यूरोप के 27 देशों में 22 हजार प्रदर्शन; फ्रांस में सबसे ज्यादा 66% हिंसा, जर्मनी के 34 शहरों में युवा सड़कों पर

punjabkesari.in Monday, Nov 02, 2026 - 01:00 PM (IST)

Paris: यूरोप में महंगाई, बेरोजगारी और सरकारी नीतियों के खिलाफ लोगों का गुस्सा सड़कों पर दिखाई देने लगा है। फ्रांस से जर्मनी और इटली से स्पेन तक सरकारों के खिलाफ प्रदर्शन तेज हो रहे हैं। इस साल यूरोपीय संघ के 27 देशों में 19 अक्टूबर तक करीब 22 हजार प्रदर्शन दर्ज किए गए। इनमें फ्रांस सबसे आगे रहा, जहां हिंसा से जुड़े 950 प्रदर्शन हुए। दावा है कि यूरोपीय संघ में इस साल दर्ज हिंसक प्रदर्शनों में फ्रांस की हिस्सेदारी करीब 66 प्रतिशत रही। अक्टूबर में ही आठ देशों में आंदोलन और विरोध प्रदर्शन हुए। कहीं छात्र शिक्षा व्यवस्था के खिलाफ सड़कों पर हैं तो कहीं कर्मचारी महंगाई, कम वेतन और सरकारी खर्च में कटौती का विरोध कर रहे हैं। सवाल यह है कि आखिर यूरोप के विकसित देशों में लोगों का गुस्सा इतना क्यों बढ़ रहा है?

 

फ्रांस में लगातार तीसरे हफ्ते प्रदर्शन 
यूरोप में विरोध प्रदर्शनों का सबसे बड़ा केंद्र फ्रांस बना हुआ है। इस साल यहां करीब 7,300 प्रदर्शन दर्ज किए गए। महंगाई और शिक्षा व्यवस्था की बदहाली को लेकर लगातार तीसरे सप्ताह छात्र, कर्मचारी और मजदूर संगठन सड़कों पर उतर रहे हैं। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, देशभर में करीब 3.2 लाख लोगों ने प्रदर्शनों में हिस्सा लिया। इससे पहले 17 अक्टूबर को 5.5 लाख और 24 अक्टूबर को 4 लाख से ज्यादा लोग सड़कों पर उतरे थे। इन आंदोलनों की शुरुआत स्कूलों की जर्जर इमारतों, शिक्षकों की कमी और विश्वविद्यालयों की खराब व्यवस्था से नाराज छात्रों ने की थी। बाद में मजदूर संगठनों और राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों की नीतियों से नाराज लोग भी आंदोलन में शामिल हो गए। इन प्रदर्शनों के दौरान 560 से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार किया गया।


जर्मनी के 34 शहरों में एक लाख से ज्यादा युवा सड़कों पर
फ्रांस के बाद जर्मनी में भी विरोध की आवाज तेज हो रही है। 'जेन जी रेजिस्ट' नाम के संगठन के आह्वान पर देश के 34 शहरों में एक लाख से ज्यादा युवा सड़कों पर उतरे।प्रदर्शनकारियों ने शिक्षा, स्वास्थ्य, आवास और पर्यावरण संरक्षण से जुड़ी मांगें उठाईं। बर्लिन और फ्रैंकफर्ट समेत कई शहरों में प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़पें हुईं। कुछ जगह दुकानों में तोड़फोड़ और लूटपाट की घटनाएं भी सामने आईं।

 

यूरोप के इन 8 देशों में अक्टूबर में आंदोलन
अक्टूबर के दौरान यूरोप के आठ देशों में विरोध प्रदर्शन दर्ज किए गए। इन देशों में आंदोलन के मुद्दे अलग-अलग रहे, लेकिन महंगाई, सरकारी नीतियां, रोजगार और आम लोगों के जीवनयापन का बढ़ता खर्च प्रमुख कारणों में शामिल रहे।

  • - फ्रांस
  • - इटली
  • - जर्मनी
  • - अल्बानिया
  • - स्पेन
  • - ग्रीस
  • - बेल्जियम
  • - सर्बिया

पांच साल के औसत से कम प्रदर्शन, लेकिन हिंसा बढ़ी
वैश्विक संघर्ष और राजनीतिक हिंसा पर नजर रखने वाले संगठन एक्लेड के मुताबिक, यूरोपीय संघ में इस साल प्रदर्शन पिछले पांच साल के औसत से करीब 7 प्रतिशत कम रहे हैं। हालांकि, प्रदर्शनों की कुल संख्या में कमी के बावजूद हिंसक घटनाओं को लेकर चिंता बनी हुई है। पिछले पांच साल में यूरोपीय संघ में हिंसक प्रदर्शन सामान्य स्तर से करीब तीन गुना बढ़े हैं। इनमें ज्यादातर घटनाएं पिछले तीन वर्षों में दर्ज की गईं। पोलैंड में पिछले साल के मुकाबले प्रदर्शनों में 50 प्रतिशत से ज्यादा और ग्रीस में 25 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई। वहीं ब्रिटेन में 2022 के मुकाबले प्रदर्शन करीब 50 प्रतिशत कम हुए हैं। स्पेन में भी इनकी संख्या में गिरावट आई है।

 

 


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Content Writer

Tanuja

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