Special Report: ट्रंप की धमकियां ज्यादा...तैयारी जीरो ! ईरान पर हमला क्यों टाल रहा अमेरिका ?

punjabkesari.in Wednesday, Jan 14, 2026 - 04:59 PM (IST)

International Desk: ईरान को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की तीखी बयानबाजी और “सैन्य कार्रवाई” की खुली धमकियों के बावजूद, फिलहाल अमेरिका के लिए ईरान पर सीधा हमला करना व्यावहारिक नहीं दिख रहा। रक्षा विशेषज्ञों और अंतरराष्ट्रीय रणनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि ट्रंप की आक्रामक भाषा के पीछे ठोस सैन्य तैयारी बेहद सीमित है।

 

सबसे बड़ी बाधा 
अमेरिका ने हाल के महीनों में मध्य पूर्व में कोई नया एयरक्राफ्ट कैरियर तैनात नहीं किया है। वर्तमान में क्षेत्र में अमेरिकी सैन्य मौजूदगी घटाई गई है, जिससे ईरान पर बड़े पैमाने पर हवाई या मिसाइल हमले की क्षमता सीमित हो जाती है। ऐसे किसी भी हमले के लिए अमेरिका को क्षेत्रीय एयरबेस पर निर्भर रहना पड़ेगा।

 

 खाड़ी देशों की ‘न’
सऊदी अरब, कतर और संयुक्त अरब अमीरात जैसे खाड़ी देश किसी नए युद्ध से दूरी बनाए रखना चाहते हैं। पिछले साल ईरान-इजराइल के 12-दिवसीय संघर्ष के दौरान मिसाइल हमलों का सामना कर चुके ये देश अब अमेरिका को अपने सैन्य अड्डों के इस्तेमाल की खुली अनुमति देने के पक्ष में नहीं हैं। उन्हें आशंका है कि हमला होते ही पूरा पश्चिम एशिया युद्ध की आग में झुलस सकता है।

 

हमला उल्टा भी पड़ सकता 
विशेषज्ञों के अनुसार, ईरान पर बाहरी हमला वहां के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई और मौजूदा शासन को घरेलू समर्थन दिला सकता है। इससे सरकार-विरोधी प्रदर्शन कमजोर पड़ सकते हैं और राष्ट्रवाद की लहर तेज हो सकती है।

 

ईरान  कमजोर नहीं
हालांकि ईरान की सैन्य क्षमता को नुकसान पहुंचा है, लेकिन उसके पास अब भी सीमित मिसाइल ताकत मौजूद है। ये मिसाइलें क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी ठिकानों को निशाना बना सकती हैं, जिससे संघर्ष एक व्यापक क्षेत्रीय युद्ध में बदलने का खतरा है।

 

ट्रंप की घरेलू मुश्किलें
अमेरिका के भीतर भी ट्रंप को राजनीतिक और कानूनी चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है। किसी बड़े सैन्य अभियान के लिए कांग्रेस की मंजूरी जरूरी होगी, वहीं ‘अमेरिका फर्स्ट’ नीति के तहत विदेशों में युद्ध से बचने का वादा भी ट्रंप के सामने बड़ी बाधा है। इन्हीं कारणों से वॉशिंगटन फिलहाल सैन्य कार्रवाई के बजाय आर्थिक दबाव, कड़े प्रतिबंध, कूटनीतिक चेतावनियों और मनोवैज्ञानिक दबाव की रणनीति अपनाता दिख रहा है। ट्रंप की भाषा भले ही सख्त हो, लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि युद्ध की तैयारी अभी दूर नजर आती है।


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Content Writer

Tanuja

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