नेपाल में अचानक जलप्रलय ने मचाई तबाही; बाढ़ में बह गए गांव और हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट, 7 लोगों की मौत व चीन सीमा पर 4 पुलिस कर्मी लापता (Video)
punjabkesari.in Wednesday, Aug 26, 2026 - 03:16 PM (IST)
Kathmandu: नेपाल में बुधवार सुबह अचानक आई भीषण फ्लैश फ्लड ने चीन-तिब्बत सीमा से लगे रासुवा जिले में भारी तबाही मचा दी। बाढ़ जनित हादसों में 7 लोगों की मौत हो गई गई । भोटे कोशी नदी में अचानक आई बाढ़ ने गांवों, सड़कों, पुलों और हाइड्रोपावर परियोजनाओं को नुकसान पहुंचाया है। कई इलाकों में बिजली और संचार व्यवस्था भी प्रभावित हुई है। प्रशासन ने नदी किनारे रहने वाले लोगों को तुरंत सुरक्षित और ऊंचे स्थानों पर जाने की चेतावनी दी है। नेपाल के पहाड़ी जिले रासुवा में बुधवार सुबह भोटे कोशी नदी में अचानक पानी का प्रवाह बढ़ गया। स्याफ्रुबेसी और तिमुरे सबसे ज्यादा प्रभावित इलाकों में बताए जा रहे हैं। जिला प्रशासन के मुताबिक, गांवों और बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के बह जाने की खबरें मिली हैं। फिलहाल नुकसान और हताहतों की पूरी तस्वीर सामने नहीं आई है, लेकिन अधिकारियों ने बड़ी संख्या में लोगों के प्रभावित होने की आशंका जताई है।
बाढ़ में 4 पुलिस कर्मियों के भी लापता होने की खबर है। उत्तरी रसुवा में बॉर्डर आउटपोस्ट पर तैनात नेपाल आर्म्ड पुलिस फ़ोर्स (APF) के चार जवान अचानक आई बाढ़ के कारण लापता हो गए हैं। APF के प्रवक्ता डिप्टी इंस्पेक्टर जनरल नेत्र बहादुर कार्की ने बताया कि नेपाल-चीन सीमा के पास के इलाके में बाढ़ आने के बाद से ही इन चार जवानों से संपर्क नहीं हो पा रहा है।कार्की ने कहा, "बॉर्डर पोस्ट को कोई नुकसान नहीं पहुंचा है।" उन्होंने आगे कहा कि अधिकारियों को अभी यह पता लगाना है कि क्या लापता जवान बाढ़ की चपेट में आए हैं।
A massive flash flood tears through Nepal’s Himalayan border region near Tibet washing away villages and leaving roads bridges and power infrastructure heavily damaged as communities face widespread destruction#NYI pic.twitter.com/pb1VoAK1a4
— NewYork-Insight (@NewYork_Insight) August 26, 2026
तिब्बत की तरफ से आया सैलाब?
स्थानीय अधिकारियों और नेपाली मीडिया की शुरुआती रिपोर्टों के मुताबिक, बाढ़ का पानी तिब्बत की तरफ से भोटे कोशी नदी में आया । रासुवा के मुख्य जिला अधिकारी नरेंद्र परियाल ने कहा कि नेपाल की तरफ भारी बारिश की सूचना नहीं थी और अचानक सीमा पार से बड़ी मात्रा में पानी आने की जानकारी मिली। हालांकि, बाढ़ का वास्तविक कारण अभी आधिकारिक तौर पर स्पष्ट नहीं हुआ है। भोटे कोशी नदी तिब्बत से निकलकर नेपाल में आती है और आगे त्रिशूली नदी तंत्र का हिस्सा बनती है।
हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट्स को भारी नुकसान
बाढ़ ने इलाके की कई जलविद्युत परियोजनाओं को प्रभावित किया है। स्थानीय रिपोर्टों के मुताबिक कुछ परियोजना स्थल बह गए, जबकि अन्य परियोजनाओं को नुकसान पहुंचा है। बाढ़ के कारण प्रभावित इलाके में बिजली आपूर्ति भी बाधित हुई है। नेपाल के जल संसाधन मंत्रालय ने भी हाइड्रोपावर परियोजनाओं, सड़कों और पुलों को नुकसान पहुंचने की पुष्टि की है।
Massive flash flood tears through Nepal as the Bhotekoshi river surges in from Tibet, leaving Rasuwa and Nuwakot devastated.
— WION (@WIONews) August 26, 2026
Dramatic visuals from Trishuli Bazaar show the raging waters and destruction.#NepalFloods pic.twitter.com/qgtNvX3EfB
चीन सीमा जाने वाली सड़क भी तबाह
बाढ़ ने नेपाल-चीन सीमा से जुड़ी महत्वपूर्ण सड़क व्यवस्था को भी नुकसान पहुंचाया है। नेपाल के सड़क विभाग के अनुसार, बेट्रावती से रसुवागढ़ी सीमा चौकी तक करीब 42 किलोमीटर लंबी सड़क कई जगहों से बह गई है। कई कंक्रीट पुल भी बाढ़ की चपेट में आए हैं। स्याफ्रुबेसी से सीमा की तरफ जाने वाले अतिरिक्त 16 किलोमीटर हिस्से के नुकसान का आकलन अभी जारी है। इस मार्ग के जरिए नेपाल और चीन के बीच व्यापार एवं आवाजाही होती है।
कई इलाकों में संपर्क टूटा
रासुवा के कुछ हिस्सों में प्रशासन का स्थानीय लोगों से संपर्क भी टूट गया है। अधिकारियों के मुताबिक स्याफ्रुबेसी से तिमुरे तक कई इलाकों में स्थिति का पूरा आकलन अभी नहीं हो पाया है। नेपाल सरकार ने निचले और जोखिम वाले इलाकों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के निर्देश दिए हैं। नदी किनारे रहने वाले लोगों से विशेष सतर्कता बरतने को कहा गया है। प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह के निर्देश पर नेपाल पुलिस, सशस्त्र पुलिस बल, नेपाली सेना और आपदा प्रबंधन एजेंसियों को राहत एवं बचाव अभियान में लगाया गया है। दो नेपाली सेना के हेलीकॉप्टर मेडिकल टीमों के साथ प्रभावित इलाकों में भेजे गए हैं। निजी हेलीकॉप्टरों को भी जरूरत पड़ने पर इस्तेमाल के लिए तैयार रखा गया है।
