UPSC परीक्षा: जम्मू-कश्मीर के आवेदकों को नहीं मिलेगी अधिकतम आयु में छूट

2020-02-13T18:25:32.48

नई दिल्ली: संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) की सिविल सेवा परीक्षा 2020 में जम्मू-कश्मीर के छात्रों को अधिकतम आयु में छूट नहीं मिलेगी। पिछले साल तक 1980 से 1989 के बीच जम्मू-कश्मीर का मूल निवास प्रमाण पत्र रखने वालों को अधिकतम आयु में पांच साल की छूट मिलती थी। हालांकि, अन्य श्रेणियों में पूर्व की तरह आयु में छूट जारी रहेगी। यूपीएससी द्वारा जारी अधिसूचना में यह जानकारी दी गई है। आयोग ने देश की नौकरशाही में 796 पदों को सिविल सेवा परीक्षा-2020 के जरिए भरने की घोषणा की है। अधिसूचना के मुताबिक सिविल सेवा की प्रारंभिक परीक्षा 31 मई को होगी।

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उल्लेखनीय है कि पिछले साल सिविल सेवा परीक्षा के लिए सामान्य वर्ग के उम्मीदवारों के लिए अधिकतम 32 साल आयु निर्धारित की गई थी लेकिन एक जनवरी 1980 से 31 दिसंबर 1989 तक जम्मू-कश्मीर के अधिवासी को अधिकतम आयु में पांच साल की छूट दी गई थी। इस साल जारी सिविल परीक्षा की अधिसूचना में इस तरह की छूट का उल्लेख नहीं है। हालांकि, अधिकतम आयु में अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के उम्मीदवारों के लिए पूर्व की तरह पांच साल की और अन्य पिछड़े वर्ग के लिए तीन साल की छूट जारी रहेगी।

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अधिसूचना के मुताबिक सिविल सेवा परीक्षा-2020 के जरिए भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस), भारतीय विदेश सेवा (आईएफएस), भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस), भारतीय रेलवे यातायात सेवा (आईआरटीएस), भारतीय रेलवे लेखा सेवा (आईआरएएस), भारतीय रेलवे कार्मिक सेवा (आईआरपीएस) के अधिकारियों की भर्ती होगी। अधिकारियों ने बताया कि संभवत: आखिरी बार आईआरटीएस, आईआरएएस और आईआरपीएस अधिकारियों की भर्ती सिविल सेवा परीक्षा के लिए हो रही है क्योंकि मौजूदा भारतीय रेलवे की आठ सेवाओं को मिलाकर भारतीय रेलवे प्रबंधन सेवा (आईआरएमएस) बनाने का फैसला किया गया है और यूपीएसएसी अगले साल इस सेवा के लिए भर्ती शुरू कर सकता है।


Author

rajesh kumar

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