2 डॉलर में बेचता था डाक टिकट, पाकिस्तानी शख्स पर USPS को 1,190 करोड़ रूपये का चूना लगाने का आरोप

punjabkesari.in Saturday, Oct 24, 2026 - 12:37 PM (IST)

Faheem Akram Cyber Crime Agency : अमेरिकी डाक सेवा को 126 मिलियन डॉलर यानी करीब 1,190 करोड़ रूपये से अधिक का कथित नुकसान पहुंचाने के मामले में पाकिस्तान के एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया है। उस पर फर्जी पोस्टेज लेबल बेचने वाली वेबसाइट संचालित करने का आरोप है, जिसके  जरिए ग्राहकों को कम कीमत पर पार्सल भेजने के लिए नकली लेबल उपलब्ध कराए जाते थे। गिरफ्तार आरोपी की पहचान 33 वर्षीय फहीम अकरम के रूप में हुई है। वह पाकिस्तान के पूर्वी पंजाब प्रान्त के खानेवाल का निवासी है। न्यूयॉर्क पोस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तानी अधिकारियों ने कई सप्ताह तक देश के अलग-अलग हिस्सों में तलाशी अभियान चलाया, जिसके बाद मंगलवार को उसे हिरासत में लिया गया।

पाकिस्तान की नेशनल साइबर क्राइम इन्वेस्टिगेशन एजेंसी के वरिष्ठ अधिकारी आतिफ अमीर ने पत्रकारों को आरोपी  की गिरफ़्तारी दी। वहीं, अमेरिका के 
फ्लोरिडा स्थित दक्षिणी जिले के अटॉर्नी कार्यालय के अनुसार, एक संघीय ग्रैंड ज्यूरी ने भी फहीम अकरम के खिलाफ आरोप तय किए हैं। हालांकि ये आरोप हैं और अदालत में दोष साबित होना बाकि है।  

कैसे काम करता है यह फर्जीवाड़ा ?
अमेरिकी  अभियोजकों के मुताबिक, फहीम अकरम LabelsBank.com नाम की वेबसाइट संचालित करता था। आरोप है कि वह वेबसाइट के माध्यम से उसने 5,200 से अधिक ग्राहकों को 51 लाख से ज्यादा फर्जी डाक लेबल बेचे।

रिपोर्ट के अनुसार, वेबसाइट पर हर लेबल की कीमत करीब 2 डॉलर यानी लगभग 189 रुपये रखी गई थी। 

पार्सल का वजन, आकर या उसे कहां भेजना है, इससे कीमत पर कोई फर्क नहीं पड़ता था। इस वजह से ग्राहक आधिकारिक डाल शुक्ल के मुकाबले काफी कम पैसे देकर अपने पार्सल भेज पा रहे थे।  बताया जा रहा है कि इन नकली लेबलों के जरिए भेजे गए पार्सल को अमेरिकी डाक सेवा (USPS) ने निर्धारित डाक शुल्क प्राप्त किए बिना ही प्रोसेस किया और डिलीवर किया। इससे डाक सेवा को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा।
अमेरिकी डाक सेवा को हुआ यह कथित नुकसान 126 मिलियन डॉलर यानी करीब 1,190 करोड़ रुपये से अधिक आंका गया है। हालांकि, यह रकम USPS को हुए अनुमानित नुकसान को दर्शाती है, न कि वेबसाइट के जरिए फहीम अकरम की कुल कमाई को।

जांच में 16 बैंक खातों का पता चला
आतिफ अमीर के मुताबिक, जांच के दौरान अधिकारियों को पता चला कि फहीम अकरम अगस्त 2023 से सितंबर 2026 तक कथित तौर पर इस वेबसाइट का संचालन कर रहा था। इस पूरे कामकाज से जुड़े लेन-देन के लिए उसने कथित तौर पर 16 अलग-अलग बैंक खातों का इस्तेमाल किया। जांच में सामने आया कि इन खातों में अकरम के निजी खातों के साथ-साथ उसके परिवार के सदस्यों के खाते भी शामिल थे। इनमें उसके भाई, पत्नी, बहन और चाची या बुआ के खाते होने की बात कही गई है। अकरम को गिरफ्तार करने से पहले पाकिस्तानी अधिकारियों ने मामले की जांच के तहत देश के विभिन्न इलाकों में छापेमारी और तलाशी अभियान चलाया था।

फहीम अकरम को अमेरिका प्रत्यर्पित किया जाएगा या उसके खिलाफ पाकिस्तान में ही कानूनी कार्रवाई होगी, इस बारे में अधिकारियों ने अभी तक कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी है। अमेरिका में दाखिल आरोप-पत्र के मुताबिक, अकरम पर कथित तौर पर एक अनधिकृत ऑनलाइन प्लेटफॉर्म चलाने का आरोप है। इस वेबसाइट के जरिए हजारों ग्राहकों को ऐसे फर्जी शिपिंग लेबल बेचे जाने का दावा किया गया है, जिनकी कीमत आधिकारिक डाक शुल्क से काफी कम थी।

यह मामला अमेरिकी डाक सेवा (USPS) को 126 मिलियन डॉलर यानी करीब 1,190 करोड़ रुपये से अधिक के कथित वित्तीय नुकसान से जुड़ा है। हालांकि, अकरम पर लगाए गए आरोप अभी साबित नहीं हुए हैं और उसकी दोषसिद्धि का फैसला अदालत में कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही होगा।
 


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Content Editor

Prachi Sharma

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