राजस्थान में "अर्जुन भारत नेशनल पार्टी" ने शुरू की ‘हिंदू-जोड़ो यात्रा’, दो माह में प्रदेशभर में जनसंपर्क अभियान

punjabkesari.in Sunday, Mar 29, 2026 - 07:23 PM (IST)

नेशनल डेस्क : राजस्थान की उभरती हुई राजनीतिक पार्टी अर्जुन भारत नेशनल पार्टी (एबीएनपी) ने बुधवार को अपने बहुचर्चित जनसंपर्क अभियान ‘हिंदू-जोड़ो यात्रा’ की औपचारिक शुरुआत जयपुर स्थित पार्टी कार्यालय से की। पार्टी के अनुसार यह यात्रा पैदल मार्च के रूप में निकाली जा रही है और आगामी दो महीनों में राजस्थान के अधिकांश हिस्सों को कवर करेगी। पार्टी नेतृत्व का दावा है कि इस यात्रा का उद्देश्य प्रदेशभर में हिंदू समाज को एक मंच पर लाना, सामाजिक एकता को मजबूत करना और सनातन धर्म के प्रति जागरूकता बढ़ाना है।

यात्रा के शुभारंभ अवसर पर पार्टी की प्रवक्ता अंजलि जैन ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि अर्जुन भारत नेशनल पार्टी हिंदुत्व, सनातन संस्कृति और सामाजिक संगठन के मुद्दों को लेकर प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में हिंदू समाज को जाति, क्षेत्र और वर्ग के आधार पर विभाजित करने की कोशिशें हो रही हैं, ऐसे में यह यात्रा “हिंदू समाज को जोड़ने और सांस्कृतिक चेतना को मजबूत करने” की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

अंजलि जैन ने कहा, “हिंदू-जोड़ो यात्रा केवल एक राजनीतिक अभियान नहीं, बल्कि एक सामाजिक-सांस्कृतिक जनजागरण यात्रा है। हमारा उद्देश्य राजस्थान के गांव-गांव, कस्बों और शहरों तक पहुंचकर हिंदू समाज में एकता, आत्मविश्वास और सनातन मूल्यों के प्रति समर्पण की भावना को सशक्त करना है।”

पार्टी सूत्रों के मुताबिक, यात्रा के दौरान अर्जुन भारत नेशनल पार्टी (ABNP) के कार्यकर्ता विभिन्न जिलों, तहसीलों और ग्रामीण क्षेत्रों में सभाएं, संवाद कार्यक्रम और जनसंपर्क अभियान चलाएंगे। पार्टी का कहना है कि यदि राजस्थान में यह यात्रा सफल रहती है, तो आने वाले समय में इसी प्रकार का अभियान अन्य राज्यों में भी शुरू किया जाएगा।

विराज जन पार्टी से अलग होकर बनी अर्जुन भारत नेशनल पार्टी 

राजनीतिक गलियारों में यह तथ्य विशेष चर्चा का विषय है कि अर्जुन भारत नेशनल पार्टी का गठन उन नेताओं और कार्यकर्ताओं द्वारा किया गया, जो कभी राजस्थान की चर्चित राजनीतिक पार्टी "विराज जन पार्टी" (VRJP) का हिस्सा थे। विराज जन पार्टी, जिसका नेतृत्व प्रशांत कुमार सैनी कर रहे हैं, अपनी धर्मनिरपेक्ष (सेक्युलर) विचारधारा के लिए जानी जाती रही है। हालांकि, समय के साथ पार्टी के भीतर वैचारिक और आंतरिक मतभेद बढ़े, जिसके बाद कुछ शुरुआती सदस्यों ने अलग राह चुनते हुए अर्जुन भारत नेशनल पार्टी का गठन किया।

