उत्तर कोरिया में कोरोना से भयानक तबाही की आहट ! सख्त लॉकडाउन के बावजूद 42 मरे, हालात 'आउट ऑफ कंट्रोल'

punjabkesari.in Sunday, May 15, 2022 - 02:03 PM (IST)

 इंटरनेशनल डेस्क: उत्तर कोरिया   में कोरोना वायरस के तेजी से बढ़ रहे मामले भारी तबाही की आहट दे रहे हैं।   तानाशाह किम जोंग द्वारा देश भर में लगाए सख्त  लॉकडाउन  के चौथे दिन देश भर में 42 लोगों की मौत  हो गई जबकि 296,180 लोगों में बुखार के लक्षण मिले हैं। कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए तानाशाह कि जोंग ने इसे एक बड़ी आपदा बताया है।   कोरोना वायरस के कारण देश में 15 और लोगों की मौत और बुखार से पीड़ित सैकड़ों रोगियों की पुष्टि की है। सरकार ने देश में कोविड​​​​-19 के प्रकोप के पहले दौर को कम करने की कोशिश में दस लाख से अधिक स्वास्थ्य कर्मियों और अन्य कार्यकर्ताओं को लगाया है। देश के सरकारी मीडिया ने रविवार को यह जानकारी दी। रविवार को दर्ज किये गये मौत के मामलों ने देश में बुखार से जान गंवानों वालों की संख्या को 42 पहुंचा दिया।

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आधिकारिक 'कोरियन सेंट्रल न्यूज एजेंसी' ने यह भी बताया कि बुखार से पीड़ित अन्य 2,96,180 लोगों की मौत के बाद मृतक संख्या बढ़कर कुल 8,20,620 हो गई है। दो साल से अधिक समय तक कोरोना वायरस मुक्त होने के व्यापक रूप से विवादित दावे को कायम रखने के बाद, उत्तर कोरिया ने बृहस्पतिवार को घोषणा की कि महामारी शुरू होने के बाद से देश में कोविड-19 के शुरुआती कुछ रोगी मिले हैं। अप्रैल के अंत से पूरे देश में “विस्फोटक रूप से” बुखार फैल गया है। लेकिन यह खुलासा नहीं किया गया है कि कोविड-19 के कितने मामले पाए गए हैं।

 

मानवीय संकट को लेकर  टेंशन में किम जोंग
कोरोना वायरस के इस प्रकोप ने उत्तर कोरिया में एक मानवीय संकट को लेकर चिंता पैदा कर दी है। माना जाता है कि देश की 2.6 करोड़ आबादी में से अधिकांश को कोरोना रोधी टीका नहीं लगा है और इस देश की सार्वजनिक स्वास्थ्य देखभाल प्रणाली दशकों से जर्जर है। कुछ विशेषज्ञों का कहना है कि उत्तर कोरिया में बड़ी संख्या में संदिग्ध कोविड-19 रोगियों का परीक्षण करने के लिए आवश्यक नैदानिक ​​किट का अभाव है। उनका कहना है कि यदि उत्तर कोरिया को टीकों, दवाओं और अन्य चिकित्सा आपूर्ति की दूसरे देशों से आने वाली खेप तुरंत प्राप्त नहीं होती हैं तो देश को बड़ी संख्या में लोगों की मौत हो सकती है।  

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किम जोंग ने सरकार और लोगों के बीच एकता का आह्वान किया
शनिवार को एंटी-वायरस रणनीतियों पर एक बैठक के दौरान किम जोंग ने इसे ऐतिहासिक रूप से बहुत बड़ा व्यवधान बताया। किम जोंग ने सरकार और लोगों के बीच एकता का आह्वान किया है, ताकि इस स्थिति को जल्द से जल्द ठीक किया जा सके। उत्तर कोरिया में कोरोना के मामले बढ़ना पूरी दुनिया के लिए चिंता है, क्योंकि यहां की स्वास्थ्य सुविधा बेहद खराब है, जिसके कारण बड़ी संख्या में लोग प्रभावित हो सकते हैं।

 

दक्षिण कोरिया ने की वैक्सीन की पेशकश
उत्तर कोरिया ने चीन की वैक्सीन के ऑफर को ठुकरा दिया था। इसके साथ ही विश्व स्वास्थ्य संगठन ने भी वैक्सीन की पेशकश की थी, लेकिन तानाशाह किम जोंग ने उसे भी मना कर दिया था। उत्तर कोरिया में WHO के एक प्रतिनिधि ने शुक्रवार को कहा कि उन्होंने पिछले साल देश को कोविड रिस्पॉन्स प्लान बनाना बताया था। मुश्किल की घड़ी में दक्षिण कोरिया भी उत्तर कोरिया को वैक्सीन भेजने की पेशकश कर रहा है। हालांकि दक्षिण कोरिया प्रशासन ने माना है कि अभी इसे लेकर उत्तर कोरिया से कोई चर्चा नहीं हुई है।

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 बता दें  कि उत्तर कोरिया पिछले दो सालों से कह रहा था कि उसके यहां कोरोना के कोई मामले नहीं हैं। लेकिन गुरुवार को उसने माना है कि वह एक विस्फोटक कोविड-19 के प्रकोप से जूझ रहा है। विश्व की चिंता यह है कि 2.5 करोड़ की आबादी को यहां टीका नहीं लगा है, जिसके चलते कोरोना वायरस स्थिति को गंभीर कर सकता है। सरकारी मीडिया ने बताया कि देश के सभी प्रांतों, शहरों को पूरी तरह बंद कर दिया गया है। 12 मई की सुबह से काम करने वाली इकाइयां, उत्पादन इकाइयां और आवासीय इकाई पूरी तरह बंद हैं। सभी नागरिकों की टेस्टिंग की जा रही है।

 


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News Editor

Taranjeet Singh

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