अमेरिका जाने के लिए दिए 2.25 करोड़, रास्ते में अगवा हुए गुजरात के तीन लोगों से अब मांगे जा रहे 1 करोड़ रुपए
punjabkesari.in Wednesday, Sep 30, 2026 - 10:03 AM (IST)
मेहसाणा : गुजरात के तीन लोग, जो कथित तौर पर गैर-कानूनी रास्ते से अमेरिका जा रहे थे, इथियोपिया पहुंचने के बाद लापता हो गए हैं। उनके परिवारों का दावा है कि उन्हें अगवा कर लिया गया है और अपहरणकर्ताओं ने उनकी रिहाई के लिए 1 करोड़ रुपये की फिरौती मांगी है। पुलिस ने मंगलवार को बताया कि 22 सितंबर के बाद से इन तीनों लोगों (दो महिलाएं और एक पुरुष) का कोई पता नहीं चल पाया है। वे 20 सितंबर को मेहसाणा जिले के एक एजेंट की मदद से अमेरिका के लिए निकले थे। परिजनों ने पत्रकारों को बताया कि उस एजेंट ने उन्हें वडोदरा के एक दूसरे एजेंट से संपर्क कराया था। उन्होंने उन्हें सुरक्षित घर वापस लाने के लिए सरकार से दखल देने की मांग की है।
लापता हुए तीनों लोग आपस में रिश्तेदार हैं। इनकी पहचान मेहसाणा के वाडस्मा गांव के रुत्विक जनसारी, मूल रूप से मेहसाणा की रहने वाली और अभी अहमदाबाद में रह रहीं ममता चावड़ा, और राजधानी गांधीनगर की मयूरी के तौर पर हुई है। ममता के पिता किरीटभाई चौहान ने बताया कि परिवार ने तीनों में से हर एक को अमेरिका भेजने के लिए एक एजेंट को करीब 70 लाख रुपए दिए थे।
उन्होंने दावा किया कि अफ्रीका के इथियोपिया पहुंचने के बाद तीनों को बंधक बना लिया गया और अपहरणकर्ताओं ने उनकी रिहाई के लिए 1 करोड़ रुपए की मांग की।
चौहान ने भावुक अपील करते हुए कहा, 'हमने उन्हें (अमेरिका) भेजने के लिए पहले ही बहुत पैसे दे दिए हैं। हमारे पास अब कुछ नहीं बचा है और हम बेबस हैं। हम सरकार से गुजारिश करते हैं कि हमारे तीनों बच्चों को सुरक्षित वापस लाए।' रुत्विक के दादा कानूभाई जनसारी ने भी दावा किया कि अपहरणकर्ताओं ने तीनों लोगों की रिहाई के लिए 1 करोड़ रुपए की मांग की है और अपहरणकर्ताओं को पहले ही 60 लाख रुपए दिए जा चुके हैं। उन्होंने और जानकारी नहीं दी। एक स्थानीय एजेंट अल्पेश पंचाल ने पत्रकारों को बताया कि अफ्रीकी देश में जिन लोगों ने इन तीनों को अगवा किया है, उन्होंने 1 करोड़ रुपए की फिरौती मांगी है। पुलिस ने बताया कि तीनों के लापता होने की सूचना मिली है और 22 सितंबर के बाद से उनके बारे में कोई जानकारी नहीं मिल पाई है।
लंगनाज पुलिस स्टेशन के इंस्पेक्टर ए एम गहलोत ने बताया कि ममता के पिता ने मंगलवार को उनके लापता होने की शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के अनुसार ममता के पति चिराग कुमार करीब छह महीने पहले स्टूडेंट वीजा पर अमेरिका गए थे। गहलोत ने बताया कि ममता ने कई बार अमेरिकी वीजा पाने की कोशिश की, लेकिन सफल नहीं हो पाईं। इसके बाद उनके परिवार ने उन्हें गैर-कानूनी रास्ते से अमेरिका भेजने के लिए बिचौलियों से संपर्क किया। इस यात्रा के लिए प्रति व्यक्ति 75 लाख रुपए तय किए गए थे और ममता, रुत्विक व मयूरी 20 सितंबर को अपने घरों से निकल गए थे।
इंस्पेक्टर ने कहा, '22 सितंबर को कीरितभाई ने अपनी बेटी ममता से बात की थी। उसके बाद से उनसे कोई संपर्क नहीं हो पाया है। जब परिवार के सदस्य तीनों से संपर्क नहीं कर पाए, तो लंगनाज पुलिस स्टेशन में उनके लापता होने की शिकायत दर्ज कराई गई।'
