ग्रीनलैंड मुद्दे पर ट्रंप ने 8 यूरोपीय देशों को दी बड़ी राहत, 1 फरवरी से लगने वाले टैरिफ पर लगाई रोक

punjabkesari.in Thursday, Jan 22, 2026 - 01:37 AM (IST)

नेशनल डेस्कः अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार को बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि वह उन 8 यूरोपीय देशों पर टैरिफ (आयात शुल्क) नहीं लगाएंगे, जो 1 फरवरी से लागू होने वाले थे। यह फैसला ग्रीनलैंड और आर्कटिक क्षेत्र को लेकर NATO के साथ हुई बातचीत के बाद लिया गया है।

पहले टैरिफ लगाने की धमकी दी थी

इससे पहले शनिवार को ट्रंप ने कहा था कि डेनमार्क, ब्रिटेन (यूके) और NATO से जुड़े अन्य यूरोपीय देशों पर 10 फीसदी टैरिफ लगाया जाएगा। ये वही देश हैं, जो NATO के सैन्य अभ्यासों में शामिल रहते हैं। ट्रंप ने साफ कहा था कि अगर ये देश अमेरिका को ग्रीनलैंड पर नियंत्रण नहीं देते, तो उन पर यह टैरिफ लगाया जाएगा।

NATO प्रमुख से मुलाकात के बाद बदला रुख

ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Truth Social पर लिखा कि NATO के महासचिव मार्क रूटे के साथ उनकी बैठक काफी सकारात्मक और उपयोगी रही। इस बैठक के बाद ग्रीनलैंड ही नहीं, बल्कि पूरे आर्कटिक क्षेत्र को लेकर एक संभावित भविष्य के समझौते का ढांचा तैयार हुआ है। उन्होंने लिखा,“इस आपसी समझ के आधार पर मैंने फैसला लिया है कि 1 फरवरी से लगने वाले टैरिफ अब लागू नहीं किए जाएंगे।”

उन्होंने आगे लिखा, ग्रीनलैंड से संबंधित गोल्डन डोम के बारे में और बातचीत हो रही है। जैसे-जैसे बातचीत आगे बढ़ेगी और जानकारी दी जाएगी। वाइस प्रेसिडेंट जेडी वेंस, विदेश मंत्री मार्को रुबियो, स्पेशल एनवॉय स्टीव विटकॉफ, और ज़रूरत पड़ने पर दूसरे लोग भी बातचीत के लिए ज़िम्मेदार होंगे - वे सीधे मुझे रिपोर्ट करेंगे।

जून तक की दी थी चेतावनी

हालांकि ट्रंप ने पहले यह भी चेतावनी दी थी कि अगर जून तक उनकी मांगें नहीं मानी गईं, तो ये टैरिफ 10 फीसदी से बढ़ाकर 25 फीसदी तक कर दिए जाएंगे। यानी फिलहाल टैरिफ रोके गए हैं, लेकिन मामला पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है।

बाजारों पर पड़ा असर

ट्रंप के इन बयानों से पिछले कुछ दिनों में वैश्विक बाजारों में भारी उथल-पुथल देखने को मिली थी। हालांकि, जैसे ही उन्होंने टैरिफ रोकने का ऐलान किया, शेयर बाजार में तेजी आ गई और स्टॉक्स दिन के उच्चतम स्तर पर पहुंच गए।

क्यों अहम है यह मुद्दा

ग्रीनलैंड और आर्कटिक क्षेत्र रणनीतिक और संसाधनों के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माने जाते हैं। अमेरिका, यूरोप और NATO के बीच इसे लेकर लंबे समय से भू-राजनीतिक खींचतान चल रही है। ट्रंप का यह फैसला इसी बड़े अंतरराष्ट्रीय समीकरण का हिस्सा माना जा रहा है।


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Content Writer

Pardeep

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