जगन्नाथ रथयात्रा के दौरान बड़ा हादसा: 11 हजार वोल्ट की लाइन से टकराया रथ, 1 श्रद्धालु की मौत, 9 झुलसे
punjabkesari.in Saturday, Jul 25, 2026 - 09:25 AM (IST)
Meerut Rath Yatra Tragedy : उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले के परीक्षितगढ़ क्षेत्र में शुक्रवार को भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा के दौरान रथ के हाईटेंशन बिजली लाइन की चपेट में आने से एक श्रद्धालु की मौत हो गई जबकि 9 अन्य लोग झुलस गए। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। इस मौके पर मवाना के उपजिलाधिकारी (एसडीएम) संतोष कुमार ने बताया कि रथयात्रा के दौरान अचानक रथ हाईटेंशन बिजली लाइन के संपर्क में आ गया जिससे करीब 10 लोग करंट की चपेट में आ गए।
उन्होंने बताया कि घायलों में 25 वर्षीय एक युवक की उपचार के दौरान मौत हो गई जबकि अन्य 9 घायल लोगों का अस्पताल में इलाज चल रहा है। चिकित्सकों के अनुसार सभी घायलों की हालत फिलहाल खतरे से बाहर है। पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) अभिजीत सिंह ने बताया कि हादसा उस समय हुआ जब रथ ओम पब्लिक स्कूल से मुख्य सड़क की ओर जा रहा था।
मृतक की पहचान परीक्षितगढ़ निवासी सचिन (25), पुत्र नंद किशोर के रूप में हुई है। उन्होंने बताया कि रथयात्रा के लिए पहले से अनुमति ली गई थी। अब यह जांच की जा रही है कि रथ की ऊंचाई निर्धारित मानकों के अनुरूप थी या नहीं।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार ओम पब्लिक स्कूल से भगवान जगन्नाथ की सातवीं रथयात्रा शुरू हुई थी। श्रद्धालु रस्सियों के सहारे रथ खींच रहे थे। इसी दौरान रथ ऊपर से गुजर रही 11 हजार वोल्ट की हाईटेंशन बिजली लाइन के संपर्क में आ गया जिससे पूरे रथ में करंट फैल गया। करंट लगने से सचिन गंभीर रूप से झुलस गया और उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई।
UP- मेरठ के परीक्षितगढ़ टाउन में जगन्नाथ महाप्रभु की रथयात्रा में बिजली का 11 हजार की हाईटेंशन तार टकराने से दर्जन भर श्रद्धालु झुलस गये. एक श्रद्धालु सचिन की मौत हो गयी.
— Narendra Pratap (@hindipatrakar) July 24, 2026
राज्य सरकार ने पिछले दिनों शोभायात्राओं में ताजिये, कांवड़, डीजे और रथों की ऊंचाई को लेकर नियम अनिवार्य… pic.twitter.com/99t1GmcbSc
वहीं, रथ के आसपास चल रहे कई अन्य श्रद्धालु भी झुलस गए। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। घायलों को सरकारी एंबुलेंस की मदद से निजी अस्पताल और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया। कुछ श्रद्धालुओं को मामूली चोटें आईं जिन्हें प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई।
पुलिस ने मृतक के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और हादसे के कारणों की जांच शुरू कर दी है। बता दें कि रथयात्रा के आयोजक अतुल शर्मा और संजीव शर्मा ने बताया कि 18 जुलाई को कलश यात्रा के साथ भगवान जगन्नाथ महोत्सव की शुरुआत हुई थी। इसके बाद धार्मिक कथा का आयोजन किया गया और कथा समाप्त होने के बाद शुक्रवार को रथयात्रा निकाली जा रही थी।
