नाइजर में तख्तापलट की कोशिश नाकाम: नियामे में भीषण गोलीबारी के बाद दर्जनों सैनिक गिरफ्तार

punjabkesari.in Sunday, Aug 30, 2026 - 10:28 AM (IST)

नियामे : नाइजर की राजधानी नियामे में देश की सत्तारूढ़ सैन्य सरकार के खिलाफ सैन्य विद्रोह की एक बड़ी कोशिश को नाकाम कर दिया गया है। सरकारी प्रसारक और विश्लेषकों के अनुसार इस झड़प के दौरान दर्जनों सैनिक या तो मारे गए हैं या गिरफ्तार कर लिए गए हैं। यह घटना मौजूदा सैन्य शासन के सामने अब तक का सबसे बड़ा आंतरिक खतरा मानी जा रही है।

सरकारी टेलीविजन प्रसारण और विश्लेषकों के अनुसार यह देश की सत्तारूढ़ सैन्य सरकार के लिए एक बड़ा खतरा हो सकता है। इस घटना को युवा सैनिकों के असंतोष का परिणाम माना जा रहा है और कहा जा रहा है कि ये सैनिक देश में बढ़ती चरमपंथी हिंसा और सैन्य सरकार की नीतियों से नाराज हैं। 

विश्लेषकों और राजनयिकों के अनुसार रूस की अफ्रीका कोर ने विद्रोह को दबाने के लिए स्थानीय सुरक्षा बलों को हवाई और जमीनी सहायता उपलब्ध कराई। सरकारी प्रसारक 'आरटीएन' ने दर्जनों अधिकतर युवा सैनिकों को सार्वजनिक रूप से ले जाए जाने के दृश्य दिखाए। 

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इससे पहले शनिवार रात नियामे के मुख्य हवाई अड्डे के भीतर स्थित एक प्रमुख सैन्य अड्डे और राष्ट्रपति महल के पास लगातार गोलीबारी और विस्फोटों की आवाजें सुनी गई थीं। रिपोर्ट के अनुसार कई स्थानों पर कुछ घंटों तक लड़ाई चली जिसके बाद सुरक्षा बलों ने धीरे-धीरे स्थिति पर नियंत्रण पा लिया और इन अनुशासनहीन सैनिकों को गिरफ्तार कर उन्हें निष्क्रिय कर दिया। 

हालांकि सैन्य नेता अब्दुर्रहमान चियानी के ठिकाने के बारे में कोई जानकारी नहीं मिल सकी है। रूसी मीडिया ने नाइजर में रूस के राजदूत विक्टर वोरोपायेव के हवाले से बताया कि नाइजर के वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों ने हवाई अड्डे पर स्थित अफ्रीका कोर के ठिकाने का दौरा किया और विद्रोह दबाने में सहायता के लिए उसके जवानों का आभार जताया। 

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राजनयिकों और विश्लेषकों के अनुसार विद्रोह करने वाले कुछ सैनिक देश के दक्षिण-पश्चिमी हिस्से से आए थे जो सबसे अधिक असुरक्षित क्षेत्रों में शामिल है। शनिवार सुबह सरकारी प्रसारण कुछ समय के लिए बंद हो गया था लेकिन बाद में फिर शुरू हुआ। 

चैनल ने नाइजर के रक्षा मंत्री जनरल सलीफू मोदी का बयान प्रसारित किया जिसमें उन्होंने कहा कि कुछ सैनिकों ने सैन्य अड्डे पर अधिकारियों को बंधक बना लिया और अनुशासन तथा सैन्य नियमों का उल्लंघन करते हुए संवेदनशील स्थानों पर गोलीबारी की।


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Content Editor

Rohini Oberoi