PTI की सरकार को चेतावनीः ‘30 मिनट में जेल से बाहर होंगे इमरान, कहा- ‘खैरात नहीं, न्याय चाहिए''

punjabkesari.in Thursday, Aug 06, 2026 - 12:27 PM (IST)

Islamabad: पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की जेल में तीन साल की सजा पूरी होने के बीच उनकी पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) ने सरकार के खिलाफ एक बार फिर मोर्चा खोल दिया है। खैबर पख्तूनख्वा के मुख्यमंत्री सोहैल अफरीदी ने पेशावर में पार्टी की एक बड़ी सभा में सरकार को अल्टीमेटम देते हुए कहा कि अगर इमरान खान और उनकी पत्नी से जुड़े मामलों में न्याय नहीं मिला और जेल में मुलाकातों पर लगी पाबंदियां नहीं हटाई गईं, तो 27 सितंबर को PTI समर्थक इस्लामाबाद की ओर मार्च करेंगे। अफरीदी ने यहां तक दावा किया कि अगर इमरान खान को न्याय मिल जाता है तो वह 30 मिनट के भीतर जेल से बाहर आ सकते हैं। हालांकि, यह उनका राजनीतिक दावा है और इमरान की वास्तविक रिहाई उनके मामलों में अदालतों के फैसलों और कानूनी प्रक्रिया पर निर्भर करेगी।


 
पेशावर की सभा में सोहैल अफरीदी ने कहा कि PTI की पहली मांग इमरान खान और उनकी पत्नी के खिलाफ चल रहे मामलों की निष्पक्ष सुनवाई है। उनका कहना है कि अदालतों को मामलों का फैसला कानून और मेरिट के आधार पर करना चाहिए। अफरीदी ने दावा किया कि अगर इमरान खान को न्याय मिल जाता है तो उन्हें जेल से बाहर आने में ज्यादा समय नहीं लगेगा। उन्होंने कहा कि ऐसा नहीं हुआ तो पार्टी देशभर से अपने कार्यकर्ताओं को इस्लामाबाद बुलाएगी। उनके मुताबिक, 27 सितंबर को इस्लामाबाद मार्च  का वह खुद नेतृत्व करेंगे। PTI की दूसरी बड़ी मांग इमरान खान से जेल में मुलाकातों को दोबारा शुरू कराने की है। पार्टी चाहती है कि इमरान से उनकी कानूनी टीम, डॉक्टरों, रिश्तेदारों और पार्टी नेताओं को मिलने की अनुमति दी जाए।

 

अफरीदी ने आरोप लगाया कि इमरान खान को लंबे समय से अलग-थलग रखा गया है। उन्होंने दावा किया कि इमरान की बहनों को भी जेल में उनसे मिलने की कोशिश के दौरान परेशानियों का सामना करना पड़ा। हालांकि, ये आरोप PTI नेता की ओर से लगाए गए हैं और खबर में इन आरोपों पर सरकार या जेल प्रशासन की प्रतिक्रिया उपलब्ध नहीं है। PTI नेता ने कहा कि उनकी पार्टी सरकार से किसी तरह की खैरात नहीं मांग रही है। उनका कहना है कि पार्टी सिर्फ न्याय की मांग कर रही है। अफरीदी ने दावा किया कि PTI अपनी राजनीतिक लड़ाई संवैधानिक और लोकतांत्रिक तरीके से लड़ रही है और शांतिपूर्ण प्रदर्शन भी इसी प्रक्रिया का हिस्सा हैं।उन्होंने इमरान खान की गिरफ्तारी को ‘अपहरण’ बताते हुए सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। PTI नेता के मुताबिक, पार्टी पहले ही कानूनी और न्यायिक रास्तों का इस्तेमाल कर चुकी है, लेकिन जब वहां से न्याय नहीं मिला तो अब शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन उसका संवैधानिक अधिकार है।

 

 सोहैल अफरीदी ने पाकिस्तान के 26वें और 27वें संवैधानिक संशोधनों पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि इन संशोधनों से देश की न्यायपालिका की स्वतंत्रता कमजोर हुई है। PTI नेता का कहना था कि पार्टी ने अदालतों के माध्यम से अपने मुद्दे उठाए, लेकिन अब वह राजनीतिक और लोकतांत्रिक तरीके से जनता के बीच जाने की तैयारी कर रही है।  पेशावर की सभा में अफरीदी ने मौजूदा सरकार पर कई दूसरे आरोप भी लगाए। उन्होंने दावा किया कि अप्रैल 2022 में इमरान खान की सरकार गिरने के बाद पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था कमजोर हुई और आतंकवाद की घटनाओं में बढ़ोतरी हुई। उन्होंने खास तौर पर खैबर पख्तूनख्वा में बढ़ती हिंसा का मुद्दा उठाया और सरकार की नीतियों पर सवाल खड़े किए। 


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Content Writer

Tanuja

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