ईरान का Operation True Promise 4: अमेरिका से नहीं होगी कोई बातचीत, ट्रंप जब तक चाहे जारी रख सकते जंग
punjabkesari.in Wednesday, Mar 04, 2026 - 04:50 PM (IST)
International Desk: पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष पांचवें दिन और ज्यादा उग्र हो गया है। ईरान ने साफ कर दिया है कि वह अमेरिका के साथ किसी भी तरह की बातचीत नहीं करेगा और जरूरत पड़ी तो लंबे समय तक जंग जारी रखेगा। दिवंगत सर्वोच्च नेता Ali Khamenei के वरिष्ठ सहयोगी मोहम्मद मोखबर ने ईरानी सरकारी टीवी से कहा, “ईरान का अमेरिका से बातचीत का कोई इरादा नहीं है। डोनाल्ड ट्रंप जब तक चाहे जंग जारी रखें और हम जितना जरूरी होगा, उतना युद्ध जारी रख सकते हैं।”
हमलों की 17वीं लहर शुरू
ईरान की Islamic Revolutionary Guard Corps (IRGC) ने दावा किया कि उसने अमेरिका और इजरायल के ठिकानों पर हमलों की 17वीं लहर शुरू की है। IRGC के अनुसार 230 से अधिक अटैक ड्रोन दागे गए। इरबिल और कुवैत स्थित अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाया व उत्तरी इराक में “आतंकी ठिकानों” को नष्ट कर दिया। IRGC ने कहा कि यह कार्रवाई Operation True Promise 4 के तहत की गई।
बहरीन एयरबेस पर हमला
IRGC ने दावा किया कि बहरीन में एक बड़े अमेरिकी एयरबेस के कमांड सेंटर तबाह कर दिए गए हैं। ईरान के मुताबिक, जंग के पहले दो दिनों में अमेरिकी ठिकानों पर हमलों से 680 से ज्यादा अमेरिकी सैनिक हताहत हुए। इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो पाई है। ईरान ने संयुक्त राष्ट्र चार्टर के अनुच्छेद 51 का हवाला देते हुए कहा कि अमेरिकी और इजरायली हमलों के जवाब में सैन्य कार्रवाई “वैध आत्मरक्षा” है।
साइबर मोर्चे पर भी जंग
प्रो-फिलिस्तीनी हैकर ग्रुप हैंडाला ने इजरायल के Institute for National Security Studies (INSS) में सेंध लगाने का दावा किया है और गोपनीय दस्तावेज जारी करने की चेतावनी दी है। विश्लेषकों का मानना है कि बातचीत से इनकार और हमलों के दावों के साथ यह संघर्ष और व्यापक हो सकता है, जिससे पूरे पश्चिम एशिया में अस्थिरता गहरा सकती है।
