चीन में काम के अधिक बोझ कारण आत्मदाह कर रहे कर्मचारी

2021-01-19T10:37:13.043

 बीजिंगः  चीन में कम सैलरी, भेदभाव व काम के दबाव  कारण  ई-कॉमर्स कर्मचारी आत्महत्या करने को मजबूर हो रहे हैं। कोरोना वायरस महामारी के बीच भी काम करते रहे ई-कॉमर्स कर्मचारी अपने वेतन और खुद के साथ हो रहे बर्ताव से इतने नाखुश हैं कि एक ने तो विरोध जताते हुए आत्मदाह कर लिया। जानकारी के अनुसार कोरोना महामारी ने उनका तनाव और बढ़ा दिया है  और टेक कंपनियों के कर्मचारी तनाव के अधिक  शिकार हो रहे हैं।

 

महामारी के दौरान जहां लाखों परिवार घरों में कैद रहे, वहीं सामान की मांग बढ़ गई और कर्मचारियों ने जमाने वाली सर्दी में भी टनों सब्जी, चावल, मांस और अन्य खाद्य सामग्रियों तथा डायपर आदि की आपूर्ति की। प्रौद्योगिकी क्षेत्र के उद्योगों में आधिकारिक स्तर के कर्मचारियों की पगार अन्य कुछ उद्योगों से अच्छी है, लेकिन कर्मचारियों से एक दिन में 12 घंटे से अधिक काम लिया जाता है। होम डिलिवरी करने वाले ई-काॅमर्स कंपनियों के कर्मचारी कड़ाके की ठंड में भी खाने-पीने का सामान घर-घर पहुंचा रहे हैं। उनसे 12-12 घंटे काम लिया जा रहा है। 

 

 ऐसे ही काम के दबाव में अली बाबा समूह के एक कर्मचारी ने आत्मदाह का प्रयास किया। वह अस्पताल में जिंदगी व मौत से जंग लड़ रहा है। एक अन्य कंपनी के दो कर्मचारी खुदकुशी कर चुके हैं। अलीबाबा ग्रुप की ई-कॉमर्स कंपनी के ड्राइवर ने सैलरी नहीं मिलने के कारण आत्मदाह का प्रयास किया। चीनी सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल हो रहा है। हालांकि मौके पर मौजूद लोगों ने लुई जिन नाम के इस ड्राइवर को तुरंत अस्पताल भेजा, जहां इलाज चल रहा है। इन घटनाओं से चीन में ऐसी कंपनियों के खिलाफ गुस्सा बढ़ रहा है, जो कर्मचारियों से मनमाना काम ले रही हैं और उचित वेतन भी नहीं दे रहीं। 

 

इसे बड़ी चिंता की बात बताते हुए सरकारी शिन्हुआ समाचार एजेंसी ने काम के घंटे कम करने की वकालत की है। इस तरह के विवाद चीन के इंटरनेट उद्योग की छवि के लिए झटका है जो देश की अर्थव्यवस्था को बदल रहा है और नये रोजगार पैदा कर रहा है। इस उद्योग ने कई ई-कॉमर्स कंपनियों के संस्थापकों को दुनिया के सबसे धनी उद्यमियों तक में शामिल किया है। 


Content Writer

Tanuja

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