Lohagad Fort: 2,000 कॉल्स, कैफे मीटिंग और किले में मौत की साजिश, केतन अग्रवाल मर्डर केस में बड़ा खुलासा

punjabkesari.in Wednesday, Jun 24, 2026 - 01:49 PM (IST)

पुणे :  बिज़नेसमैन केतन अग्रवाल की हत्या की जांच कर रही पुणे ग्रामीण पुलिस का दावा है कि उन्हें मारने की कथित साज़िश 31 मई को लोहागढ़ किले की यात्रा के दौरान रची गई हो सकती है। जांचकर्ताओं के अनुसार, केतन अग्रवाल और आरोपी सिया गोयल 31 मई को एक साथ किले पर गए थे, जहां सिया को कथित तौर पर उन्हें मारने का विचार तब आया जब उसने केतन को किले के किनारे बैठे देखा।

पुलिस का यह भी दावा है कि इस कथित योजना को अंजाम देने की पहली कोशिश 14 जून को की गई थी, जब सिया ने कथित तौर पर केतन को किले से नीचे धकेलने की कोशिश की थी। हालांकि, जब यह कोशिश नाकाम रही, तो उसने सांप दिखने का शोर मचाया और बाद में दावा किया कि घबराहट में केतन गलती से गिर गए थे।

पुलिस ने यह भी दावा किया कि दोनों सिया और उसका प्रेमी चेतन कई महीनों तक लगातार संपर्क में रहे और कथित तौर पर उनके बीच 2,000 से ज़्यादा फ़ोन कॉल हुए। अधिकारियों ने आगे बताया कि घटना से पहले, सिया और चेतन कथित तौर पर एक कैफ़े में मिले थे, जहां उन्होंने योजना पर चर्चा की और किले पर ऐसी जगहों की पहचान की जहां से पीड़ित को नीचे धकेला जा सकता था।

सिया गोयल केतन अग्रवाल से शादी नहीं करना चाहती थी
जांचकर्ताओं का यह भी दावा है कि सिया गोयल केतन अग्रवाल से शादी नहीं करना चाहती थी और उसने अपने दोस्त चेतन चौधरी के साथ मिलकर उसे रास्ते से हटाने की साज़िश रची। जांच से यह भी पता चलता है कि दोनों आरोपी पहली बार पिछले साल दिवाली पार्टी में मिले थे और बाद में उनके बीच गहरी दोस्ती हो गई थी।

पुलिस को शक है कि सिया कथित तौर पर अपने लिए और समय चाहती थी और परिवार के दबाव के बावजूद शादी के लिए तैयार नहीं थी। पुलिस ने यह भी दावा किया कि हालांकि सिया सह-आरोपी चेतन चौधरी के करीब आ गई थी और उसे पसंद करती थी, लेकिन वह अभी उससे शादी करने के लिए भी तैयार नहीं थी। जांचकर्ताओं को शक है कि सिया कथित तौर पर चेतन चौधरी के साथ अपना रिश्ता जारी रखते हुए केतन अग्रवाल को रास्ते से हटाना चाहती थी। पुलिस ने बताया कि सिया और चेतन की मुलाकात पिछले साल दिवाली पार्टी में हुई थी और बाद में वे करीब आ गए। जांच करने वालों का दावा है कि दोनों पिछले कई महीनों से लगातार संपर्क में थे और कथित तौर पर केतन की हत्या की योजना पर बात की थी।

जांच के मुताबिक, केतन और सिया 31 मई को लोहागढ़ किले गए थे। उस दौरान, किले के किनारे बैठे केतन को देखकर सिया के मन में कथित तौर पर पहली बार उसे मारने का ख्याल आया। पुलिस को यह भी शक है कि 14 जून को केतन को मारने की एक और कोशिश की गई थी, जब सिया ने कथित तौर पर उसे किले से नीचे धकेलने की कोशिश की थी। जब यह कोशिश नाकाम रही, तो उसने कथित तौर पर सांप दिखने की बात कहकर शोर मचाया और बाद में दावा किया कि धक्का गलती से लगा था। सिया गोयल और चेतन चौधरी दोनों अभी 29 जून तक सात दिन की पुलिस कस्टडी में हैं और आगे की जांच जारी है।  


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Content Editor

Anu Malhotra

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