ऑस्ट्रेलिया में चूहों का आतंक: किसानों की फसलें बर्बाद, घरों में भी घुसे लाखों चूहे
punjabkesari.in Sunday, Jun 28, 2026 - 09:39 PM (IST)
इंटरनेशनल डेस्कः ऑस्ट्रेलिया के किसान इस समय एक भयानक प्राकृतिक आपदा का सामना कर रहे हैं। देश के बड़े हिस्से में चूहों की महामारी (Mouse Plague) ने तबाही मचा रखी है, जिससे न केवल फसलें बर्बाद हो रही हैं, बल्कि लोगों का घरों में रहना भी दूभर हो गया है।
फसलों और अर्थव्यवस्था पर दोहरी मार
किसान पहले से ही ईंधन और उर्वरकों की बढ़ती कीमतों और आपूर्ति की समस्याओं से जूझ रहे हैं। अब इस 'माउस प्लेग' ने उनकी कमर तोड़ दी है। चूहे खेतों में बोए गए बीजों को रातभर में चट कर जाते हैं। पश्चिमी ऑस्ट्रेलिया के किसान जेफ कॉस्ग्रोव के अनुसार, यह स्थिति 2021 के प्लेग से भी कहीं अधिक भयावह है। किसान अपनी फसलों को बचाने के लिए लाखों डॉलर खर्च कर दोबारा बुवाई कर रहे हैं या जहरीला चारा डाल रहे हैं।

घरों और जीवन पर असर
चूहों का आतंक केवल खेतों तक सीमित नहीं है। ये लोगों के घरों, छतों, एयर कंडीशनिंग यूनिट और पैंट्री में घुस गए हैं। स्थिति इतनी खराब है कि सोते समय चूहे लोगों के बिस्तरों पर दौड़ते हैं। जेफ कॉस्ग्रोव ने बताया कि चूहों की बदबू किसी 'सड़ते हुए शरीर' जैसी महसूस होती है। न्यू साउथ वेल्स में तो स्थिति इतनी गंभीर हो गई थी कि चूहों द्वारा किए गए नुकसान के कारण सैकड़ों कैदियों को जेल से दूसरी जगह स्थानांतरित करना पड़ा।

चूहों की संख्या में भारी उछाल के कारण
विशेषज्ञों का मानना है कि पिछले साल हुई रिकॉर्ड तोड़ फसल और उसके बाद हुई गर्मियों की बारिश ने चूहों के लिए 'स्वर्ग' जैसी स्थिति पैदा कर दी, जिससे उन्हें भरपूर भोजन और प्रजनन के अनुकूल माहौल मिला। कृषि विज्ञानी बेलिंडा ईस्टोघ के अनुसार, कुछ खेतों में प्रति हेक्टेयर (एक रग्बी मैदान के बराबर) 8,000 से 10,000 चूहे तक मौजूद हैं।

तेजी से प्रजनन और विशेषज्ञों की चिंता
CSIRO के शोध अधिकारी स्टीव हेनरी ने बताया कि चूहे मात्र छह सप्ताह की उम्र से प्रजनन शुरू कर देते हैं और हर 19 से 21 दिनों में 6 से 10 बच्चों को जन्म दे सकते हैं। जन्म देने के दो-तीन दिन बाद ही वे फिर से गर्भवती हो जाते हैं, जिससे इनकी संख्या विस्फोटक रूप से बढ़ती है। वहीं लंबे इंतजार के बाद, सरकार ने किसानों को अधिक शक्तिशाली जहर (Bait) इस्तेमाल करने की अनुमति दे दी है। ।
