युगांडा आर्मी चीफ का तुर्की को अल्टीमेटमः अपनी “सबसे खूबसूरत महिला” से करवाओ शादी, 1 अरब डॉलर भी दो वर्ना...
punjabkesari.in Sunday, Apr 12, 2026 - 06:07 PM (IST)
International Desk: यूगांडा (Uganda) के रक्षा बलों के प्रमुख मुहूज़ी काइनेरुगाबा (Muhoozi Kainerugaba) ने तुर्कये (Turkey) को लेकर एक बेहद विवादास्पद बयान दिया है। उन्होंने तुर्की से 30 दिनों के भीतर 1 अरब डॉलर देने और वहां की “सबसे खूबसूरत महिला” से शादी की मांग की। यह बयान उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व ट्विटर) पर किया, हालांकि बाद में ये पोस्ट हटा दिए गए। उनके इस बयान से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हलचल मच गई है।

क्या है पूरा मामला?
जनरल कैनेरुगाबा ने तुर्की पर आरोप लगाया कि उसने Somalia में बुनियादी ढांचे और बंदरगाह परियोजनाओं से फायदा उठाया है, जबकि युगांडा के सैनिक वर्षों से अल-शबाब आतंकियों के खिलाफ लड़ाई लड़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस “सुरक्षा योगदान” के बदले तुर्की को युगांडा को 1 अरब डॉलर का भुगतान करना चाहिए।
Erdogan muerto de risa
— @LaNave4argentina (@LaNaveComunica4) April 12, 2026
Muhoozi Kainerugaba, exige U$D1.000 millones a Turquía y "a su mujer más hermosa", la modelo turca Melissa kruells. De lo contrario, cerrará su embajada y romperá relaciones, afirma que Turquía se benefició del trabajo de Uganda contra Al Shabaab sin pagar. https://t.co/5Guqc4IDT3
शादी वाली मांग ने बढ़ाया विवाद
अपने एक पोस्ट में उन्होंने यह भी लिखा कि वह तुर्की की “सबसे खूबसूरत महिला” से शादी करना चाहते हैं। इस अजीब मांग ने मामले को और ज्यादा विवादित बना दिया। जनरल ने कहा कि अगर 30 दिनों में उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं तो युगांडा तुर्की के साथ सभी कूटनीतिक संबंध खत्म कर देगा।
कंपाला में तुर्की दूतावास बंद किया जा सकता है।
एर्दोगन का भी जिक्र
उन्होंने Recep Tayyip Erdoğan का जिक्र करते हुए कहा कि वह उनसे इस्तांबुल में मिलने की उम्मीद करते हैं और वहां उनका स्वागत “नायक” की तरह होगा। यह पहली बार नहीं है जब कैनेरुगाबा विवादों में आए हैं। 2022 में उन्होंने Kenya पर हमला कर राजधानी नैरोबी पर कब्जा करने की बात कही थी इसके बाद सरकार को माफी मांगनी पड़ी थी। उन्होंने पहले इटली की प्रधानमंत्री को भी अजीब शादी का प्रस्ताव दिया था। युगांडा के आर्मी चीफ का यह बयान कूटनीतिक शिष्टाचार से अलग और बेहद असामान्य माना जा रहा है। हालांकि अभी यह साफ नहीं है कि इसे आधिकारिक नीति माना जाएगा या व्यक्तिगत बयान, लेकिन इससे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विवाद जरूर बढ़ गया है।
