तेज बुखार और सांस लेने में दिक्कत, राजधानी दिल्ली में स्वाइन फ्लू के 1,777 केस

punjabkesari.in Friday, Aug 21, 2026 - 11:15 PM (IST)

नई दिल्लीः दिल्ली में पैर पसार रही मौसमी और वेक्टर जनित बीमारियों से निपटने के लिए स्वास्थ्य व्यवस्था पूरी तरह मुस्तैद है। शुक्रवार को केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जे.पी. नड्डा की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसमें राजधानी की तैयारियों और बीमारियों की निगरानी की विस्तृत समीक्षा की गई।

केंद्रीय मंत्री जे.पी. नड्डा ने की समीक्षा, दिल्ली सरकार ने सौंपी रिपोर्ट
बैठक में दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. पंकज कुमार सिंह ने राजधानी के अस्पतालों की तैयारियों और बीमारियों की निगरानी की स्थिति के बारे में विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री को राजधानी की स्वास्थ्य तैयारियों की पूरी रिपोर्ट सौंपी। केंद्र सरकार की ओर से भी दिल्ली को इस स्थिति से निपटने के लिए हर जरूरी सहयोग उपलब्ध कराने का पूरा आश्वासन दिया गया है।

अस्पतालों में पर्याप्त व्यवस्था का दावा
दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. पंकज कुमार सिंह ने दावा किया है कि दिल्ली मौजूदा स्वास्थ्य परिस्थितियों से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने आश्वस्त किया कि अस्पतालों में बेड, डॉक्टरों, दवाओं और जरूरी चिकित्सा उपकरणों की कोई कमी नहीं है और हर मरीज को समय पर उचित इलाज उपलब्ध कराया जाएगा। बैठक में मौसमी इन्फ्लुएंजा के साथ-साथ डेंगू और मलेरिया की स्थिति की भी गहन समीक्षा की गई।

साल 2026 में इन्फ्लुएंजा-A के 2,392 मामले दर्ज, H1N1 बना मुख्य स्ट्रेन
स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2026 में अब तक दिल्ली में इन्फ्लुएंजा-A के कुल 2,392 मामले सामने आ चुके हैं। इनमें सबसे बड़ा हिस्सा H1N1 स्ट्रेन का है, जिसके 1,777 मामले दर्ज किए गए हैं। इसके अलावा, इन्फ्लुएंजा के अन्य रूपों में H1 के 37 मामले, H3 के 138 मामले और दूसरी श्रेणियों के 440 मामले सामने आए हैं। वर्तमान में H1N1 ही दिल्ली में इन्फ्लुएंजा का प्रमुख स्ट्रेन बना हुआ है।

रोजाना निगरानी और सख्त दिशानिर्देश जारी
बढ़ते मामलों को देखते हुए दिल्ली सरकार Integrated Disease Surveillance Programme (IDSP) के जरिए स्थिति पर लगातार नजर रख रही है। अस्पतालों में ILI (इन्फ्लुएंजा जैसी बीमारी), SARI (गंभीर तीव्र श्वसन संक्रमण) और इन्फ्लुएंजा के मामलों की रोजाना मॉनिटरिंग की जा रही है। अस्पतालों और जिला अधिकारियों को मरीजों की स्क्रीनिंग, रिपोर्टिंग और निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं। इसके साथ ही मरीजों के उपचार, वेंटिलेटरी मैनेजमेंट, मास्क के उपयोग और होम केयर को लेकर भी जरूरी गाइडलाइंस जारी की गई हैं।


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Content Writer

Pardeep

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