Gold Price Crash : जंग के बीच सस्ता हुआ सोना, जानें दुबई में गोल्ड पर क्यों आई भारी गिरावट?

punjabkesari.in Saturday, Mar 07, 2026 - 09:02 PM (IST)

नेशनल डेस्क : मिडिल ईस्ट में बढ़ते सैन्य तनाव के बीच एक दिलचस्प स्थिति सामने आई है। जहां अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमतें लगातार ऊंचाई छू रही हैं, वहीं Dubai के गोल्ड मार्केट में व्यापारी ग्राहकों को छूट देकर सोना बेच रहे हैं। आमतौर पर युद्ध या वैश्विक अस्थिरता के समय सोना महंगा हो जाता है, लेकिन मौजूदा हालात में दुबई के बाजार में उल्टा ट्रेंड देखने को मिल रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि इसके पीछे प्रमुख कारण लॉजिस्टिक्स और सप्लाई चेन में आई बाधाएं हैं।

हवाई मार्ग बाधित होने से अटकी सप्लाई

ईरान और उसके आसपास के कई इलाकों में एयरस्पेस असुरक्षित घोषित होने के कारण अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर असर पड़ा है। सोने का बड़ा हिस्सा आमतौर पर यात्री विमानों के जरिए अलग-अलग देशों तक पहुंचाया जाता है। उड़ानों के रद्द होने या मार्ग बदलने से यह सप्लाई बाधित हो गई है। दुबई के पास फिलहाल सोने का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है, लेकिन उसे प्रमुख वैश्विक ट्रेडिंग केंद्रों जैसे London और New York City तक भेजना मुश्किल हो गया है। इसी कारण कई व्यापारी लगभग 30 डॉलर प्रति औंस तक की छूट देकर स्टॉक निकालने की कोशिश कर रहे हैं।

ट्रांसपोर्ट और बीमा खर्च में भारी बढ़ोतरी

विशेषज्ञों के अनुसार मौजूदा हालात में सोने के परिवहन और बीमा की लागत भी तेजी से बढ़ गई है। युद्ध की स्थिति के कारण शिपिंग और इंश्योरेंस खर्च 60 से 70 प्रतिशत तक बढ़ चुका है। कुछ कारोबारी ओमान या सऊदी अरब के रास्ते जमीनी मार्ग से सोना भेजने के विकल्प पर विचार कर रहे हैं, लेकिन सीमा पार सुरक्षा जोखिमों के कारण यह प्रक्रिया भी आसान नहीं है। अनिश्चित डिलीवरी और बढ़ती लागत के चलते कई अंतरराष्ट्रीय खरीदारों ने नए ऑर्डर फिलहाल रोक दिए हैं।

भारत पर भी पड़ सकता है असर

भारत दुनिया के सबसे बड़े सोना उपभोक्ताओं में शामिल है और इसकी बड़ी सप्लाई दुबई से आती है। ऐसे में लॉजिस्टिक्स संकट का असर भारतीय बाजार पर भी पड़ सकता है। उद्योग विशेषज्ञों का कहना है कि कुछ शिपमेंट रुकने के कारण फिलहाल फिजिकल गोल्ड की उपलब्धता में हल्की कमी देखी जा रही है। हालांकि भारत में पहले से आयात किए गए स्टॉक के कारण अभी बाजार में घबराहट की स्थिति नहीं है।

लंबा खिंचा तनाव तो बढ़ सकती हैं कीमतें

बाजार विश्लेषकों का मानना है कि यदि क्षेत्रीय तनाव जल्दी कम हो जाता है तो सप्लाई चेन फिर से सामान्य हो सकती है। लेकिन अगर यह संकट लंबे समय तक जारी रहता है, तो भारत समेत कई देशों में सोने की उपलब्धता पर असर पड़ सकता है और घरेलू कीमतों में तेज उछाल देखने को मिल सकता है। फिलहाल अंतरराष्ट्रीय बाजार में स्पॉट गोल्ड करीब 5,000 डॉलर प्रति औंस के आसपास कारोबार करता दिखाई दे रहा है, जिससे निवेशकों में भी अनिश्चितता बनी हुई है।


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News Editor

Parveen Kumar

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