लाहौर की हवा हुई खराब, दुनिया के सबसे प्रदूषित प्रमुख शहरों में फिर टॉप पर पहुंचा
punjabkesari.in Thursday, Oct 29, 2026 - 11:32 PM (IST)
लाहौर: सर्दियों की आहट के साथ ही पाकिस्तान के लाहौर शहर में जहरीली धुंध (स्मॉग) का प्रकोप एक बार फिर गंभीर रूप ले चुका है। स्विट्जरलैंड आधारित वायु गुणवत्ता निगरानी प्लेटफॉर्म 'आईक्यूएयर' (IQAir) की लाइव रैंकिंग के अनुसार, 28 अक्टूबर की सुबह 10 बजे लाहौर 296 एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) के साथ दुनिया के सबसे प्रदूषित प्रमुख शहरों की सूची में पहले स्थान पर आ गया।
दुनिया के सबसे प्रदूषित शहरों की स्थिति और सेहत पर खतरा
वैश्विक रैंकिंग के अनुसार, मिस्र की राजधानी काहिरा 289 AQI के साथ दूसरे स्थान पर रही, जबकि भारत की राजधानी दिल्ली 272 AQI के साथ तीसरे स्थान पर दर्ज की गई। इसके अलावा ताशकंद (186 AQI) चौथे और कराची (173 AQI) पांचवें स्थान पर रहा। अमेरिकी AQI पैमाने के तहत लाहौर, काहिरा और दिल्ली की हवा को 'बेहद अस्वस्थ' (Very Unhealthy) श्रेणी में रखा गया है।

296 का AQI स्तर बच्चों, बुजुर्गों और सांस व हृदय रोगियों के स्वास्थ्य के लिए भारी जोखिम पैदा करता है। सुबह के समय गिरते तापमान और घनी धुंध के कारण दृश्यता (विजिबिलिटी) में भी भारी कमी आई है। प्रशासन ने नागरिकों और सांस के मरीजों को बाहर कम निकलने और शारीरिक गतिविधियों को सीमित रखने की सलाह दी है।
प्रदूषण के मुख्य कारण और हवा का रुख
पाकिस्तान में पिछले कुछ वर्षों से वायु प्रदूषण एक गंभीर जन स्वास्थ्य और पर्यावरणीय संकट बन गया है। पर्यावरण संरक्षण एजेंसी (EPA) के प्रवक्ता साजिद बशीर ने बताया कि मौसम में बदलाव, वाहनों का धुआं, औद्योगिक उत्सर्जन और सड़कों पर जारी विकास कार्य स्मॉग बढ़ने के मुख्य कारक हैं। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि पूर्वी दिशा से चलने वाली हवाएं सीमावर्ती क्षेत्रों से प्रदूषित हवा को लाहौर की ओर धकेल रही हैं, जिससे मध्य पंजाब में स्थिति और बिगड़ गई है।
प्रशासन की कार्रवाई और फॉग कैनन की तैनाती
स्मॉग पर काबू पाने के लिए प्रशासन कई कदम उठा रहा है। ईपीए प्रवक्ता के अनुसार, सरकार इलेक्ट्रिक ट्रकों पर सवार 30 और आधुनिक फॉग कैनन खरीदने व तैनात करने जा रही है। अत्यधिक धूल और PM10 के उच्च स्तर वाले क्षेत्रों में प्राथमिकता के आधार पर एंटी-स्मॉग गन चलाई जा रही हैं। इसके अतिरिक्त, औद्योगिक उल्लंघन रोकने के लिए 'पंजाब क्लाइमेट वॉच' की टीमें तीन शिफ्टों में निगरानी कर रही हैं और नियम तोड़ने वाले उद्योगों की जांच कर मामले दर्ज व जुर्माना लगा रही हैं।
