हो रही है।
खुद तैयार किया इकतारा
एलेक ने केवल भजन गाया ही नहीं, बल्कि इसके लिए खुद इकतारा भी तैयार किया। इसके बाद उन्होंने भजन गायक सुनील लोधी द्वारा गाए गए मूल भजन को अपनी आवाज में प्रस्तुत किया। वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया उपयोगकर्ताओं ने एलेक के गायन, उच्चारण और भक्ति भाव की सराहना की। बड़ी संख्या में लोगों ने इसे भारतीय आध्यात्मिक संगीत के प्रति विदेशी लोगों की बढ़ती रुचि से जोड़कर देखा।इकतारा भारतीय लोक और भक्ति संगीत में इस्तेमाल होने वाला पारंपरिक तार वाला वाद्य है। इसे सामान्यतः एक तार वाले वाद्य के रूप में जाना जाता है। भक्ति और लोक संगीत की कई परंपराओं में इसका इस्तेमाल लंबे समय से होता आया है।
बीजेपी विधायक ने साझा किया वीडियो
भोपाल की हुजूर विधानसभा सीट से बीजेपी विधायक रामेश्वर शर्मा ने भी एलेक का वीडियो सोशल मीडिया पर साझा किया। उन्होंने लिखा कि ‘मैंने तेरे ही भरोसे, हनुमान’ भजन की गूंज भारत के साथ विदेशों में भी सुनाई दे रही है और इसे भाषा तथा सीमाओं से परे भक्ति की पहुंच के उदाहरण के रूप में बताया। बता दें कि ‘मैंने तेरे ही भरोसे हनुमान, सागर में नैया डार दई’ का मूल संस्करण भजन गायक सुनील लोधी ने गाया और संगीतबद्ध किया है। यह भजन फिल्म ‘हनुमान अंश’ में शामिल है और नीम करौली बाबा तथा हनुमान भक्ति की आध्यात्मिक परंपरा से जुड़ा बताया जाता है।भजन की पंक्तियों में हनुमान जी के प्रति पूर्ण समर्पण का भाव दिखाई देता है। इसमें राम नाम को नाव, भक्ति को पतवार और ज्ञान को जंजीर जैसे रूपकों के माध्यम से आध्यात्मिक भाव व्यक्त किया गया है।
कौन हैं एलेक सोडरबर्ग?
एलेक सोडरबर्ग अमेरिका के जियोलॉजिस्ट, वैदिक ध्यान शिक्षक और कीर्तन से जुड़े कलाकार हैं। वे भारतीय आध्यात्मिक परंपराओं, मंत्र, ध्यान और कीर्तन के साथ काम करते हैं। उनकी गतिविधियों में ध्वनि, मंत्र और ध्यान के माध्यम से आध्यात्मिक साधना पर भी जोर दिया जाता है। वह अमेरिकी दक्षिण-पश्चिम के प्राकृतिक और भूगर्भीय स्थलों से जुड़े पर्यटन कार्यों में भी सक्रिय रहे हैं। इस तरह उनका काम एक ओर भूगर्भ विज्ञान और प्राकृतिक स्थलों से जुड़ा है, तो दूसरी ओर भारतीय आध्यात्मिक संगीत और ध्यान से भी उनका संबंध है। एलेक के काम में विज्ञान और अध्यात्म का यह मेल खास तौर पर दिखाई देता है। जियोलॉजी के क्षेत्र से जुड़े होने के साथ-साथ वह कीर्तन और नाद योग को भी आध्यात्मिक अभ्यास के रूप में देखते हैं। उनके सोशल मीडिया पर भारतीय मंत्रों, कीर्तन और आध्यात्मिक संगीत से जुड़े कई वीडियो मौजूद हैं। हनुमान भजन का यह वीडियो भी इसी क्रम का हिस्सा बताया जा रहा है।
15 लाख से ज्यादा बार देखा गया वीडियो
एलेक के भजन वाले वीडियो को इंस्टाग्राम पर 15 लाख से अधिक बार देखा जा चुका है। वीडियो पर लोगों ने उनकी आवाज और भक्ति भाव को लेकर सकारात्मक प्रतिक्रियाएं दी हैं। इस वीडियो के जरिए एक बार फिर यह चर्चा तेज हुई है कि भारतीय भक्ति संगीत और आध्यात्मिक परंपराओं की लोकप्रियता देश की सीमाओं से बाहर भी दिखाई दे रही है।
