महाराष्ट्र की पूर्ववर्ती सरकार की अक्षमता के कारण एमएसईडीसीएल का बकाया बढ़ा : नितिन राउत

09/14/2021 9:09:41 PM

मुंबई, 14 सितंबर (भाषा) महाराष्ट्र के ऊर्जा मंत्री नितिन राउत ने मंगलवार को कहा कि देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व वाली पूर्ववर्ती सरकार की नाकामी के कारण राज्य द्वारा संचालित महाराष्ट्र राज्य विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड (एमएसईडीसीएल) का 73,879 करोड़ रुपये का बकाया है।

महाराष्ट्र में 2014 और 2019 के दौरान भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और शिवसेना के गठबंधन वाली सरकार में ऊर्जा विभाग भाजपा के पास था। राउत ने कहा कि राज्य सरकार एमएसईडीसीएल को चार कंपनियों में विभाजित करने पर भी विचार कर रही है ताकि इसे एक लाभदायक इकाई में बदल दिया जा सके। इस मॉडल को पड़ोसी गुजरात द्वारा सफलतापूर्वक लागू किया गया है, जो संयोग से भाजपा शासित राज्य है।

राज्य मंत्रिमंडल के समक्ष बकाया राशि, उपभोक्ता आधार और लीकेज को ठीक करने के लिए उठाए जा रहे उपायों पर प्रस्तुति देने के बाद राउत ने पत्रकारों से कहा कि 2014-15 में बकाया राशि 23,224 करोड़ रुपये थी, जो तत्कालीन राज्य सरकार की अक्षमता के कारण लगातार बढ़ रही थी। इस साल 31 मार्च में बकाया राशि 71,243 करोड़ रुपये और जुलाई तक 73,879 करोड़ रुपये तक पहुंच जाएगी।

उन्होंने कहा कि राज्य में बाढ़ और चक्रवात के बाद बकाया की वसूली चुनौतीपूर्ण थी, जबकि क्रॉस-सब्सिडी कारक पहले से ही 12,762 रुपये था और इसे आगे नहीं बढ़ाया जा सकता है। किसी एक वर्ग या समूह को कम दरों पर सेवाएं या उत्पाद उपलब्ध करने के लिये किसी दूसरे समूह से अधिक/अतरिक्त शुल्क वसूल करने की प्रक्रिया क्रॉस सब्सिडी कहलाती है।

उन्होंने कहा, ‘‘एमएसईडीसीएल पर 45,440 करोड़ रुपये का ऋण है। यह चिंताजनक है। कमियों को दूर करने के लिए एक कंसल्टेंसी फर्म की सेवा ली जा रही है क्योंकि राज्य की यह इकाई एशिया में दूसरी सबसे बड़ी कंपनी है। उनकी रिपोर्ट कैबिनेट के समक्ष रखी जाएगी।’’


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PTI News Agency

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