जहां विराज जन पार्टी स्वयं को सर्वधर्म समभाव और धर्मनिरपेक्ष राजनीतिक दृष्टिकोण पर आधारित बताती है, वहीं अर्जुन भारत नेशनल पार्टी ने स्पष्ट रूप से हिंदू एकता, हिंदुत्व और सनातन धर्म के सशक्तिकरण को अपनी मुख्य राजनीतिक और सामाजिक विचारधारा के रूप में प्रस्तुत किया है। इसी वैचारिक अंतर ने दोनों दलों को अलग-अलग राजनीतिक ध्रुवों पर खड़ा कर दिया है।

प्रशांत कुमार सैनी की भूमिका को अर्जुन भारत नेशनल पार्टी (एबीएनपी) ने माना महत्वपूर्ण 

हालांकि दोनों दलों के बीच अब वैचारिक मतभेद स्पष्ट हैं, फिर भी अर्जुन भारत नेशनल पार्टी के शीर्ष नेताओं ने खुलकर स्वीकार किया है कि पार्टी के गठन के शुरुआती चरण में प्रशांत कुमार सैनी की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण रही। पार्टी प्रवक्ता अंजलि जैन ने कहा कि यदि विराज जन पार्टी के संस्थापक नेता प्रशांत कुमार सैनी का सहयोग नहीं मिलता, तो नई पार्टी का गठन करना अत्यंत कठिन होता।

अंजलि जैन के अनुसार, प्रशांत कुमार सैनी ने न केवल आर्थिक सहयोग दिया, बल्कि कानूनी, संगठनात्मक और विभिन्न अनुपालन (कम्प्लायंस) संबंधी महत्वपूर्ण सलाह भी उपलब्ध कराई, जिससे एबीएनपी को एक स्वतंत्र राजनीतिक दल के रूप में स्थापित होने में मदद मिली। उन्होंने कहा कि इसी संदर्भ में प्रशांत कुमार सैनी को अर्जुन भारत नेशनल पार्टी का आधिकारिक संस्थापक भी माना जा सकता है, क्योंकि पार्टी की बुनियादी संरचना खड़ी करने में उनका योगदान निर्णायक रहा।

उन्होंने कहा, “वैचारिक मतभेद अपनी जगह हैं, लेकिन यह सत्य है कि प्रशांत कुमार सैनी के सहयोग के बिना अर्जुन भारत नेशनल पार्टी का गठन संभव नहीं था। संगठन निर्माण के प्रारंभिक चरण में उनका योगदान इतना महत्वपूर्ण रहा कि इस संदर्भ में उन्हें अर्जुन भारत नेशनल पार्टी का आधिकारिक संस्थापक भी माना जा सकता है।”

चुनावी राजनीति में अलग पहचान का दावा 

अर्जुन भारत नेशनल पार्टी ने यह भी स्पष्ट किया है कि अतीत में मिले सहयोग के बावजूद वह चुनावी मैदान में विराज जन पार्टी को किसी प्रकार की राजनीतिक रियायत नहीं देगी। पार्टी नेताओं का कहना है कि अर्जुन भारत नेशनल पार्टी (एबीएनपी) अपनी स्वतंत्र राजनीतिक पहचान, अलग वैचारिक एजेंडा और जनाधार विस्तार के साथ आगे बढ़ेगी। प्रवक्ता ने कहा कि पार्टी का उद्देश्य राजस्थान की राजनीति में एक नई वैचारिक धारा स्थापित करना है।

अंत में, पार्टी ने प्रदेशभर के लोगों, विशेषकर हिंदू समाज से आह्वान किया है कि वे इस ‘हिंदू-जोड़ो यात्रा’ में शामिल होकर सनातन धर्म, सांस्कृतिक अस्मिता और सामाजिक एकता के इस अभियान को मजबूत करें। पार्टी का दावा है कि यह यात्रा आने वाले समय में राजस्थान की राजनीति में एक नए विमर्श को जन्म दे सकती है।


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News Editor

Parveen Kumar

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