8th Pay Commission पर बड़ा अपडेट: Salary में बड़ा इजाफा संभव, DA 60% तक पहुंचने की उम्मीद
punjabkesari.in Wednesday, Mar 25, 2026 - 01:28 PM (IST)
8th Pay Commission: देश के लाखों केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए आने वाले दिन बेहद अहम होने वाले हैं, क्योंकि 8वें वेतन आयोग के गठन और महंगाई भत्ते (DA) की गणना को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। सरकारी गलियारों में इस बात की सुगबुगाहट है कि सरकार न केवल वेतन में संशोधन करने वाली है, बल्कि कर्मचारियों को मिलने वाले महंगाई भत्ते के पुराने फॉर्मूले को भी हमेशा के लिए बदल सकती है। अगर ऐसा होता है, तो कर्मचारियों की न्यूनतम बेसिक सैलरी में एक बड़ी उछाल देखने को मिल सकती है, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति में आमूल-चूल परिवर्तन आएगा।
क्यों उठ रही है भत्ते के फॉर्मूले को बदलने की मांग?
वर्तमान में सरकारी कर्मचारियों को मिलने वाला महंगाई भत्ता जिस तरीके से मापा जाता है, उसे कर्मचारी संगठन अब पुराना और अप्रासंगिक मान रहे हैं। यूनियनों का तर्क है कि आज के दौर में महंगाई और जीवन-यापन का खर्च कहीं ज्यादा बढ़ चुका है, जबकि मौजूदा कैलकुलेशन इसे सही तरीके से नहीं दर्शाता। आमतौर पर सरकार होली और दिवाली के समय साल में दो बार डीए बढ़ाती है। पिछले साल मार्च के अंत में इसकी घोषणा हुई थी, इसलिए इस साल भी मार्च के आखिरी हफ्ते या अप्रैल की शुरुआत तक नई बढ़ोतरी की उम्मीद है, जिसे 1 जनवरी 2026 से लागू माना जाएगा।
परिवार के बढ़ते खर्च और यूनियनों की नई शर्तें
ऑल इंडिया ट्रेड यूनियन कांग्रेस (AITUC) सहित कई संगठनों ने सरकार के सामने कुछ कड़े प्रस्ताव रखे हैं। यूनियनों का कहना है कि अब खर्च की गणना 3 सदस्यों के बजाय 5 सदस्यों के परिवार को आधार मानकर की जानी चाहिए। इसके पीछे तर्क यह है कि अब केवल रोटी-कपड़ा ही नहीं, बल्कि इंटरनेट, डिजिटल सेवाएं, आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाएं और बच्चों की महंगी शिक्षा भी अनिवार्य खर्च बन चुके हैं। इसके साथ ही, कर्मचारियों की ओर से पुरानी पेंशन योजना (OPS) को फिर से लागू करने और बेहतर फिटमेंट फैक्टर देने की मांग भी पुरजोर तरीके से उठाई जा रही है।
कितना बढ़ सकता है आपका पैसा?
मौजूदा आंकड़ों को देखें तो इस समय महंगाई भत्ता 58% की दर पर है। ऑल इंडिया कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स (AICPI-IW) के रुझान बता रहे हैं कि इसमें 2 से 3 फीसदी तक की और बढ़ोतरी होना लगभग तय है, जिससे यह 60% के आंकड़े को छू सकता है। चर्चा यह भी है कि शायद सरकार अब हर दस साल में वेतन आयोग लाने के बजाय कोई ऐसा नया सिस्टम बना दे, जिससे कर्मचारियों की सैलरी हर साल महंगाई के हिसाब से अपने आप बढ़ती रहे। फिलहाल सबकी निगाहें आगामी बजट और कैबिनेट के फैसलों पर टिकी हैं।
बेसिक सैलरी में जबरदस्त उछाल की उम्मीद
अगर 8वें वेतन आयोग की सिफारिशें और यूनियनों की 5 यूनिट वाली मांग मान ली जाती है, तो इसका असर ऐतिहासिक होगा। वर्तमान में जो न्यूनतम बेसिक सैलरी 18,000 रुपये है, वह बढ़कर 30,000 रुपये के पार जा सकती है। चूंकि डीए और अन्य भत्ते बेसिक सैलरी पर ही तय होते हैं, इसलिए कुल वेतन में बड़ी बढ़ोतरी होगी। इसका सीधा फायदा न केवल मौजूदा कर्मचारियों को बल्कि पेंशनभोगियों को भी मिलेगा, क्योंकि उनकी पेंशन और महंगाई राहत (DR) सीधे तौर पर अंतिम सैलरी के इसी संशोधित ढांचे से जुड़ी होती है।
