भारी बर्फबारी के बीच फंसा 75 साल का बुजुर्ग, जवानों ने 2 किलोमीटर चलकर बचाई जान

2020-01-17T17:55:27.15

श्रीनगर: जम्मू-कश्मीर में इन दिनों भारी बर्फबारी की दौर है। बर्फबारी के कारण लोगों को एक स्थान से दूसरे स्थान पर आने-जाने के लिए भारी दिक्क्तों का सामना करना पड़ रहा है। वहीं बर्फबारी के बीच अब तक 6 जवानों समेत 12 लोगों की मौत हो चुकी है। भारी बर्फबारी के बीच भारतीय सेना अपनी जान की परवाह किए बगैर लोगों की मदद करने में जुटी हुई है। कुपवाड़ा के लालोपोरा इलाके में 75 वर्षीय गुलाम नबी गनी बर्फबारी की चपेट में आ गए। कड़ाके की ठंड के बीच सेना के जवानों ने बचाव कार्य शुरु कर उन्हें दो किलोमीटर पैदल चलकर अस्पताल पहुंचाया। भारतीय सेना की चिनार कॉर्प्स ने इसका एक वीडियो शेयर किया है और साथ ही उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना की है।

 


वहीं इससे पहले उत्तरी कश्मीर के बारामूला के तंगमर्ग इलाके के दर्दपोरा गांव की एक गर्भवती महिला की सेना ने मदद की थी। महिला के पति रियाज मीर ने भारतीय सेना के एक दल को कॉल कर सूचना दीथी कि उसकी पत्नी को प्रसव पीड़ा हो रही है और उसका परिवार भारी बर्फबारी के कारण उसे अस्पताल ले जाने में असमर्थ है। जिसके बाद सेना के 100 से अधिक जवानों और 25 नागरिकों ने छह घंटे चले अभियान में हिस्सा लिया था और महिला को स्ट्रेचर पर लिटाकर कमर तक गहरी बर्फ में पैदल ही उपलोना तक पहुंचाया।

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बता दें कि सेना के एक दल ने सड़क का रास्ता साफ किया दूसरे दल ने हेलिपैड तक बर्फसाफ की और तीसरे ने कनिसपोरा तक बर्फ हटाकर बारामुला जिला मुख्यालय से क्षेत्र की जोड़ने वाला रास्ता साफ किया। अपलोना पहुंच महिला का मेडिकल चेकअप करवाने के बाद उसे सेना की एंबुलेंस से बारामूला जिला अस्पताल लाया गया। जहां चिकित्सकों ने सुरक्षित प्रसव कराया। अस्पताल में महिला ने एक बच्चे को जन्म दिया, मां और बच्चा दोनों स्वस्थ हैं।
 

 


Author

rajesh kumar

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