एनसीएलटी के लिखित आदेश को पढ़ने के बाद अगले कदम तय करेंगे: जालान कलरॉक गठजोड़

2021-06-22T23:01:24.62

मुंबई, 22 जून (भाषा) दिवाला समाधान प्रक्रिया के तहत जेट एयरवेज के लिए सफल बोली लगाने वाले जालान कलरॉक गठजोड़ ने कहा है कि वह एनसीएलटी के लिखित आदेश को पढ़ने के बाद अपने अगले कदम तय करेगा। गठबंधन ने इस बात पर जोर दिया है कि वह इस एयरलाइन की उड़ानें दोबारा शुरू करने के लिए उड्डयन अधिकारियों के साथ मिल कर कार्य करेगा।

गौरतलब है कि राष्ट्रीय कंपनी विधि न्यायाधिकरण (एनसीएलटी) ने मंगलवार को जेट एयरवेज के लिए जालान-कलरॉक गठजोड़ की दिवाला समाधान योजना को मंजूरी दी।
जेट एयरवेज दो साल से दिवाला एवं ऋणशोधन अक्षमता संहिता (आईबीसी) के तहत समाधान प्रक्रिया से गुजर रही थी। दो दशक से ज्यादा समय से सेवा दे रही विमानन कंपनी ने अप्रैल, 2019 में परिचालन को निलंबित कर दिया था।

एनसीएलटी ने अपने मौखिक आदेश में यह भी कहा कि वह स्लॉट (उड़ानों की समय सारिणी में समय) आवंटनों की ऐतिहासिक विश्वसनीयता को लेकर कोई निर्देश नहीं दे रहा और सरकार या उचित प्राधिकरण इस मुद्दे पर ध्यान देगा। लिखित आदेश जारी किया जाना बाकी है।

गठजोड़ ने एक बयान में कहा कि यह सफर अब तक "अत्यधिक चुनौतीपूर्ण लेकिन संतोषजनक" रहा है।

इसमें कहा गया, "गठजोड़ समाधान योजना को मंजूरी देने से जुड़े एनसीएलटी के लिखित आदेश का इंतजार कर रहा है और वह सभी हितधारकों को उनकी प्रिय एयरलाइन की वापसी के लिए अगले कदमों की जानकारी देगा।"
बयान के मुताबिक गठजोड़ ने जेट एयरलाइन की उड़ानें दोबारा शुरू करने के लिए नागरिक उड्डयन मंत्रालय, नागरिक उड्डयन महानिदेशालय और अपने सभी प्रतिद्वंदियों के साथ काम करने की अपनी इच्छा दोहरायी।

बयान में कहा गया, "हम इस समर्थन से वशीभूत हैं। हमारी टीम एनसीएलटी द्वारा लिखित आदेश जारी करते ही उसका अध्ययन करेगी और इसके बाद हम अगले कदमों को लेकर विस्तृत प्रतिक्रिया देंगे।"
गठजोड़ ने साथ ही कहा कि यह सफर ऋणदाताओं की समिति (सीओसी), समाधान पेशेवर, गठजोड़ के परामर्शदाताओं एवं सलाहकारों और दुनिया भर में जेट एयरवेज के लाखों शुभचिंतकों और वफादार ग्राहकों के निरंतर समर्थन के बिना संभव नहीं होता जो पूरी प्रक्रिया के दौरान उसके साथ खड़े रहे।

जेट एयरवेज के ऋणदाताओं की समिति ने अक्टूबर, 2020 में ब्रिटेन स्थित कलरॉक कैपिटल और यूएई स्थित उद्यमी मुरारी लाल जालान के गठजोड़ द्वारा प्रस्तुत समाधान योजना को मंजूरी दी थी।



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PTI News Agency

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