24 घंटे में 1 लाख से ज्यादा लोग बेघर, हजारों रह रहे सरकारी शेल्टर में...जंग के बीच इस देश में गहराता जा रहा मानवीय संकट

punjabkesari.in Tuesday, Mar 10, 2026 - 10:12 PM (IST)

इंटरनेशनल डेस्कः मिडिल ईस्ट में बढ़ते संघर्ष के बीच लेबनान में मानवीय संकट गहराता जा रहा है। संयुक्त राष्ट्र की शरणार्थी एजेंसी United Nations High Commissioner for Refugees (UNHCR) के अनुसार इजरायली हमलों के कारण देश में बड़ी संख्या में लोग अपने घर छोड़ने को मजबूर हो गए हैं।

UNHCR ने बताया कि लेबनान में अब तक 6.67 लाख से ज्यादा लोग विस्थापित (डिस्प्लेस्ड) हो चुके हैं और केवल 24 घंटे के अंदर 1 लाख से अधिक नए लोग अपने घरों से बेघर हो गए।

सरकार के प्लेटफॉर्म पर 6.67 लाख से ज्यादा लोगों का पंजीकरण

जिनेवा में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान लेबनान में UNHCR की प्रतिनिधि Karolina Lindholm Billing ने बताया कि सरकार के ऑनलाइन विस्थापन प्लेटफॉर्म पर अब तक 667,000 से ज्यादा लोगों ने पंजीकरण कराया है। उन्होंने कहा कि केवल एक दिन में ही इस संख्या में 1 लाख से ज्यादा की बढ़ोतरी दर्ज की गई है और यह आंकड़ा लगातार बढ़ता जा रहा है।

हजारों लोग सरकारी शेल्टर में रह रहे

UNHCR के अनुसार करीब 1.20 लाख लोग सरकार द्वारा बनाए गए सामूहिक आश्रय स्थलों (शेल्टर) में रह रहे हैं। जबकि बड़ी संख्या में लोग अपने रिश्तेदारों या दोस्तों के घरों में शरण लिए हुए हैं। कई लोग अभी भी सुरक्षित रहने के लिए नई जगह तलाश रहे हैं। कई परिवार ऐसे भी हैं जो 2024 में शुरू हुई हिंसा के बाद दूसरी बार विस्थापित हुए हैं। इनमें से अधिकांश लोग जल्दबाजी में अपने घर छोड़कर निकल गए और अपने साथ बहुत कम सामान ही ले जा पाए।

बेरूत और अन्य क्षेत्रों में पहुंचे विस्थापित

सुरक्षा की तलाश में बड़ी संख्या में लोग Beirut, Mount Lebanon, उत्तरी जिलों और Bekaa Valley के कुछ हिस्सों की ओर जा रहे हैं। इन इलाकों में अब बड़ी संख्या में विस्थापित लोगों की भीड़ देखी जा रही है।

सीरिया की ओर भी पलायन

UNHCR के मुताबिक संघर्ष बढ़ने के बाद बड़ी संख्या में लोग Syria की ओर भी जा रहे हैं। सीरियाई अधिकारियों के अनुसार, हालिया संघर्ष शुरू होने के बाद से 78,000 से ज्यादा सीरियाई नागरिक लेबनान से वापस सीरिया लौट चुके हैं, जबकि 7,700 से अधिक लेबनानी नागरिक भी सीमा पार कर चुके हैं।

UNHCR ने दी राहत सामग्री

UNHCR ने बताया कि संघर्ष के पहले दिन से ही एजेंसी लेबनान सरकार और स्थानीय प्रशासन के साथ मिलकर राहत कार्यों में मदद कर रही है। अब तक एजेंसी ने 63,000 से ज्यादा विस्थापित लोगों को 168,000 आपातकालीन राहत सामग्री वितरित की है। ये मदद 270 से अधिक सरकारी शेल्टर केंद्रों के माध्यम से पहुंचाई गई है।

फंड की कमी से राहत कार्य पर असर

हालांकि UNHCR ने चेतावनी दी है कि लेबनान में चल रहे राहत अभियान के लिए फंडिंग बहुत कम है। एजेंसी के अनुसार फिलहाल उसके लेबनान ऑपरेशन के लिए सिर्फ 14% फंडिंग ही उपलब्ध है। अगर जल्द ही अंतरराष्ट्रीय मदद नहीं बढ़ी तो राहत कार्यों पर गंभीर असर पड़ सकता है। विशेषज्ञों का कहना है कि अगर संघर्ष जारी रहा तो लेबनान में मानवीय संकट और भी गहरा सकता है और विस्थापित लोगों की संख्या तेजी से बढ़ सकती है।


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Content Writer

Pardeep

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