यूरोप में जानलेवा हीटवेव का तांडव: सिर्फ 35°C में लोग बेहाल, राहत के लिए समुद्र-नदियों में घुसे कई लोगों की मौत
punjabkesari.in Wednesday, May 27, 2026 - 03:23 PM (IST)
International Desk: यूरोप इस समय भीषण हीटवेव की चपेट में है। फ्रांस, ब्रिटेन और स्पेन जैसे देशों में तापमान 35 से 36 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है। भारत में यह तापमान सामान्य माना जाता है, लेकिन यूरोप के लिए यही गर्मी अब जानलेवा साबित हो रही है। फ्रांस में कम से कम 7 लोगों की मौत गर्मी से जुड़ी घटनाओं में हुई है। अधिकारियों के अनुसार, अधिकतर मौतें समुद्र तटों और नदियों में डूबने से हुईं। लोग तेज गर्मी से राहत पाने के लिए पानी की तरफ भागे, लेकिन हादसों का शिकार हो गए। कुछ लोगों की खेल गतिविधियों के दौरान तबीयत बिगड़ने से भी मौत हुई।
A heat dome is pushing temperatures above 35°C in parts of the U.K., as hot air becomes trapped over the region, fueling a wider heatwave across Europe and raising warnings of a prolonged, record-breaking summer. TVP World’s Konrad Gorliński reports. pic.twitter.com/AegqlS85As
— TVP World (@TVPWorld_com) May 26, 2026
ब्रिटेन और आयरलैंड में भी कई लोगों की डूबने से मौत की खबरें सामने आई हैं। रिकॉर्ड गर्मी के बीच लोग नदियों, झीलों और समुद्र तटों पर पहुंचे थे। कई किशोर पानी में उतरते समय हादसों का शिकार हुए। विशेषज्ञों का कहना है कि इस बार गर्मी मई महीने में ही असामान्य रूप से जल्दी आ गई। यूरोप में इतनी जल्दी इतनी तेज गर्मी आम नहीं होती। इसलिए वहां लाइफगार्ड, कूलिंग सेंटर और सार्वजनिक हीट अलर्ट जैसी व्यवस्थाएं पूरी तरह तैयार नहीं थीं। यूरोप की सबसे बड़ी समस्या वहां का इंफ्रास्ट्रक्चर है। वहां के घर और इमारतें ठंड से बचने के हिसाब से बनाई गई हैं। मोटी दीवारें, कम वेंटिलेशन और बंद डिजाइन गर्मी को अंदर फंसा लेते हैं। ब्रिटेन, फ्रांस और जर्मनी जैसे देशों में एयर कंडीशनर अभी भी बहुत कम इस्तेमाल होते हैं।
इसी वजह से जब बाहर तापमान 35 डिग्री पहुंचता है, तो घरों और ट्रेनों के अंदर हालात और ज्यादा खराब हो जाते हैं। कई शहर “हीट ट्रैप” में बदल जाते हैं। विशेषज्ञों ने “ट्रॉपिकल नाइट्स” को भी बड़ा खतरा बताया है। इसका मतलब है कि रात में भी तापमान काफी ऊंचा बना रहता है। शरीर को दिन की गर्मी से उबरने के लिए ठंडी रात चाहिए होती है, लेकिन जब रात में भी गर्मी कम नहीं होती, तो दिल, किडनी और सांस की बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार, अत्यधिक गर्मी बुजुर्गों, बच्चों और पहले से बीमार लोगों के लिए सबसे ज्यादा खतरनाक होती है। वैज्ञानिकों का कहना है कि जलवायु परिवर्तन की वजह से यूरोप में हीटवेव पहले से ज्यादा तेज और लंबी होती जा रही हैं। जिन देशों को कभी ठंडे मौसम के लिए जाना जाता था, वे अब रिकॉर्ड गर्मी से जूझ रहे हैं।
