बेंगलुरु में अवैध टेलीफोन एक्सचेंज मामले में तीन और गिरफ्तार

2021-06-10T22:36:37.713

बेंगलुरु, 10 जून (भाषा) बेंगलुरु के पुलिस आयुक्त कमल पंत ने बृहस्पतिवार को कहा कि शहर में अवैध टेलीफोन एक्सचेंज के मामले में निर्दोष लोगों के फिंगरप्रिंट का इस्तेमाल कर सैकड़ों सिम कार्ड हासिल करने वाले इब्राहिम की मदद करने वाले दो लोगों और एक ‘हवाला’ संचालक को गिरफ्तार किया गया है।

इस गिरफ्तारी के साथ ही इस मामले में इब्राहिम और एक्सचेंज के संचालक गौतम समेत कुल पांच लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है।

बेंगलुरु पुलिस ने बुधवार को कहा था कि उसके आतंकवाद निरोधी प्रकोष्ठ ने सैन्य खुफिया विभाग के साथ समन्वय में छह अवैध टेलीफोन एक्सचेंज का पर्दाफाश किया था जिसमें 30 सिम बॉक्सों में 960 सिम कार्ड का इस्तेमाल किया जा रहा था।

पुलिस ने कहा कि केरल के मलाप्पुरम के रहने वाले इब्राहिम और तमिलनाडु के तिरुपुर का रहने वाले गौतम बी विश्वनाथन ने अवैध गतिविधियों के संचालन के लिये शहर में छह इलाकों में सिम बॉक्स लगाए थे।
बृहस्पतिवार को संवाददाताओं से बात करते हुए पंत ने कहा कि बेंगलुरु के रहने वाले एक व्यक्ति और तमिलनाडु के थोथूकुडी के रहने वाले एक अन्य व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया है।


इस मामले में गिरफ्तार तीसरा व्यक्ति कर्नाटक के उत्तरी कन्नडा जिले के भटकल का रहने वाला है।
उन्होंने 960 टेलीफोन लाइनों के एक्सचेंज की स्थापना के लिये बड़ी मात्रा में सिम कार्ड हासिल करने में इब्राहिम की मदद की। उन्होंने हालांकि इन लोगों की पहचान का खुलासा नहीं किया।


पंत ने कहा, “ये दोनों उन सामान्य ग्राहकों के फिंगरप्रिंट का इस्तेमाल सिम हासिल करने के लिये करते थे जो इनके पास नए फोन कनेक्शन के लिये पहुंचते थे।”

इब्राहिम के बारे में बात करते हुए शहर के पुलिस प्रमुख ने बताया कि वह दुबई में ड्राइवर के तौर पर काम कर चुका है और वॉयस ओवर इंटरनेट प्रोटोकॉल (वीओआईपी) का इस्तेमाल कर बेंगलुरु में टेलीफोन एक्सचेंज स्थापित करने के लिये लौटा था।
उन्होंने कहा कि तमिलनाडु का रहने वाला गौतम एक्सचेंज का संचालन करता था।

अधिकारी ने बताया कि अधिकतर फोन कॉल्स पश्चिम एशिया से आते थे और वहां कुछ लोग कॉल करने में इब्राहिम की मदद करते थे। उन्होंने कहा कि कॉल के लिये भुगतान दुबई में होता था और धन शोधन नेटवर्क के जरिये उसे भारत पहुंचाया जाता था।

पंत ने कहा, “भटकल का रहने वाला व्यक्ति जिसे हमनें हिरासत में लिया है वह हवाला के जरिये रकम की हेरफेर करता था।”

उन्होंने हालांकि उन आरोपों पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया कि कुछ लोग देश के सैन्य प्रतिष्ठानों के बारे में जानकारी हासिल करने की भी कोशिश कर रहे थे। उन्होंने कहा कि जांच अभी शुरुआती चरण में है और अभी इस बारे में कुछ कहना उचित नहीं होगा।

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PTI News Agency

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