लखनपुर में टोल प्लाजा बना इतिहास, वस्तुएं होने लगीं सस्ती
punjabkesari.in Friday, Jan 03, 2020 - 01:29 PM (IST)
जम्मू(सतीश): राज्य के प्रवेश द्वार लखनपुर में लगने वाला टोल टैक्स अब इतिहास बन चुका है। इस टोल के समाप्त होने के बाद से ही कयास लगाए जा रहे हैं कि उपभोक्ताओं को भारी-भरकम लाभ होगा, क्योंकि लखनपुर में प्रत्येक आइटम पर 1 रुपए प्रति किलो टोल टैक्स चुकता करना पड़ता था, जो उपभोक्ताओं की जेब से कटता था। लेकिन अब उपभोक्ताओं को भारी राहत मिलेगी। एक दिन में ही सीमैंट के दाम भी लुढ़क गए हैं। टोल समाप्त होने पर सीमैंट के रेट में 60 से 65 रुपए की गिरावट दर्ज की गई है यानी अब सीमेंट प्रति बैग लगभग 60 रुपए सस्ता हो गया है।

इसी प्रकार सरिया सहित अन्य वजन वाले सामान में बड़ी राहत मिली है। कुछ सामानों पर 235 और कुछ पर 400 रुपए प्रति क्विंटल टोल वसूला जाता था, जो अब समाप्त हो गया है। इससे उपभोक्ताओं को प्रत्येक वस्तु पर राहत मिलेगी, जिसका टोल कटता था। चाहे वह रोजमर्रा में खाने वाला आटा ही क्यों न हो। 10 किलो आटे के बैग में 10 रुपए की गिरावट हुई है। 1 जुलाई, 2017 को केंद्र सरकार ने वन नेशन, वन टैक्स का नारा दिया और जी.एस.टी. लागू किया, लेकिन जम्मू-कश्मीर में विशेष अधिकारों के तहत यानी अनुच्छेद-370 के तहत तत्कालीन सरकार ने अलग से जी.एस.टी. कानून बनाया और लखनपुर में वस्तुओं पर टोल टैक्स जारी रखा, क्योंकि यह टोल प्लाजा एक बहुत बड़ा आय का स्रोत रहा है।

वर्ष 2000-2001 में लखनपुर टोल प्लाजा से 103.77 करोड़ रुपए का राजस्व एकत्र हुआ, जबकि वर्ष 2010 में यह राजस्व बढ़कर लगभग 250 करोड़ रुपए तक पहुंचा। वर्ष 2017-18 में यह राजस्व लगभग 645 करोड़ रुपए पहुंचा। गत वर्ष यानी 2019 में 560 करोड़ रुपए टोल टैक्स के रूप में एकत्र किए गए। टोल टैक्स हटाए जाने को क्षेत्र में व्यापार को बढ़ावा देने की नजर से देखा जा रहा है। लखनपुर में वर्ष 1956 से टोल वसूला जा रहा है। अनुच्छेद-370 हटने के बाद हल्के वाहनों से टोल वसूलना बंद कर दिया गया था, लेकिन व्यावसायिक वाहनों से टोल टैक्स वसूलने की प्रक्रिया जारी थी, जिसे अब समाप्त कर दिया गया है। ट्रेडर्स फैडरेशन ऑफ इंडस्ट्रीज के अध्यक्ष नीरज आनंद ने कहा कि लखनपुर में टोल प्लाजा समाप्त होने पर वजन के हिसाब से लगने वाला टोल समाप्त हो गया है और इसका सबसे बड़ा लाभ उपभोक्ताओं को ही होगा।
