बी.एड. का पेपर रद्द करने के विरोध में प्रशासन के खिलाफ किया प्रदर्शन

2020-01-17T13:42:18.48

जम्मू(कमल): रहबर-ए-तालीम शिक्षकों ने बी.एड. की 2 परीक्षाएं रद्द करने के विरोध में वीरवार को जम्मू एंड कश्मीर में इग्नू प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन किया। आर.ई.टी. टीचर्स फोरम जे. एंड के. के प्रधान विनोद शर्मा की अध्यक्षता में सैंकड़ों शिक्षक वीरवार की सुबह प्रदर्शनी मैदान के समीप एकत्र हुए और इग्नू प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी शुरू की।

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विनोद शर्मा ने आरोप लगाया कि इंदिरा गांधी ओपन यूनिवर्सिटी (इग्नू) प्रशासन बी.एड. के शिक्षकों को अनावश्यक रूप से परेशान कर रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि इग्नू ने हाल ही में बी.एड. सैकेंडरी की परीक्षाओं का ऐलान आनन-फानन में 2 दिन पहले किया है। केंद्र शासित प्रदेश में इंटरनैट सेवा ठप्प होने की वजह से परीक्षार्थियों को हॉल टिकट (रोल नम्बर स्लिप) निकालने में परेशानी हुई और फिर शिक्षकों को पेपर देने के लिए 200 से 300 किलोमीटर की दूरी तय कर परीक्षा केंद्रों तक पहुंचना पड़ा। उन्होंने कहा कि दूर-दराज क्षेत्रों के शिक्षकों को परीक्षा केंद्रों के समीप कमरे किराए पर लेकर परीक्षाएं देनी पड़ीं। इग्नू ने कुछ पेपर लगातार फिक्स किए थे। इग्नू की गाइडलाइन के मुताबिक यह सारी प्रक्रिया 15 दिन पहले होनी चाहिए और परीक्षार्थियों को 15 दिन पहले ही हॉल टिकट उपलब्ध होनी चाहिए।

इग्नू प्रशासन यूनिवर्सिटी गाइडलाइन की धज्जियां उड़ा रहा: शिक्षक
इसके बावजूद इग्नू प्रशासन ने कोर्स 128 तथा कोर्स 129 के पेपर रद्द कर शिक्षकों को परेशानी में डाल दिया। शिक्षकों ने इग्नू प्रशासन पर आरोप लगाया कि पहले ही इग्नू यूनिवर्सिटी की गाइडलाइन की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं, जिसके कारण शिक्षकों को बी.एड. कोर्स का पता ही नहीं लग रहा है। वर्कशॉप तथा इंटर्नशिप परीक्षाओं के पहले लगनी चाहिए, जबकि परीक्षाएं पहले ली जा रही हैं। बी.एड. की अध्ययन सामग्री भी समय पर नहीं मिली और न ही शिक्षकों को अपने मनपसंद के विषय मिले। अब पेपरों को रद्द कर इग्नू ने शिक्षकों को मानसिक रूप से परेशान किया है। शिक्षकों ने कहा कि फरवरी से बच्चों की परीक्षाएं शुरू हो रही हैं, ऐसे में वे किस तरह बच्चों की परीक्षा लेंगे और किस तरह से अपनी बी.एड. की परीक्षा देंगे। शिक्षकों को बलि का बकरा बनाया जा रहा है। आर.ई.टी. फोरम ने शिक्षकों की परेशानियों को देखते हुए इग्नू विश्वविद्यालय प्रशासन को चेतावनी दी है कि एक सप्ताह के भीतर 2 पेपर रद्द करने का फैसला वापस नहीं लिया तो शिक्षकों के हक में एक जनांदोलन छेड़ दिया जाएगा।


Author

rajesh kumar

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