US : 2023 में पुलिस अधिकारी की तेज रफ्तार कार की टक्कर से हुई थी भारतीय छात्रा की मौत, अब परिवार को मिला 260 करोड़ का मुआवजा!

punjabkesari.in Friday, Feb 13, 2026 - 05:53 AM (IST)

इंटरनेशनल डेस्कः अमेरिका के सिएटल शहर प्रशासन ने 23 वर्षीय भारतीय छात्रा जाह्नवी कंडुला की मौत के मामले में उनके परिवार के साथ 2.9 करोड़ डॉलर (करीब 262 करोड़ रुपये) का समझौता किया है। जाह्नवी कंडुला की 2023 में उस समय मौत हो गई थी, जब वह सड़क पार कर रही थीं और एक तेज रफ्तार पुलिस अधिकारी की गाड़ी ने उन्हें टक्कर मार दी थी।

कैसे हुआ हादसा?

जाह्नवी को सिएटल पुलिस अधिकारी केविन डेव ने टक्कर मारी थी। रिपोर्ट के मुताबिक, वह ड्रग ओवरडोज कॉल पर प्रतिक्रिया देते हुए लगभग 74 मील प्रति घंटा (करीब 119 किमी/घंटा) की रफ्तार से गाड़ी चला रहे थे, जबकि उस सड़क पर तय गति सीमा 25 मील प्रति घंटा (करीब 40 किमी/घंटा) थी। हालांकि अधिकारी ने आपातकालीन लाइट्स ऑन कर रखी थीं और चौराहों पर सायरन का इस्तेमाल भी किया था, लेकिन तेज रफ्तार के कारण यह दर्दनाक हादसा हो गया।

सिएटल प्रशासन का बयान

सिटी अटॉर्नी एरिका इवांस ने बुधवार को जारी बयान में कहा, “जाह्नवी कंडुला की मौत बेहद दुखद थी। शहर को उम्मीद है कि यह आर्थिक समझौता कंडुला परिवार को कुछ हद तक संतोष और शांति देगा। जाह्नवी का जीवन महत्वपूर्ण था — उनके परिवार, दोस्तों और पूरे समुदाय के लिए।”

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कौन थीं जाह्नवी कंडुला?

जाह्नवी कंडुला सिएटल स्थित नॉर्थईस्टर्न यूनिवर्सिटी के कैंपस में सूचना प्रणाली (इन्फॉर्मेशन सिस्टम्स) में मास्टर डिग्री कर रही थीं। वह एक मेधावी छात्रा थीं और अपने भविष्य को लेकर बड़े सपने देख रही थीं।

वीडियो से भड़का था आक्रोश

जाह्नवी की मौत के बाद मामला तब और ज्यादा विवादित हो गया, जब एक अन्य पुलिस अधिकारी के बॉडी कैमरा का ऑडियो सामने आया। उस रिकॉर्डिंग में अधिकारी डेनियल ऑडरर हंसते हुए यह कहते सुनाई दिए कि जाह्नवी की जिंदगी की “सीमित कीमत” थी और शहर को “बस एक चेक लिख देना चाहिए।” यह टिप्पणी सामने आने के बाद भारी विरोध प्रदर्शन हुए और भारतीय समुदाय के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी आक्रोश फैल गया।

भारत ने भी मांगी थी जांच

भारत के राजनयिकों (डिप्लोमैट्स) ने इस मामले की जांच की मांग की थी। सिएटल की नागरिक निगरानी संस्था (सिविलियन वॉचडॉग) ने पाया कि अधिकारी ऑडरर की टिप्पणियों से पुलिस विभाग की छवि को नुकसान पहुंचा और जनता का भरोसा कमजोर हुआ। बाद में ऑडरर को नौकरी से निकाल दिया गया। हालांकि उन्होंने शहर प्रशासन के खिलाफ गलत तरीके से बर्खास्त किए जाने का मुकदमा दायर किया है। उनका कहना है कि उनकी टिप्पणी वकीलों की संभावित प्रतिक्रिया की आलोचना के तौर पर थी।

ड्राइविंग अधिकारी पर क्या कार्रवाई हुई?

टक्कर मारने वाले अधिकारी केविन डेव को भी पुलिस विभाग ने नौकरी से हटा दिया। उन्हें लापरवाही से वाहन चलाने का दोषी माना गया और 5,000 डॉलर का जुर्माना भरने का आदेश दिया गया। हालांकि किंग काउंटी के अभियोजकों ने उनके खिलाफ गंभीर आपराधिक (फेलोनी) आरोप दर्ज नहीं किए। उनका कहना था कि यह साबित नहीं किया जा सका कि अधिकारी ने जानबूझकर सुरक्षा नियमों की अनदेखी की।

बीमा से भरा जाएगा बड़ा हिस्सा

करीब 2.9 करोड़ डॉलर के इस समझौते में से लगभग 2 करोड़ डॉलर की राशि शहर की बीमा पॉलिसी से कवर की जाएगी। यह मामला अमेरिका में पुलिस जवाबदेही, नस्लीय संवेदनशीलता और न्याय व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े करता है। जाह्नवी कंडुला की मौत ने न केवल भारतीय समुदाय बल्कि पूरे अमेरिका में लोगों को झकझोर कर रख दिया था।


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Content Writer

Pardeep

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