Earthquake: सुबह-सुबह भूकंप के तेज झटकों से कांपी धरती, तुरंत जारी हुआ अलर्ट
punjabkesari.in Saturday, Apr 05, 2025 - 06:47 AM (IST)

इंटरनेशनल डेस्क: पापुआ न्यू गिनी में एक बार फिर धरती कांप उठी। शनिवार तड़के न्यू ब्रिटेन द्वीप के पास आए 6.9 तीव्रता के शक्तिशाली भूकंप ने पूरे इलाके में हड़कंप मचा दिया। झटके इतने जोरदार थे कि समुद्र में ऊंची-ऊंची लहरें उठने लगीं। इससे सुनामी का खतरा पैदा हो गया और तुरंत अलर्ट जारी कर दिया गया। हालांकि बाद में स्थिति नियंत्रण में आने पर चेतावनी वापस ले ली गई।
भूकंप का केंद्र और गहराई
यह भूकंप स्थानीय समय के अनुसार 5 अप्रैल की सुबह करीब 1:30 बजे आया। अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (USGS) के अनुसार, इसका केंद्र न्यू ब्रिटेन द्वीप के किम्बे शहर से 194 किलोमीटर पूर्व की ओर समुद्र में था। भूकंप की गहराई महज 10 किलोमीटर थी, जो इसे अधिक खतरनाक बनाती है।
EQ of M: 6.9, On: 05/04/2025 01:34:43 IST, Lat: 6.23 S, Long: 151.64 E, Depth: 10 Km, Location: New Britain Region P.N.G..
— National Center for Seismology (@NCS_Earthquake) April 4, 2025
For more information Download the BhooKamp App https://t.co/5gCOtjcVGs @DrJitendraSingh @OfficeOfDrJS @Ravi_MoES @Dr_Mishra1966 @ndmaindia pic.twitter.com/IGSMPez2Q3
उठीं 3 मीटर तक ऊंची लहरें
प्रशांत सुनामी चेतावनी केंद्र के अनुसार, भूकंप के बाद पापुआ न्यू गिनी की समुद्री तटीय रेखा पर कुछ हिस्सों में 1 से 3 मीटर ऊंची लहरें उठने की संभावना जताई गई थी। साथ ही पास के सोलोमन द्वीप में भी 0.3 मीटर तक की लहरें उठने का खतरा था। हालांकि एक घंटे के भीतर ही यह चेतावनी वापस ले ली गई।
जान-माल के नुकसान की खबर नहीं
फिलहाल किसी तरह के जान-माल के नुकसान की सूचना नहीं है। न्यू ब्रिटेन द्वीप पर करीब 5 लाख लोग रहते हैं, लेकिन राहत की बात यह रही कि किसी भी बड़े नुकसान की पुष्टि नहीं हुई है। फिर भी लोग दहशत में हैं और सरकार ने अलार्म बजाकर लोगों को सतर्क कर दिया है।
पड़ोसी देशों में नहीं दिखा असर
ऑस्ट्रेलिया के मौसम विज्ञान ब्यूरो और न्यूजीलैंड की एजेंसियों ने बताया कि इन देशों में सुनामी या भूकंप का कोई असर नहीं हुआ है। वहां किसी भी चेतावनी की जरूरत नहीं पड़ी।
'रिंग ऑफ फायर' पर बसा देश
पापुआ न्यू गिनी 'रिंग ऑफ फायर' नामक भूकंपीय क्षेत्र में बसा है। यह इलाका प्रशांत महासागर के चारों ओर फैला हुआ है और दुनियाभर में सबसे ज्यादा भूकंप और ज्वालामुखी विस्फोट इसी क्षेत्र में होते हैं। यही वजह है कि इस देश में अक्सर भूकंप आते रहते हैं और सरकार हमेशा आपदा से निपटने के लिए तैयार रहती है।
सरकार की सतर्कता से टला बड़ा खतरा
सरकार ने समय रहते इमरजेंसी अलार्म बजा कर लोगों को सतर्क कर दिया था। आपदा प्रबंधन टीमें अलर्ट मोड में रहीं। इस सतर्कता से एक बड़ी त्रासदी टल गई। राहत की बात यह भी रही कि भूकंप समुद्र में था और किसी घनी आबादी वाले इलाके में इसका सीधा असर नहीं पड़ा।