ईरान ने पाकिस्तानी शख्स को दिया था ट्रंप की हत्या का कॉन्ट्रैक्ट, कोर्ट में हुआ बड़ा खुलासा

punjabkesari.in Thursday, Mar 05, 2026 - 06:31 PM (IST)

इंटरनेशनल डेस्क : अमेरिका के न्यूयॉर्क में चल रहे एक हाई-प्रोफाइल मुकदमे के दौरान एक ऐसा बयान सामने आया जिसने पूरे मामले को सुर्खियों में ला दिया। पाकिस्तानी मूल के 47 वर्षीय आसिफ मर्चेंट ने अदालत में दावा किया कि उसे ईरानी खुफिया एजेंटों ने जबरन एक खतरनाक साजिश में शामिल किया था। अभियोजन पक्ष का कहना है कि मर्चेंट पर आतंकवादी गतिविधियों और कॉन्ट्रैक्ट किलिंग की साजिश रचने के गंभीर आरोप हैं, जबकि वह खुद को इस मामले में निर्दोष बता रहा है।

तीन बड़े अमेरिकी नेताओं को बनाया गया कथित निशाना

अदालत में दिए बयान में मर्चेंट ने कहा कि उसे अप्रैल 2024 में एक ईरानी हैंडलर ने अमेरिका भेजा था। उसके मुताबिक उस व्यक्ति ने उसे तीन बड़े राजनीतिक नेताओं को संभावित निशाना बताया था — Donald Trump, Joe Biden और Nikki Haley। उस समय अमेरिका में राष्ट्रपति चुनाव की तैयारी चल रही थी और ट्रंप तथा बाइडन प्रमुख दावेदार माने जा रहे थे, जबकि हेली पहले ही अपनी दावेदारी वापस ले चुकी थीं।

ईरानी एजेंटों से पुराने संपर्क का दावा

मर्चेंट ने अदालत को बताया कि उसका संपर्क कथित तौर पर ईरानी खुफिया नेटवर्क से 2022 या 2023 के आसपास हुआ था। उसके अनुसार शुरुआत में उससे अमेरिकी प्रतिबंधों से बचने के लिए मनी लॉन्ड्रिंग जैसे काम करवाए गए। बाद में उसे कथित तौर पर अमेरिकी नेताओं के खिलाफ साजिश रचने और कुछ गोपनीय दस्तावेज हासिल करने के निर्देश दिए गए।

परिवार को धमकाकर बनाया दबाव

मर्चेंट ने अदालत में कहा कि उसके परिवार को धमकाकर उसे मजबूर किया गया। उसके अनुसार ईरान में रहने वाले रिश्तेदारों को डराया गया और हथियार दिखाकर दबाव बनाया गया ताकि वह साजिश में शामिल होने के लिए तैयार हो जाए। उसने बताया कि उसकी पत्नी पाकिस्तान में उसके तीन बच्चों के साथ रहती है, जबकि परिवार के कुछ सदस्य ईरान में भी हैं।

एफबीआई के कैमरों में कैद हुई बातचीत

जांच एजेंसी Federal Bureau of Investigation के मुताबिक जून 2024 में क्वींस के एक मोटल में मर्चेंट की गतिविधियां छिपे कैमरों में रिकॉर्ड हुई थीं। अभियोजन पक्ष का दावा है कि उस दौरान वह एक रिपब्लिकन नेता की हत्या की योजना पर चर्चा करता दिखाई दिया। जांचकर्ताओं के अनुसार उसे कथित तौर पर 5,000 डॉलर की अग्रिम रकम भी दी गई थी।

खुद गिरफ्तारी की आशंका होने की बात कही

मर्चेंट ने जूरी को बताया कि उसे पहले से अंदेशा था कि साजिश सफल नहीं होगी और अंततः वह पकड़ा जाएगा। उसने कहा कि इतनी कम रकम में कोई हत्या करने के लिए तैयार नहीं होता और उसे लगा कि पूरा मामला अंत में उजागर हो जाएगा। उसने यह भी कहा कि वह अमेरिकी अधिकारियों को इस योजना के बारे में बताने का विचार कर रहा था और अमेरिका में रहने के लिए ग्रीन कार्ड पाने की कोशिश करना चाहता था।

दोष साबित होने पर हो सकती है उम्रकैद

फिलहाल मर्चेंट ने अपने ऊपर लगे आतंकवाद और कॉन्ट्रैक्ट किलिंग के आरोपों से इनकार किया है। लेकिन अगर अदालत में आरोप साबित हो जाते हैं तो उसे उम्रकैद तक की सजा हो सकती है। अभियोजन पक्ष अब उसके बयान की जिरह की तैयारी कर रहा है। यह मामला ऐसे समय सामने आया है जब अमेरिका और ईरान के बीच पहले से ही तनाव बना हुआ है और Donald Trump भी पहले कई बार दावा कर चुके हैं कि ईरान समर्थित ताकतें उन्हें निशाना बना सकती हैं।


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News Editor

Parveen Kumar

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